SIR Controversy: सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद राहुल गांधी पर बीजेपी का निशाना, भारत में बांग्लादेश जैसे माहौल बनाने का लगाया आरोप

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद राहुल गांधी पर बीजेपी का निशाना, भारत में बांग्लादेश जैसे माहौल बनाने का लगाया आरोप
सुप्रीम कोर्ट में आज (गुरुवार) एसआईआर और चुनाव आयोग में कथित अनियमितताओं को लेकर सुनवाई हुई। इसके बाद बीजेपी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में आज (गुरुवार) एसआईआर और चुनाव आयोग में कथित अनियमितताओं को लेकर सुनवाई हुई। इसके बाद बीजेपी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया है। बीजेपी ने राहुल गांधी को देश के लोकतंत्र के लिए अराजकता का प्रतीक बताया है। बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि राहुल गांधी का विपक्ष के नेता जैसे जिम्मेदार पद पर होना कई भारतीयों के लिए देश का दुर्भाग्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी दोहरे मापदंड अपनाते हुए संविधान की धज्जियां उड़ा रहे हैं।

बीजेपी ने राहुल गांधी पर अराजकता फैलाने का लगाया आरोप

गौरव भाटिया ने कहा, "राहुल गांधी भारत के लोकतंत्र के भीतर अराजकता का प्रतीक बन गए हैं। यह बात सच्चाई से सामने आई है और आज इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई हुई। हम सभी जानते हैं कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं, एक ऐसी स्थिति जिसे कई भारतीय देश का दुर्भाग्य मानते हैं कि इतने महत्वपूर्ण पद पर एक ऐसा व्यक्ति बैठा है जो अराजक, अपरिपक्व, गैर-जिम्मेदार और संविधान से अनजान है।'

उन्होंने कहा, 'कांग्रेस पार्टी दोहरे मापदंडों पर चलती है, राहुल गांधी और उनकी पार्टी अराजकता को बढ़ावा देते हैं और संविधान की धज्जियां उड़ाते हैं। यूनिफॉर्म में हमारी बहनों के साथ हुए अनुचित व्यवहार के लिए कौन जिम्मेदार है? विरोध प्रदर्शन करना एक मौलिक अधिकार है। हालांकि, क्या यह अधिकार किसी को अपनी सीमाओं को लांघने, संवैधानिक ढांचे से बाहर जाने और किसी भी स्थान पर हुड़दंगबाजी या नारेबाजी करने का लाइसेंस देता है, चाहे वह कोई सार्वजनिक स्थान हो, सड़क हो या सुप्रीम कोर्ट का परिसर ही क्यों न हो?'

अभिजीत दिपके और नेहा बोरा पर भी साधा निशाना

बीजेपी प्रवक्ता ने कहा, 'ऐसी गतिविधियों के लिए तय जगहें निर्धारित हैं। एक प्रदर्शन शांतिपूर्ण होना चाहिए, यह कानूनी होना चाहिए, पूर्व अनुमति के साथ होना चाहिए और निर्धारित स्थान पर ही होना चाहिए। यही देश का कानून है। 10-11 तारीख को राहुल गांधी कहते हैं कि हम प्रदर्शन करते हुए सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट का प्रांगण न्याय का मंदिर है क्या भीडतंत्र चलेगा। क्या लोग इकट्ठा करके न्यायपालिका को डराने का प्रयास किया जाएगा। हजारों लोगों की भीड़ लेकर जाना, नारेबाजी करना ये सब क्या था। कोई जिम्मेदार नागरिक ऐसी हरकत करने का सोचेगा भी नहीं, लेकिन राहुल गांधी ने ऐसा ही किया।'

बीजेपी ने सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके और AISA अध्यक्ष नेहा बोरा पर भी तीखा हमला बोला। गौरव भाटिया ने कहा, 'अराजक बनके बिना अनुमति लिए तिरंगे की आड़ में गैर संवैधानिक कृत्य करेंगे और कहेंगे हम तो तिरंगा फहरा रहे थे। नेहा बोरा तो बांग्लादेश से प्रेरणा लेने की बात कर रही थी। क्या इन्होंने घोषणा कर दी है संविधान और चुनाव में इनकी आस्था नहीं है। लोकतंत्र की जगह भीड़तंत्र में इनकी आस्था है। कनॉड प्लेस प्रदर्शन करने के लिए डेजिगनेटेड जगह नहीं है इसलिए यहां प्रदर्शन हो ही नहीं सकता ना उसकी अनुमति मिल सकती है।'

Created On :   15 Oct 2026 5:49 PM IST

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