MP News: खरगे ने मॉक पार्लियामेंट में ज्ञानेश कुमार को हटाने का प्रस्ताव रखा, वोट चोरी समेत लगाए 6 बड़े आरोप, BJP ने नेहरू पर साधा निशाना

खरगे ने मॉक पार्लियामेंट में ज्ञानेश कुमार को हटाने का प्रस्ताव रखा, वोट चोरी समेत लगाए 6 बड़े आरोप, BJP ने नेहरू पर साधा निशाना
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को मॉक पार्लियामेंट में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग करते हुए प्रस्ताव पेश किया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को मॉक पार्लियामेंट में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग करते हुए प्रस्ताव पेश किया। अपने संबोधन में उन्होंने चुनाव आयोग, केंद्र की NDA सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाए। खरगे ने चुनाव में गड़बड़ी, मतदाता सूची से 13.2 करोड़ नाम हटाने की साजिश, फॉर्म-6 में बदलाव और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

खरगे ने अपने भाषण की शुरुआत सरदार वल्लभभाई पटेल और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को याद करते हुए की। उन्होंने कहा कि संविधान निर्माताओं ने देश के हर वयस्क नागरिक को वोट देने का अधिकार दिया था, लेकिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने उस समय इस व्यवस्था पर आपत्ति जताई थी। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र की बुनियाद है और विपक्ष इसे बचाने की लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि INDIA ब्लॉक देश की करीब 60 प्रतिशत जनता का प्रतिनिधित्व करता है और उसकी मांग है कि ज्ञानेश कुमार को जल्द से जल्द पद से हटाया जाए।

खरगे ने लगाए ये 6 बड़े आरोप

कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने संबोधन में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कई आरोप लगाए। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

चुनाव में गड़बड़ी की साजिश: खरगे ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर चुनाव चुराने की कोशिश की जा रही है।

13.2 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप: उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची से बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए गए।

फॉर्म-6 में बदलाव: खरगे के मुताबिक, संसद और संबंधित पक्षों को जानकारी दिए बिना फॉर्म-6 में बदलाव किए गए।

ECINET के जरिए मतदाता सूची पर नियंत्रण: उन्होंने आरोप लगाया कि ECINET के माध्यम से मतदाता सूचियों पर कब्जा करने की कोशिश हो रही है।

अन्य चुनाव आयुक्तों को प्रक्रिया से दूर रखना: खरगे ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने चुनाव आयोग के दूसरे आयुक्तों को भी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं से अलग रखा।

मोदी-शाह के इशारे पर काम करने का आरोप: उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग केंद्र सरकार के शीर्ष नेतृत्व के निर्देशों पर काम कर रहा है।

वोट देने का अधिकार गंभीर खतरे में - खरगे

खरगे ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 326 सभी वयस्क नागरिकों को मतदान का अधिकार देता है, लेकिन आज यह अधिकार खतरे में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस का किसी चुनाव आयुक्त से व्यक्तिगत विवाद नहीं है। पार्टी की मांग केवल निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने की है।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सत्ता में बने रहने के लिए लगातार राजनीतिक साजिशें कर रहे हैं। खरगे ने चुनावी बॉन्ड, सांसदों की खरीद-फरोख्त और वोट चोरी के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष के 145 सांसदों को निलंबित करने के बाद सरकार ने संबंधित बिल पारित कराया।

कांग्रेस अध्यक्ष ने 2023 में बने कानून पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस कानून के तहत चुनाव आयुक्तों को ऐसी कानूनी सुरक्षा दी गई है, जो राष्ट्रपति को भी हासिल नहीं है।

महाराष्ट्र और कर्नाटक चुनावों का भी किया जिक्र

खरगे ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि वहां करीब 40 लाख नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए, जिससे चुनाव परिणाम प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान पहले के मुकाबले पांच गुना ज्यादा नाम हटाए गए।

उन्होंने कर्नाटक में भी मतदाता सूची से जुड़ी गड़बड़ियों का आरोप लगाया। खरगे के मुताबिक, राहुल गांधी ने देश के सामने नक्शे के जरिए चुनावी अनियमितताओं का मुद्दा उठाया था। कांग्रेस ने इस संबंध में 18 बार चुनाव आयोग से जानकारी मांगी, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला।

'गड़बड़ी पकड़ी गई तो SIR का ऐलान कर दिया'

खरगे ने कहा कि जब चुनावी अनियमितताओं का मामला सामने आया तो चुनाव आयोग ने SIR की घोषणा कर दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस मृत मतदाताओं या अयोग्य लोगों के नाम मतदाता सूची में बनाए रखने की मांग नहीं कर रही है।

उन्होंने कहा कि जिन लोगों की मृत्यु हो चुकी है या जो मतदाता बनने के पात्र नहीं हैं, उनके नाम हटाए जाने चाहिए। लेकिन चुनाव आयोग को यह भी बताना होगा कि कितने नाम हटाए गए और इसके पीछे क्या कारण हैं। खरगे ने कहा कि आंकड़े सार्वजनिक होने से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया सही तरीके से हुई है या नहीं।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष को घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची में जुड़वाने की कोशिश करने वाला बताती है, जबकि विपक्ष की मांग केवल वास्तविक मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने की है।

खरगे ने SIR की प्रक्रिया और उसके डिजाइन में भी खामियां होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की कोशिश कर रही है, लेकिन मजबूरी में उसे सड़कों पर उतरना पड़ रहा है।

बीजेपी ने नेहरू पर लगाया वोट चोरी का आरोप

दूसरी ओर, बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि देश में सबसे पहले वोट चोरी पंडित जवाहरलाल नेहरू ने की थी।

पात्रा ने दावा किया कि कांग्रेस ने सरदार वल्लभभाई पटेल के पक्ष में पड़े वोटों की अनदेखी कर नेहरू को देश का पहला प्रधानमंत्री बनवाया था। इस तरह बीजेपी ने खरगे के आरोपों का जवाब देते हुए कांग्रेस के इतिहास पर सवाल उठाए।

2023 का कानून रद्द करने और SIR रोकने की मांग

अपने संबोधन के अंत में खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाने और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून को रद्द करने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने SIR की प्रक्रिया पर रोक लगाने की बात भी कही।

खरगे ने कहा कि संविधान निर्माताओं ने देश के सभी नागरिकों को समान अधिकार देने के उद्देश्य से मतदान का अधिकार दिया था। उन्होंने अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि कई देशों में महिलाओं को आजादी के बाद भी लंबे समय तक मतदान का अधिकार नहीं मिला था, जबकि भारत ने संविधान लागू होने के साथ ही सभी वयस्क नागरिकों को वोट देने का अधिकार दे दिया था। उन्होंने कहा कि इस लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है और कांग्रेस इसके लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी।

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