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किसमें है इतना दम जो उद्घव को अयोध्या आने से रोक सके : चंपत राय

September 14th, 2020 13:01 IST
 किसमें है इतना दम जो उद्घव को अयोध्या आने से रोक सके : चंपत राय

हाईलाइट

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अयोध्या, 14 सितंबर (आईएएनएस)। बॉलीवुड फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार से चल रही तकरार में भले ही अखाड़ा परिषद के साथ तमाम संत कंगना के पक्ष में हों, लेकिन अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव तथा विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय खुलकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्घव ठाकरे के पक्ष में आ गए हैं। राय ने अयोध्या के संतों द्वारा उद्घव के विरोध किए जाने को गलत बताया। उन्होंने यहां तक कह डाला कि किसमें है इतना दम जो उद्घव को अयोध्या आने से रोक सके।

अयोध्या में तमाम साधु-संतों ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ठाकरे को अयोध्या में न घुसने देने का एलान किया था। इसके विपरीत श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने साफ कह दिया है कि उद्घव ठाकरे को अयोध्या आने से कोई नहीं रोक सकता। अभी किसी में इतना दम नहीं है कि वह उद्घव ठाकरे को अयोध्या आने से रोक सके।

ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय इतने पर ही नहीं रुके। चंपत राय ने अयोध्या के संतों का उद्घव के विरोध को बेहद गलत बताया है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि, अगर किसी में जरा भी दम है तो उद्घव को अयोध्या आने से रोक ले। जिसकी मां ने दूध पिलाया वो उद्घव का सामना करे। बेवजह विवाद को बढ़ाया जा रहा है।

कारसेवकपुरम में चंपत राय ने कहा कि राजस्थान में एक गीत है, जिसमें कहा जाता है कि किसकी मां ने जीरा खाया जो गंगा का पानी रोक सके। ठीक उसी तरह से अयोध्या में किसकी मां ने इतना जीरा खाया है कि ऐसी ताकतवर संतान पैदा की है जो कि उद्घव ठाकरे को अयोध्या आने से रोक सके। किसी की मां ने दूध पीया है और पिलाया है अपने बच्चे को, जो उद्घव ठाकरे का सामना करेगा अयोध्या में। उन्होंने कहा कि सब बेकार की बातें हैं सिर्फ एक विवाद खड़ा किया जा रहा है।

बता दें कि अयोध्या के संतों ने उद्घव के अयोध्या आने पर विरोध की चेतावनी दी थी।

ज्ञात हो कि शिवसेना और कंगना रनौत के बीच तनातनी काफी बढ़ गई है। शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत से विवाद के बाद कंगना ने कहा था कि वह मुंबई आ रही हैं और जिसमें हिम्मत है उन्हें रोक ले। इन सबके बीच बीएमसी ने उनके दफ्तर को ध्वस्त कर दिया था। इस मामले में अयोध्या में साधु-संतों ने भी उद्घव ठाकरे का विरोध किया था।

विकेटी-एसकेपी

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