कैश फॉर क्वेरी मामला: टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा की बढ़ी मुश्किलें, सीबीआई कई ठिकानों पर कर रही छापेमारी

टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा की बढ़ी मुश्किलें, सीबीआई कई ठिकानों पर कर रही छापेमारी
  • कैश फॉर क्वेरी मामले में बढ़ी महुआ की मुश्किलें
  • सीबीआई ने लिया बड़ा एक्शन
  • कई ठिकानों पर की छापेमारी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कैश फॉर क्वेरी मामले में फंसी टीएमसी नेता और पूर्व लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शनिवार की सुबह इस माले को लेकर सीबीआई ने उनके खिलाफ बड़ा एक्शन लिया। जांच एजेंसी की टीमें उनके कई ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सीबीआई की एक टीम उनके पिता के कोलकाता के अलीपुर स्थित आवास पर भी पहुंची है। बता दें कि सीबीआई ने 21 मार्च यानी गुरुवार को उनके खिलाफ रेगुलर केस दर्ज किया था। जिसका आदेश लोकपाल ने दिया था।

लोकपाल ने सीबीआई को दिए आदेश में कहा था कि महुआ मोइत्रा के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधन कानून के अंतर्गत केस दर्ज कर उसकी जांच की जाए। इसके साथ ही 6 महीने के अंदर जांच रिपोर्ट देने का आदेश भी लोकपाल ने जांच एजेंसी को दिया था।

जानें पूरा मामला

पिछले साल 15 अक्टूबर को बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिख कर टीएमसी सांसद पर आरोप लगाया था। उन्होंने अपने लेटर में लिखा था कि महुआ मोइत्रा द्वारा संसद में 61 सवाल पूछे गए लेकिन उनमें से 50 सवाल केवल अडानी से जुड़े हैं जो पैसे लेकर पूछे गए हैं। इन्हीं आरोप पर महुआ मोइत्रा पिछले साल से ही चौतरफा घिरी हुई हैं।

टीएमसी सांसद पर आरोप है कि उन्होंने कारोबारी हीरानंदानी से कैश और गिफ्ट लेकर संसद में सवाल पूछे हैं, जो संसद की मर्यादा के खिलाफ है। साथ ही, महुआ मोइत्रा पर राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने का भी आरोप लगा है। निशिकांत दुबे की इस शिकायत के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कमेटी का गठन किया। विनोद कुमार सोनकर की अध्यक्षता वाली इस समिति ने कैश फॉर क्वैरी मामले में महुआ पर लगे आरोप उनकी लोकसभा सदस्यता रद्द करने की सिफारिश करते हुए अपनी रिपोर्ट तैयार की थी। कमेटी के 6 सदस्यों ने रिपोर्ट के पक्ष में मतदान किया था और दिसंबर 2023 में उनकी संसद सदस्यता रद्द कर दी गई थी।

Created On :   23 March 2024 6:01 AM GMT

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