UP News: पंचायत चुनाव पर हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने की तैयारी, पंचायती संगठनों ने उठाए सवाल

पंचायत चुनाव पर हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने की तैयारी, पंचायती संगठनों ने उठाए सवाल
पंचायत चुनाव की तैयारियों को लेकर डॉ. अखिलेश सिंह ने जनगणना, बोर्ड परीक्षाओं और SIR प्रक्रिया का जिक्र भी किया, उन्होंने पंचायत चुनाव में देरी होने की बात कही

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। उत्तरप्रदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद पंचायत चुनाव को लेकर नई हलचल शुरू हो गई है। उच्च न्यायालय ने 3 महीने में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराने का निर्देश दिया है। कुछ पंचायती संगठनों ने हाईकोर्ट आदेश को शीर्ष कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है।

डॉ. अखिलेश सिंह ने ओबीसी आरक्षण को लेकर भी सरकार पर उठाए सवाल है। उनका कहना है कि सरकार की ओर से गठित पिछड़ा वर्ग आयोग अभी जिलेवार आरक्षण का आकलन पूरा नहीं कर पाया है, उन्होंने दावा किया कि आयोग अब तक केवल 40 जिलों का दौरा कर पाया है।

पंचायत चुनाव की तैयारियों को लेकर डॉ. अखिलेश सिंह ने जनगणना, बोर्ड परीक्षाओं और SIR प्रक्रिया का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव भी तय समय पर होने हैं, ऐसे में सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव कैसे करा पाएंगे? विधानसभा चुनाव से पहले पंचायत चुनाव होने की संभावनाओं पर पंचायती संगठन ने सवाल उठाए है। उन्होंने पंचायत चुनाव में देरी होने की बात कही है।

राष्ट्रीय पंचायत राज ग्राम प्रधान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अखिलेश सिंह ने निजी न्यूज चैनल आज तक से बातचीत करते हुए कहा ओबीसी आरक्षण, वोटिंग लिस्ट में गड़बड़ी और दूसरी प्रक्रियाओं को देखते हुए इतने कम समय में कराना कठिन हैं। संगठन का अनुमान है कि चुनाव अप्रैल 2027 से पहले नहीं हो पाएंगे। संगठन ने मतदाता सूची में गड़बड़ी का मुद्दा भी उठाया है, राज्य निर्वाचन आयोग और भारत निर्वाचन आयोग की ओर से तैयार मतदाता सूचियों में करीब 3 करोड़ 94 लाख वोटर्स का अंतर है।

डॉ. अखिलेश सिंह का कहना है कि पंचायत चुनाव कराने से पहले कई जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होनी बाकी हैं। इनमें पिछड़ा वर्ग आरक्षण का आकलन और वोटिंग लिस्ट की विसंगतियों को दूर करना जरूरी हैं। इसी को आधार बनाकर संगठन उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने की तैयारी कर रहा है। संगठन कानूनी चुनौती का प्रमुख आधार बनाने की बात कह रहा है। संगठन के नेताओं का कहना है कि ओबीसी आरक्षण की प्रक्रिया पूरी किए बिना ग्राम प्रधान के चुनाव कराना सुप्रीम कोर्ट के फैसले की अवमानना होगी।

Created On :   15 Oct 2026 5:43 PM IST

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