West Bengal News: बागी सांसदों ने की इलेक्शन कमीशन से मुलाकात, दो-तिहाई विधायकों के समर्थन का किया दावा, क्या ममता के हाथ से जाएगी TMC?

बागी सांसदों ने की इलेक्शन कमीशन से मुलाकात, दो-तिहाई विधायकों के समर्थन का किया दावा, क्या ममता के हाथ से जाएगी TMC?
टीएमसी के बागी गुट ने चुनाव आयोग से मिलकर बहुमत का दावा किया। ऋतब्रत बनर्जी ने खुद को असली टीएमसी बताया।

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अंदर चल रहा विवाद दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। पार्टी के बागी सांसद ऋतब्रत बनर्जी अपने साथियों के साथ चुनाव आयोग पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के दो-तिहाई से ज्यादा विधायक उनके साथ हैं। उनका कहना है कि वही असली टीएमसी हैं। दूसरी ओर, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट भी अपनी स्थिति मजबूत बता रहा है। इस पूरे मामले के बीच कुछ दस्तावेजों में हस्ताक्षर को लेकर विवाद सामने आया है जिसकी जांच सीआईडी कर रही है। इससे राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

चुनाव आयोग के सामने क्या दावा किया?

ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि उनके साथ टीएमसी के दो-तिहाई से ज्यादा विधायक हैं। मालूम हो कि, टीएमसी के पास कुल 80 एमएलए हैं। इनमें से 64 विधायकों के समर्थन का दावा किया जा रहा है। ऋतब्रत बनर्जी ने बताया कि चुनाव आयोग को पहले ही इसकी जानकारी दी जा चुकी है। उनका कहना है कि पार्टी के कई पार्षद और जिला परिषद के सदस्य भी उनके साथ हैं।

ममता बनर्जी पर लगाए आरोप

ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि उनकी लड़ाई परिवारवाद, तानाशाही और भ्रष्टाचार के खिलाफ है। उन्होंने दावा किया कि असली तृणमूल कांग्रेस उनका गुट है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी क्या कहते हैं इससे उनके गुट पर कोई असर नहीं पड़ता।

सीआईडी क्यों कर रही है जांच?

कुछ नेताओं के हस्ताक्षरों को लेकर सवाल उठने के बाद सीआईडी ने जांच शुरू कर दी। इसके बाद पार्टी ने ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा को निलंबित कर दिया। फिर ऋतब्रत बनर्जी के साथ कई विधायकों ने अलग गुट बनाकर विधानसभा अध्यक्ष को नया प्रस्ताव दिया। बाद में उन्हें नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता भी मिल गई।

Created On :   2 July 2026 3:46 PM IST

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