यूपी न्यूज: आजम की हिरासत पर सियासी घमासान, पठान बोले- मुस्लिम होने की मिल रही सजा, मौर्य ने किया पलटवार

आजम की हिरासत पर सियासी घमासान, पठान बोले- मुस्लिम होने की मिल रही सजा, मौर्य ने किया पलटवार
जमानत पर रिहाई के बाद ED की हिरासत में लिए गए आजम खान को लेकर AIMIM और बीजेपी आमने-सामने आ गए हैं। वारिस पठान ने इसे मुसलमानों के साथ अन्याय बताया, केशव प्रसाद मौर्य ने पलटवार करते हुए भ्रष्टाचार और अपराधों का मामला बतया और अखिलेश यादव को भी जांच के दायरे में लाने की मांग की।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को जमानत पर रिहा होने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा हिरासत में लिए जाने पर उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। AIMIM नेता वारिस पठान ने इस कार्रवाई पर दुख जताते हुए इसे मुस्लिम समुदाय से जोड़कर सवाल उठाए। वहीं, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पलटवार करते हुए कहा कि आजम खान को मुसलमान होने की नहीं, बल्कि उनके कथित अपराधों और भ्रष्टाचार की सजा मिल रही है।

वारिस पठान बोले- मुसलमान होने की मिल रही सजा

AIMIM नेता वारिस पठान ने कहा कि आजम खान करीब 11 महीने जेल में रहने के बाद अपने बेटे के साथ अदालत से राहत मिलने पर बाहर आए थे, लेकिन रिहाई के तुरंत बाद ED ने उन्हें हिरासत में ले लिया। पठान ने आजम खान के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें मुसलमान होने की सजा मिल रही है।

वारिस पठान ने कहा कि यह बेहद दुखद और अफसोस की बात है। उन्होंने सवाल उठाया कि देश में मुसलमानों की स्थिति क्या हो गई है। साथ ही आजादी की लड़ाई में मुस्लिम समुदाय के योगदान का जिक्र करते हुए बीजेपी और RSS पर निशाना साधा। उन्होंने पूछा कि RSS के कितने लोगों ने स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लिया और अपनी जान गंवाई।

केशव मौर्य का पलटवार, अखिलेश को भी जांच में शामिल करने की मांग

वारिस पठान के बयान पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जवाब देते हुए कहा कि आजम खान को मुसलमान होने या विश्वविद्यालय बनाने की सजा नहीं मिल रही है, बल्कि उनके द्वारा किए गए अपराधों और भ्रष्टाचार की सजा मिल रही है।

मौर्य ने इस मामले में तत्कालीन सपा सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि आजम खान के मंत्री रहते यदि उनकी सरकार के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी हुई है तो सपा प्रमुख अखिलेश यादव को भी जांच के दायरे में शामिल किया जाना चाहिए। आजम खान की ED हिरासत को लेकर आए इन बयानों से उत्तर प्रदेश में एक बार फिर बीजेपी और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है।

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