विपक्ष की याचिकाओं पर सुनवाई: सुको ने चुनाव आयोग को भेजा नोटिस, मांगा जवाब, राहुल गांधी के मार्च पर कहा कोर्ट को कोई डरा नहीं सकता

सुको ने चुनाव आयोग को भेजा नोटिस, मांगा जवाब, राहुल गांधी के मार्च पर कहा कोर्ट को कोई डरा नहीं सकता
सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के अन्य नेताओं की याचिकाओं पर सुनवाई की, याचिकाओं में चुनाव आयोग द्वारा वोटिंग लिस्ट के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) और कथित तौर पर वोटर्स के नाम हटाए जाने को चुनौती दी गई है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के अन्य नेताओं की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग और अन्य को नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी और अन्य की याचिका पर ECI, मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार, और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी से नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।

शीर्ष कोर्ट ने ये नोटिस विपक्षी गुटों की ओर से दाखिल की गई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग द्वारा वोटिंग लिस्ट के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) और कथित तौर पर वोटर्स के नाम हटाए जाने को चुनौती दी गई है। CJI ने राहुल गांधी के सुप्रीम कोर्ट तक विरोध मार्च पर गुरुवार को कहा कि कोई भी कोर्ट को डराने या धमकाने की कोशिश नहीं कर सकता। ऐसी कोशिशें बेकार हैं। इन पर कोई ध्यान नहीं देता। उन्होंने ये टिप्पणी याचिकाओं पर सुनवाई करने के दौरान की।

सुनवाई शुरु होने से पहले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग के खिलाफ लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं द्वारा दायर याचिकाओं को लेकर कहा, 12 तारीख को INDIA गठबंधन के सभी नेताओं के साथ, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में उच्चतम न्यायालय की ओर मार्च किया गया और उन्होंने याचिका दायर की, निश्चित तौर पर कोर्ट ने संज्ञान लिया और आज उसमें सुनवाई हुई है। हमें पूरा भरोसा है कि SIR में जिस तरह से गड़बड़ी हुई, वोट चोरी करके सत्ता हासिल की गई, चुनाव आयोग और भाजपा का गठबंधन है, इसके सारे सबूत राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट को दिए हैं। हमें भरोसा है कि हमारे पक्ष में फैसला आएगा।

विपक्ष की ओर से ये याचिका सीजेआई से मिलने से मना करने के बाद दाखिल की गई थी, 11 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों ने सीजेआई को पत्र लिखकर मुलाकात करने, ज्ञापन सौंपने के संबंध में समय मांगा, लेकिन सीजेआई ने मना कर दिया। इसके बाद विपक्षी नेताओं ने 12 अक्टूबर को विपक्षी नेता देश की सबसे बड़ी अदालत पहुंच गए।

Created On :   15 Oct 2026 1:14 PM IST

Tags

Next Story