राजस्थान सियासत: जयपुर की रैली में सोनिया क्यों बिना बोले लौटीं, ये बनी वजह 

December 12th, 2021

डिजिटल डेस्क, जयपुर। रविवार को राजस्थान के जयपुर में कांग्रेस पार्टी की तरफ से महंगाई हटाओ रैली का आयोजन किया गया था। इस रैले में कांग्रेस पार्टी ने महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। इस रैली का राजनीतिक उद्देश्य जो भी रहा हो लेकिन कांग्रेस ने साफ संदेश दे दिया है कि एक बार फिर पार्टी की बागडोर राहुल गांधी के हाथ में सौंपी जा रही है।

बता दें कि मंच पर पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी मौजूद जरूर रहीं, लेकिन भारी संख्या में उमड़े पार्टी समर्थकों को उनके मुंह से एक शब्द भी सुनने को नहीं मिला। सबसे लंबे समय तक कांग्रेस पार्टी की बागडोर संभालने वालीं सोनिया की इस चुप्पी ने ही वह सब कह दिया, जो बताने के लिए संभवत: इस रैली का आयोजन किया गया था।

राहुल ने कांग्रेस अध्यक्ष पद से दिया था इस्तीफा

आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार की वजह से राहुल गांधी ने अपने पार्टी अध्यक्ष पद से दे इस्तीफा दे दिया था। तभी से कांग्रेस के अंतरिम अध्यक्ष को तौर पर पार्टी की बागडोर संभाल रही हैं। गौरतलब है कि संगठन चुनाव को लेकर पार्टी में उठती आवाज के बावजूद कांग्रेस ने नए अध्यक्ष के चुनाव को सितंबर 2022 तक टाल दिया है। पार्टी में बागी रूख अपना कुछ नेता दबी जुबान में गांधी परिवार से बाहर के किसी व्यक्ति को पार्टी की कमान संभालने की वकालत करते हैं। हालांकि पार्टी का एक धड़ा मानता है कि राहुल गांधी ही पार्टी का भविष्य हैं।

राहुल ले रहे है पार्टी से जुड़ा हर फैसला

आपको बता दें कि कांग्रेस पार्टी सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी भले ही पार्टी के अध्यक्ष पद पर ना हो लेकिन पार्टी से जुड़ा हर बड़ा फैसला वही ले रहे हैं। पिछले दिनों पंजाब में हुए घटनाक्रम की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि सोनिया के विश्वासपात्र रहे कैप्टन अमरिंदर सिंह को जिस तरह साइडलाइन करके राहुल और प्रियंका की पसंद नवजोत सिंह सिद्धू को प्रदेश कांग्रेस की कमान दी गई थी, उससे साफ हो गया था कि अब राहुल ही कप्तान हैं।

सोनिया गांधी टीम की कोच की भूमिका में दिखी

दरअसल, जयपुर की रैली में भी इस बात को और पुष्ट किया गया। यहां सोनिया गांधी टीम की कोच और मार्गदर्शक की भूमिका में नजर आईं। रैली में राहुल गांधी भी पूरे रंग में दिखे। राहुल ने गैस सिलेंडर से लेकर पेट्रोल-डीजल तक की महंगाई पर केंद्र सरकार को घेरा तो दूसरी तरफ हिंदू और हिंदुत्ववादियों में फर्क बताने के लिए कई दलीलें दीं। इस दौरान सोनिया लगातार तालियां बजाती रहीं। अब राजनीतिक कयास लगना शुरू हो गया कि ये राहुल की अघोषित ताजपोशी है। 
 

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