HC फैसले के खिलाफ: सुको ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की याचिका पर सुरक्षित रखा फैसला

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश की सर्वोच्च अदालत ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रखा है। कांग्रेस नेता ने गुवाहाटी उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसने उन्हें असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ कथित तौर पर झूठे दावे करने से जुड़े मानहानि और जालसाजी के केस में अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था।
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आपको बता दें कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने एक पीसी में सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की वाइफ के पास कई विदेशी पासपोर्ट और विदेश में अघोषित संपत्तियां होने का आरोप लगाया। इसे लेकर पवन खेड़ा के खिलाफ पुलिस में मानहानि और जालसाजी का केस दर्ज करवाया गया था। पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने उनके आवास पर पहुंची लेकिन वे वहां नहीं थे।
आपको बता दें असम पुलिस ने कांग्रेस नेता के खिलाफ जब केस दर्ज करने के बाद पवन खेड़ा ने ट्रांजिट अग्रिम जमानत के लिए तेलंगाना उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। तेलंगाना हाईकोर्ट ने 10 अप्रैल को उन्हें एक हफ्ते की राहत दी, लेकिन असम हाईकोर्ट का रुख करने का भी निर्देश दिया। 15 अप्रैल को असम सरकार की अपील पर सर्वोच्च अदालत ने तेलंगाना हाईकोर्ट के 10 अप्रैल के आदेश पर रोक लगा दी। सुप्रीम कोर्ट ने 17 अप्रैल को ट्रांजिट जमानत की अवधि बढ़ाने से इनकार कर दिया। टॉप कोर्ट ने पवन खेड़ा गुवाहाटी हाईकोर्ट में जाने को कहा, तब खेड़ा ने गुवाहाटी हाईकोर्ट में अर्जी दी। गुवाहाटी हाईकोर्ट ने 24 अप्रैल को पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत की याचिका रद्द कर दी थी। इसके बाद खेड़ा ने सुप्रीम कोर्ट में मौजूदा याचिका दायर की।
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असम सरकार की तरफ से कोर्ट में पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत का विरोध किया। और पवन खेड़ा की गिरफ्तारी की मांग की, इसके समर्थन में सरकार की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि पवन खेड़ा ने झूठे दावे करने के लिए पासपोर्ट समेत कई जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया था। इसलिए यह जानकारी इकट्ठा करने के लिए उनकी हिरासत जरूरी है कि इस काम में उनके कौन-कौन साथी शामिल थे और क्या इसमें कोई विदेशी तत्व भी शामिल हैं।
मेहता ने कहा खेड़ा ने सीएम सरमा की पत्नी पर एंटीगुआ के पासपोर्ट होने का आरोप लगाया गया। नागरिकता के बारे में लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह से झूठे हैं। एंटीगुआ ऐसा देश है जहां भगोड़े जाते हैं। पासपोर्ट की कॉपी छेड़छाड़ कर बनाई है जो नकली है। सॉलिसिटर जनरल ने कहा नकली कागज बनाने में किसने किसने साथ दिया, उसकी जानकारी जुटाने के लिए गिरफ्तारी जरूरी है। गुरुवार को हुई सुनवाई में पवन खेड़ा की ओर से पेश वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि उन्हें अरेस्ट करने की कोई जरूरत नहीं है। सिंघवी ने पीठ के समक्ष कहा पवन खेड़ा पर जो आरोप है, वह शिकायकर्ता की मानहानि करने का है। आरोप सही हैं या नहीं, यह ट्रायल में तय होगा, लेकिन केस में गिरफ्तारी की जरूरत नहीं है। मानहानि के आरोप में बिना गिरफ्तारी के भी पूछताछ की जा सकती है।
आज गुरुवार को शीर्ष कोर्ट में जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस एएस चांदुरकर की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद फैसले को सुरक्षित रख लिया। अब टॉप कोर्ट तय करेगा कि पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत दी जाए या नहीं।
Created On :   30 April 2026 4:43 PM IST












