PM Modi New Record: नेहरू से आगे निकले PM मोदी, तोड़ा ये बड़ा रिकॉर्ड, अब इन चुनौतियां की बारी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश में आने वाले वैश्विक संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति में इतिहास रच दिया है। उन्होंने आजाद भारत में सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री की कमान संभालने वाले पंडित जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वह लंबे समय तक देश के प्रधानमंत्री पद पर रहने वाले पहले नेता बन गए हैं।
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पीएम मोदी ने पंडित जवाहलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ा
पीएम मोदी ने 26 मई 2014 को पहली बार देश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। इसके बाद से उन्हें पीएम की कुर्सी पर विराजे 12 साल हो गए हैं। उन्होंने 4,399 दिनों का कार्यकाल पूरा कर लिया है। बता दें, आजाद भारत में संविधान लागू होने के बाद 13 मई 1952 को पहली बार पंडित नेहरू ने प्रधानमंत्री पद के रूप में शपथ ली थी। इसके बाद से उन्होंने लगातार 4397 दिनों (12 साल 14 दिन) तक पीएम पद का कार्यकाल संभाला।
इसी के साथ पीएम मोदी ने पूर्व पीएम पंडित जवाहरलाल नेहरू 1952 के बाद चुनी सरकार के रूप में 4,398 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। 2014 में पहली बार पीएम मोदी देश के प्रधानमंत्री बने थे। इसके बाद 9 जून 2024 को नरेंद्र मोदी ने एनडीए के तीसरे कार्यकाल में पीएम पद के रूप में शपथ ली थी। उनके सत्ता में सबसे लंबे कार्यकाल वाले प्रधानमंत्री बन गए हैं। ऐसे में अब वह सत्ता में सबसे लंबे कार्यकाल वाले प्रधानमंत्री बन गए हैं।
नेहरू 15 अगस्त 1947 को प्रधानमंत्री बने थे। वहीं, 1952 में लोकसभा चुनाव के पहले तक वो पांच साल अंतरिम सरकार के प्रमुख थे। नेहरू 1947 से 27 मई 1964 तक प्रधानमंत्री पद पर रहे थे। कुल मिलाकर देखें तो पंडित जवाहर लाल नेहरू का कार्यकाल 6130 दिन का होता है। हालांकि, इसमें से 5 साल अतंरिम सरकार के प्रमुख के रूप में प्रधानमंत्री रहे।
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ये चुनौतियां अब भी बाकी
2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से लेकर अब तक पीएम मोदी के नेतृत्व में कई राज्य में एनडीए को काफी मजबूती मिली है। वर्तमान में देश के डेढ़ दर्जन राज्यों में एनडीए की सरकार बनी हैं। लिहाजा, बीते 12 सालों में पीएम मोदी की लोकप्रियता और मोदी ब्रांड की ताकत ने उन्हें इस मुकाम पर लाकर खड़ा किया है।
भले ही पीएम मोदी ने देश में 12 साल तक प्रधानमंत्री बनने वाला रिकॉर्ड क्यों ना पूरा कर लिया हो। लेकिन उनके सामने अब भी कई चुनौतियां हैं। पीएम मोदी के सामने अब एजेंडा विकसित करने के साथ-साथ दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनने की चुनौती है। साल 2026 भारत के लिए 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' बनने की ओर चला गया है। ऐसे में अगले दो तीन सालों में मोदी सरकार का लक्ष्य भारत की जीडीपी को उस मुकाम पर पहुंचाना है जहां हम जर्मनी और जापान को पछाड़कर अमेरिका और चीन से पीछे खड़े हों।
पीएम मोदी लक्ष्य दूरगमी है। उनका सबसे बड़ा और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 'विकसित भारत' का है। भारत को विकसित देश बनाने के लिए मोदी सरकार सेमीकंडक्टर हब, ग्रीन हाइड्रोजन, डिजिटल गवर्नेंस पर तेजी से काम चल रहा है। 2014 में जहां देश में चंद सौ स्टार्टअप थे। वहीं आज 2026 में उनकी संख्या 2।3 लाख को क्रास कर चुकी है। पीएम मोदी का अगला विजन भारत की स्पेस इकोनॉमी को मौजूदा 9 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर कुछ सालों में 45 बिलियन डॉलर तक ले जाने की है। इसमें प्राइवेट सेक्टर की अहम हिस्सेदारी होगी।
जब देश के आजादी के 100 साल पूरे होंगे। तब भारत एक विकासशील देश नहीं, बल्कि एक विकसित राष्ट्र बनाने की है। इस दिशा में बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट्स, देशभर में एक्सप्रेसवे का जाल, आधुनिक रेलवे स्टेशन और दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को स्थापित किया जा रहा है। दरअसल, पीएम मोदी का विजन भारत के कोने-कोने को वैश्विक स्तर के इंफ्रास्ट्रक्चर से कनेक्ट करना है। इस तरह से भारत को एक वैश्विक महाशक्ति बना ने की कवायद लगातार हो रही है।
बता दें, देश की 146 करोड़ से अधिक आबादी में जो युवा उर्जा है। उसे स्किल्ड लेबर और ग्लोबल लीडर्स में बदलना मोदी के विजन का अहम हिस्सा है। पंडित नेहरू के कार्यकाल में भारत ने 'गुटनिरपेक्षता' की नीति आजमाई थी। हालांकि, मोदी के दौर में भारत की विदेश नीति सक्रिय भागीदारी और विश्वबंधु की है।
पीएम मोदी का विजन भारत को ग्लोबल गवर्नेंस के रूप में स्थापित करने का है। भारत मौजूदा दौर में केवल वैश्विक मंचों पर मूकदर्शक नहीं रहता, बल्कि एजेंडा सेट करता है। चाहे वो रूस-यूक्रेन विवाद में शांति की अपील हो, ग्लोबल साउथ की आवाज बनना हो या फिर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में स्थायी सदस्यता के लिए अपनी दावेदारी मजबूत करना।
Created On :   10 Jun 2026 7:11 PM IST







