महाराष्ट्र सरकार संकट लाइव अपडेट: सीएम उद्धव ठाकरे ने सरकारी आवास छोड़ा, परिवार समेत पहुंचे मातोश्री, उद्धव ठाकरे के कट्टर समर्थक समेत चार और विधायक पहुंचे गुवाहाटी, सियासी हलचल हुई तेज

June 23rd, 2022

हाईलाइट

  • मुश्किल में उद्धव सरकार

डिजिटल डेस्क,गुवाहाटी। महाराष्ट्र में जारी राजनीतिक संकट के बीच चार और विधायक गुवाहाटी के रेडिसन ब्लू होटल पहुंच गए हैं। इस वक्त महाराष्ट्र सरकार पर संकट के बादल छाए हुए हैं। बागी  विधायकों के गुवाहाटी रेडिसन ब्लू होटल में पहुंचने का सिलसिला अभी भी जारी है। 

बीबीसी मराठी के मुताबिक इसमें गुलाबराव पाटिल, योगेश कदम, चंद्रकांत पाटिल और मंजुला गावित शामिल हैं। गुलाबराव पाटिल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के कट्टर समर्थक माने जाते हैं। उनके गुवाहाटी आने से हर कोई अचंभित है। दूसरी तरफ उद्धव ठाकरे अपना सरकारी आवास 'वर्षा' छोड़कर मातोश्री के पचुंत गए हैं।

महाराष्ट्र सिसायसी हलचल के बीच एक और बड़ी खबर आ रही है। एएनआई न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि महाराष्ट्र शिवसेना के दो और विधायक माहिम निर्वाचन क्षेत्र से सदा सर्वंकर और कुर्ला निर्वाचन क्षेत्र से मंगेश कुडलकर, गुजरात के सूरत के लिए रवाना हो गए हैं।

एक तरफ सूबे के सीएम उद्धव ठाकरे परिवार सहित सरकारी आवास को छोड़कर अपने निजी आवास मातोश्री पहुंच गए हैं। तो वहीं दूसरी तरफ बागी विधायकों के टूटने का सिलसिला जारी है। हालांकि महाराष्ट्र सरकार में मंत्री आदित्य ठाकरे मातोश्री पहुंचकर अपने समर्थकों का अभिवादन स्वीकार किया और उनको विक्ट्री का साइन भी दिखाया। मातोश्री पहुंचने के बाद आदित्य ठाकरे समर्थकों के बीच पूरे जोश में दिखे और चेहरे पर मुस्कान भी बनी हुई थी।

 मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे परिवार समेत मातोश्री पहुंच चुके हैं। उनके समर्थन में मातोश्री के बाहर सैकड़ों की संख्या में शिवसेना कार्यकर्ता पहुंच गए हैं। जहां पर उद्धव ठाकरे के पक्ष में जमकर नारेबाजी कर रहे हैं।

महाराष्ट्र में सियासी हलचल का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। खबरों के मुताबिक, मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष जया ठाकुर ने इस सियासी हंगामे को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाई हैं। उन्होंने याचिका दायर कर कहा है कि दलबदल कानून के तहत शिवसेना के बागी विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। जया ठाकुर ने अपनी याचिका में अदालत से बागी विधायकों के चुनाव लड़ने से पांच साल तक रोक लगाने की मांग की है। हालांकि महाराष्ट्र सियासी हंगामे के बीच सीएम उद्धव ठाकरे मातोश्री पहुंच गए हैं।

महाराष्ट्र में इस वक्त बड़ी सियासी हलचल देखने को मिल रही है। सूबे के सीएम उद्धव ठाकरे ने परिवार के साथ सरकारी आवास छोड़ दिया है और अपने निजी आवास मातोश्री जा रहे हैं। उद्धव ठाकरे के साथ उनकी पत्नी रश्मि ठाकरे, पुत्र आदित्य ठाकरे व तेजस ठाकरे भी मौजूद हैं। महाराष्ट्र की सियासत में सीएम उद्धव सबसे बुरे दौर से गुजर रहे है। हालांकि सीएम उद्धव ठाकरे के समर्थक जबरदस्त नारेबाजी कर रहे हैं। 

उद्धव तुम आगे बढ़ो, हम तुम्होरे साथ हैं, यह कहकर उनका हौसला बढ़ा रहे हैं। सीएम उद्धव ठाकरे रात्रि के करीब 10 बजे सराकारी आवास छोड़कर कौन सा संदेश देना चाहते है। महाराष्ट्र की सियासत में अब सवाल उठने लगे हैं। राजनीतिक जानकारों की माने तो उद्धव ठाकरे ये दिखाना चाहते है कि उनको पद का कोई लालच नहीं है। इसकी वजह से देर रात परिवार के साथ सरकारी आवास छोड़कर निकल लिए हैं।

महाराष्ट्र राजनीतिक संकट के बीच एनसीपी प्रमुख शरद पवार और सीएम उद्धव ठाकरे के बीच बैठक खत्म हो गई है। हालांकि इन दोनों नेताओं के बीच क्या बात हुई, ये सार्वजनिक नहीं हो पाया है। उधर, महाराष्ट्र के ठाणे में शिवसेना के बागी विधायक एकनाथ शिंदे के समर्थन में पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से जगह-जगह पोस्टर लगाए जा रहे हैं। इस वक्त देश में महाराष्ट्र की राजनीति चर्चा का केंद्र बिंदु बनी हुई है।

 मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने मुलाकात की है। जिसके बाद फैसला लिया गया है कि कल एनसीपी विधायकों की बैठक होगी। महाराष्ट्र की सियासत में गरमी बढ़ती जा रही है। बागी विधायकों की वजह से सीएम उद्धव ठाकरे की कुर्सी पर खतरा मंडरा रहा है। उधर खबर आ रही है कि बीजेपी ने भी अपनी कमर कस ली है। बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस के घर पर भी बीजेपी के बड़े नेता पहुंच रहे हैं। महाराष्ट्र की सियासत में बड़ी उठापटक की संभावना जताई जा रह ी है।

महाराष्ट्र राजनीतिक संकट के बीच शरद पवार खुद सीएम उद्धव ठाकरे से मिलने पहुंचे हैं। एएनआई न्यूज के मुताबिक, एनसीपी प्रमुख शरद पवार के साथ कांग्रेस नेता जितेंद्र आव्हाड व सुप्रिया सूले भी मौजूद हैं। कुछ देर पहले ही सीएम उद्धव ठाकरे ने फेसबुक लाइव के जरिए जनता को संबोधित किया और अपना पक्ष रखा। यहां तक उन्होंने अपने पद को छोड़ने की पेशकश भी की। लेकिन, उन्होंने कहा कि इसके लिए बागी विधायक सामने आए और कहें।

महाराष्ट्र सियासत में उठापटक के बीच महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे फेसबुक लाइव के जरिए जनता से बातचीत कर रहे हैं। सीएम उद्धव ठाकरे ने अपने संबोधन में बागी विधायक शिंदे पर इशारों में हमला बोलते हुए कहा कि लकड़ी की कुल्हाड़ी ही पेड़ काटती है।

उन्होंने बागी विधायकों से कहा कि आप सामने आकर बोले तो मैं सीएम पद को छोड़ने को तैयार हूं। उन्होंने आगे कहा कि शिवसैनिक गद्दारी न करें। जो भी बात करनी है, सामने आकर कहें। सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि मैं विधायकों को अपना इस्तीफा देने को तैयार हूं, वे यहां आएं और मेरा इस्तीफा राजभवन ले जाएं। मैं शिवसेना पार्टी प्रमुख का पद भी छोड़ने को तैयार हूं, लेकिन हमारे कार्यकर्ता कहें। 

उन्होंने कहा कि साल 2019 में जब तीनों दल एक साथ आए तो शरद पवार ने मुझसे कहा कि मुझे सीएम पद की जिम्मेदारी लेनी है। मुझे पहले का अनुभव भी नहीं था। लेकिन मैंने जिम्मेदारी ली। शरद पवार और सोनिया गांधी ने मेरी बहुत मदद की, उन्होंने मुझ पर अपना विश्वास बनाए रखा।

इस बात की जानकारी महाराष्ट्र सीएम के ऑफिशियल साइट से ट्वीट कर दी गई है। जनता से संवाद के बाद 6 बजे शरद पवार से सीएम उद्धव ठाकरे मिलेंगे।

   

 

 शिवसेना के व्हिप को एकनाथ शिंदे ने गलत ठहराया। शिंदे के साथ मौजूद विधायकों ने एक लेटर पर साइन कर अपने सभी पत्रों को राज्यपाल को भेजने की तैयारी कर ली  है।  राजनीतिक गलियारों में ये खबर चल रही हैं कि बागी विधायकों के साथ राज्यपाल वीसी के साथ जुड़ सकते हैं। 

 शिवसेना ने अपने मंत्री एकनाथ शिंदे के साथ गए बागी विधायको को पत्र जारी कर,  बुधवार की शाम 5 बजे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के सरकारी बंगले पर आयोजित बैठक में शामिल होने  का निर्देश दिया है। पार्टी के मुख्य प्रतोद सुनील प्रभु की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है। इस बैठक में बगैर जरूरी कारण के लिखित तौर पर सूचना दिए बैगर गैर मौजूद नहीं रह सकते। बैठक में शामिल न होने पर यह समझा जायेगा की आप ने स्वेच्छा से शिवसेना छोड़ दी है और इस लिए आप की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने को लेकर कार्यवाही  शुरू की जायेगी।

कांग्रेस नेता कमलनाथ ने उद्धव ठाकरे से फोन पर बात करने के बाद कहा कि अभी विधानसभा भंग करने का कोई प्रस्ताव नहीं हैं। इस बात ने संजय राउत के इससे पहले विधानसभा भंग करने की अटकलों के संकेत पर विराम लगा दिया हैं।  

बागी विधायक एकनाथ शिंदे के खेमे में फूट पड़ी। विधायक नितिन देशमुख नागपुर पहुंचे। वहां उन्होंने सूरत होटल में पुलिस प्रताड़ना का लगाया आरोप।  खबरों के मुताबिक विधायक ने पुलिस प्रताड़ना का लगाया आरोप।

महाराष्ट्र सीएम उद्धव ठाकरे कोरोना संक्रमित, कोरोना के कारण उद्धव वीसी के माध्यम से कैबिनेट बैठक ले रहे हैं।

शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने आज तक से बात करते हुए 46 विधायकों के साथ होने का किया दावा

कांग्रेस विधायक दल की बैठक खत्म, मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम व कांग्रेस नेता कमलनाथ की अगुवाई में संपन्न हुई बैठक, कमलनाथ ने कहा कांग्रेस शिवसेना का समर्थन बरकरार रहेगा। 

आदित्य ठाकरे के ट्वीटर वॉल से हटा मंत्री शब्द,ये इस बात  की ओर इशारा कर रहे है कि शिवसेना की 1 बजे होने वाली बैठक में आदित्य ठाकरे को मंत्री पद से हटाया जा सकता  हैं।  शिवसेना ये फैसला शिंदे के आदित्य पर लगाए जा रहे आरोपों के चलते ले सकती हैं।  

                                

शिवसेना नेता संजय राउत ने राज्य में मौजूदा राजनीतिक स्थिति के बीच महाराष्ट्र विधानसभा भंग करने के संकेत दिए हैं। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा: "महाराष्ट्र में जारी राजनीतिक संकट विधानसभा भंग करने की ओर बढ़ रहा है। अगर ऐसा होता है तो महाराष्ट्र में लग सकता हैं राष्ट्रपति शासन, और होंगे मध्यावधि चुनाव। हालांकि ये गवर्नर के ऊपर रहेगा  कि वह विधानसभा भंग करते है या नहीं। 

महाराष्ट्र की सियासी घमासान के बीच मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ महाराष्ट्र में कांग्रेस विधायकों के साथ सुबह 11 बजे मीटिंग का नेतृत्व करेंगे।  बैठक के बाद कमलनाथ शरद पवार और उद्धव ठाकरे से भी मुलाकात करेंगे।

कांग्रेस नेता कमलनाथ ने कहा कांग्रेस के विधायक बिकाऊ नहीं हैं। संविधान के विपरीत और सौदे की हो रही हैं राजनीति , जो देश के भविष्य के लिए  खतरा।

महाराष्ट्र की सियासत में मचा सियासी घमासान देर रात गुजरात के सूरत से गुवाहाटी असम पहुंच गया हैं। जहां मंत्री एकनाथ शिंदे के साथ सभी बागी विधायक विशेष विमान से गुवाहाटी पहुंचे। बगावत करने विधायकों का कहना है कि हम घूमने आए हैं, हालांकि कुछ बागी विधायक ने कहा इन विधायकों की संख्या में और इजाफा हो सकता हैं। कहने में कुछ भी हो लेकिन इस पूरे माहौल ने महाराष्ट्र की सियासत में भूचाल मचा दिया हैं।

शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने असम के गुवाहाटी पहुंचने के बाद कहा, "कुल 40 विधायक यहां मौजूद हैं। हम बालासाहेब ठाकरे के हिंदुत्व को आगे बढ़ाएंगे।