भारत-PAK रिश्तों में सुधार की पहल: पहलगाम हमले से बिगड़े थे संबंध, क्या 1.5 साल बाद फिर से सामान्य हो पाएंगे हालात, 100 से ज्यादा लोगों ने PM मोदी-शहबाज शरीफ को लिखा पत्र

पहलगाम हमले से बिगड़े थे संबंध, क्या 1.5 साल बाद फिर से सामान्य हो पाएंगे हालात,  100 से ज्यादा लोगों ने PM मोदी-शहबाज शरीफ को लिखा पत्र
पिछले साल हुए पहलगाम हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है। दोनों देशों के रिश्तों को फिर से सामान्य करने को लेकर 100 से ज्यादा बड़े लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाक पीएम शहबाज शरीफ को पत्र लिखा है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पिछले साल हुए पहलगाम हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है। दोनों देशों के रिश्तों को फिर से सामान्य करने को लेकर 100 से ज्यादा बड़े लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाक पीएम शहबाज शरीफ को पत्र लिखा है। पत्र में दोनों देशों के बीच तनाव खत्म करने और वीजा सर्विस को फिर से बहाल करने की मांग की है। इसके अलावा एयरस्पेस को भी दोबारा खोलने की मांग की गई है। पत्र में फारूक अब्दुल्ला और मोनज झा समेत 117 लोगों ने साइन किए हैं।

पीएम मोदी-शहबाज शरीफ को लिखा पत्र

सेंटर फॉर पीस एंड प्रोग्रेस की ओर से पीएम नरेंद्र मोदी और शहबाज शरीफ को खुली चिट्ठी लिखी गई है। इसमें दोनों देशों के बीच संरचित वार्ता, पूर्व राजनयिक संबंध बहाल करने समेत लोगों के आपसी संपर्क फिर शुरू करने की मांग की गई है।

इस पत्र में भारत से फारूक अब्दुल्ला, मीरवाइज उमर फारूक, महबूबा मुफ्ती, मनोज झा और हुमायूं कबीर समेत 61 लोगों के दस्तखत शामिल हैं। पत्र में नेताओं ने डिजिटल फॉर्मेट में दस्तखत किए हैं।

इस पहले में पाकिस्तान की ओर से 56 प्रमुख लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं। इसमें पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी, पूर्व राजनयिक अशरफ जहांगीर काजी, नेशनल असेंबली के सदस्य इस्फनयार भंडारा और परमाणु वैज्ञानिक परवेज हूदभॉय हस्ताक्षरकर्ताओं में शुमार हैं।

भारत-पाकिस्तान सरकार से क्या हैं मांगे?

1. दोनों देशों के बीच जारी तनाव को खत्म किया जाए और बातचीत बहाल हो।

2. दिल्ली और इस्लामाबाद में हाई कमिश्नर की दोबारा नियुक्ति की मांग।

3. भारत-पाकिस्तान के बीच सामान्य हो वीजा सर्विस

4. दोनों देशों का एयरस्पेस दोबारा खोला जाए।

5. धार्मिक और सांस्कृतिक आवाजाही को बढ़ावा दिया जाए।

6. जम्मू-कश्मीर पर फिर से बातचीत की जाए।

7. 2004 और 2007 की समग्र वार्ता प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए।

Created On :   1 July 2026 5:58 PM IST

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