Rajasthan News: सियासी निशाने पर केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी, अपने ही मंत्रालय से मात्र 14 दिन में ही मिली लाखों की सब्सिडी!

सियासी निशाने पर केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी, अपने ही मंत्रालय से मात्र 14 दिन में ही मिली लाखों की सब्सिडी!
खीरे की खेती के लिए 99 लाख रुपए की सब्सिडी, सरकारी पैसे की मंजूरी की रफ्तार पर उठ रहे है सियासी सवाल!

डिजिटल डेस्क, भोपाल। खीरे की खेती के लिए मिली सरकार की सब्सिड़ी को लेकर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी विवादों में घिरते जा रहे हैं। मंत्री को अपने ही कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय की एक योजना के तहत 99 लाख रुपये की सब्सिडी मात्र 14 दिन में मिल गई । किसान के रूप में कृषि मंत्री को मिली लाखों की सब्सिडी पर सियासी हमले हो रहे है। इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी एक रिपोर्ट में इसका खुलासा किया है। आपको बता दें आम किसानों को सब्सिडी को लेकर सरकार ऑफिसों के कई बार चक्कर काटने पड़ते हैं, जबकि मंत्री को एक्सप्रेस की स्पीड से मंजूरी मिली है। इसी पर सवाल उठ रहे है।

वैसे देश को कोई भी किसान इस योजना का लाभ उठा सकता है, लेकिन सवाल नैतिकता को लेकर उठ रहे हैं। मंत्रालय के मुखिया ने ही अपने निजी व्यापार के लिए इतनी बड़ी राशि की सब्सिडी ली है, यह हितों के टकराव का केस है। हालांकि मंत्री अपनी सफाई में मंत्री से पहले अपने आपको एक किसान बता रहे हैं। उनका कहना है हमने इसमें ना तो कुछ छिपाया है, ना ही कुछ गलत किया है। आधुनिक तकनीक से खेती करने की बात वो कह रहे है। यह सब्सिडी प्रोजेक्ट के लिए लिए गए टर्म लोन से जुड़ी होती है और नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड (NHB) द्वारा कई चरणों में मंजूरी और जाँच के बाद प्रोजेक्ट पूरा होने पर जारी की जाती है।

मंत्री को यह सब्सिडी "बागवानी फसलों के उत्पादन और कटाई के बाद के प्रबंधन के माध्यम से कमर्शियल बागवानी का विकास" योजना के तहत दी गई थी। इस योजना का मकसद चुनिंदा सब्जियों और फूलों की बड़े पैमाने पर कमर्शियल खेती को बढ़ावा देना है। इंडियन एक्सप्रेस से मिली जानकारी के अनुसार इस योजना के तहत, योग्य लाभार्थी , जिनमें व्यक्ति, किसान समूह, कंपनियाँ, सहकारी समितियाँ और अन्य संस्थान शामिल हैं — प्रोजेक्ट की लागत का 50 प्रतिशत तक सब्सिडी पा सकते हैं, जिसकी अधिकतम सीमा प्रति परिवार 1 करोड़ रुपये है।

राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB) सीधे कृषि मंत्रालय के अधीन आता है, और मंत्री होने के नाते भागीरथ चौधरी खुद इस बोर्ड के पदेन उपाध्यक्ष हैं। इंडियन एक्सप्रसे की रिपोर्ट में बताया गया है कि राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के पीह गांव में मंत्री के एक निजी कृषि फार्म में लगे एक आधिकारिक बोर्ड से इसका खुलासा हुआ। यहां से पता चला कि प्रोजेक्ट की पूरी लागत करीब 2 करोड़ रुपए है। सरकारी सब्सिडी 99 लाख रुपए है। इसमें से 1 करोड़ 49 लाख 40 हजार रुपए का ​HDFC बैंक से लोन लेना बताया गया है, जबकि पचास हजार के करीब मंत्री का स्वयं का निवेश किया गया है।

Created On :   27 Jun 2026 4:33 PM IST

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