सीईसी विवाद: 'दुनिया नए ऑर्डर की तलाश में, भारत में कुछ लोग डिसऑर्डर के सपने देख रहे', विपक्ष पर बरसे PM मोदी

दुनिया नए ऑर्डर की तलाश में, भारत में कुछ लोग डिसऑर्डर के सपने देख रहे, विपक्ष पर बरसे PM मोदी
देशभर में सीईसी ज्ञानेश कुमार और एसआईआर को लेकर मामला गरमाया हुआ है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया गठबंधन के विरोध-प्रदर्शन और रिजीम चेंज को लेकर इशारों ही इशारों में विपक्ष को घेरने का काम किया है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देशभर में सीईसी ज्ञानेश कुमार और एसआईआर को लेकर मामला गरमाया हुआ है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया गठबंधन के विरोध-प्रदर्शन और रिजीम चेंज को लेकर इशारों ही इशारों में विपक्ष को घेरने का काम किया है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि दुनिया जहां नए ऑर्डर की तलाश कर रही है, वहीं भारत में कुछ लोग डिसऑर्डर के सपने देख रहे हैं।

भारत को लेकर क्या बोले?

पीएम मोदी ने भारत को लेकर कहा, "आज जब दुनिया में इतनी अव्यवस्था है, तब एक मजबूत भारत की तस्वीर दुनिया में जानी चाहिए, लेकिन ये लोग भारत की प्रतिष्ठा को ही मिट्टी में मिलाने पर तुले हुए हैं। ये लोग विदेशों में जाकर भारत को बदनाम करते हैं। विदेशियों से दखल की अर्जी लगाते हैं।"

उन्होंने एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में बिना नाम लिए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है। साथ ही कांग्रेस को परजीवी बताया है। उनका कहना है, "पता नहीं कब तक कांग्रेस अपने फेल प्रोडक्ट की लॉन्चिंग के लिए देश को दांव पर लगाती रहेगी।"

कांग्रेस पर साधा निशाना

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा, "साल भर में हमारे श्रीहरिकोटा से उतनी लॉन्चिंग नहीं होतीं, जितनी एक साल में कांग्रेस के लोग अपने नेता को लॉन्च करने की विफल कोशिश कर लेते हैं। कांग्रेस को अपनी जो दुर्दशा करनी हो, करे, इससे हमें कोई समस्या नहीं है, लेकिन अपने परिवार को लगातार नाकामी के दाग से बचाने के लिए कांग्रेस अब भारत की उपलब्धियों को, भारत की अच्छाइयों को, भारत की प्रगति को कटघरे में खड़ा कर रही है।"

'गांधी परिवार कांग्रेस पर बोझ'

पीएम नरेंद्र मोदी ने गांधी परिवार को लेकर कहा, "कांग्रेस का यह परिवार अपनी पार्टी पर बोझ बन चुका है। पार्टी के बड़े-बुजुर्ग भी समझते हैं, अकेले में मिलने पर बताते भी हैं, लेकिन अपमान का घूंट पीकर वे चुप रहते हैं। ईमानदार आलोचकों को इससे बहुत नुकसान हो रहा है। जो लोकतांत्रिक तरीके से सरकार के खिलाफ अपनी बात रखना चाहते हैं, उनकी बात भी कांग्रेस के शोर में खो जाती है। उन ईमानदार आलोचकों की आवाज दब जाती है, जो लोकतंत्र का भला चाहते हैं, देश का हित चाहते हैं और भले ही सरकार के कट्टर विरोधी हों, उन्हें कांग्रेस के चीखने-चिल्लाने में अपनी बात रखने का मौका ही नहीं मिलता है।"

Created On :   22 Oct 2026 10:03 PM IST

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