विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की तैयारी: महिला आरक्षण बिल से जुड़े मुद्दे पर विधानसभाओं में होंगे विशेष सत्र, उप्र ने तय किया दिन, मप्र में भी जल्द ऐलान

महिला आरक्षण बिल से जुड़े मुद्दे पर विधानसभाओं में होंगे विशेष सत्र, उप्र ने तय किया दिन, मप्र में भी जल्द ऐलान
लोकसभा में महिला आरक्षण बिल गिरने के बाद उत्तरप्रदेश में 30 अप्रैल को विशेष सत्र , सीएम डॉ मोहन यादव ने भी मध्यप्रदेश में एक दिन का विधानसभा सत्र बुलाने की कही बात

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। उत्तरप्रदेश की सरकार ने 30 अप्रैल को विशेष सत्र बुलाने का ऐलान कर दिया है। बीते दिन रविवार को कैबिनट बाई सर्कुलेशन ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। लोकसभा में महिला आरक्षण बिल गिरने के बाद मध्यप्रदेश में भी सियासत गरमा गई है, सीएम डॉ मोहन यादव ने मीडिया को संबोधित करते हुए एक दिन का विधानसभा सत्र बुलाने की बात कही। मध्यप्रदेश की राह पर बीजेपी शासित देश के कई राज्यों में विधानसभा सत्र बुलाने की होड़ मच गई है। इन विशेष विधानसभा सत्रों के बुलाने की वजह विपक्ष की आलोचना और उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करना है। सड़क पर जनता और सदन के भीतर बीजेपी शासित राज्यों की सरकार इस मुद्दे को जोर शोर से उठाना चाहती है। भाजपा इसे महिला विरोधी रवैये के रूप में पेश करते हुए विपक्ष पर सीधा हमला बोलने वाली है।

आपको बता दें लोकसभा में महिला आरक्षण बिल गिरने को बीजेपी एक अलग एंगल देने में जुट गई है। बीजेपी और उसके नेताओं का पूरा फोकस बिल के पास ना होने और सियासत में महिलाओं के अधिकारों में देरी की वजह के लिए कांग्रेस और विपक्ष को जिम्मेदार ठहराना है ,उत्तरप्रदेश भी एक दिन का विशेष विधानसभा सत्र बुला रहा है। यूपी की योगी सरकार ने 30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। मध्यप्रदेश में एक दिन के विशेष सत्र की तारीख भी जल्द सामने आ जाएगी।

बीजेपी शासित राज्य सरकार की ओर से बुलाए जाने वाले विशेष सत्र का मुख्य उद्देश्य,संसद में महिला आरक्षण बिल को लेकर 131वां संविधान संशोधन बिल के पास न होने के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराना है। विपक्ष की आलोचना और सदन से उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाना है। सत्र के साथ ही सत्तारूढ़ बीजेपी सरकार सम्मेलन, रैली, पदयात्रा ,जनसभा आयोजित कर जनता के बीच विपक्ष को बेनकाब करने की पुरजोर कोशिश में है।

आपको बता दें लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के पारित न हो पाने के बाद बीजेपी शासित राज्य मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में सियासी घमासान तेज है। इस मुद्दे को लेकर बीजेपी जनता के बीच देश भर में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने की तैयारी में है। बीजेपी सदन में ना सही लेकिन सड़क, सम्मेलन, रैली और जनसभाओं के जरिए विपक्षी पार्टियों खासतौर पर कांग्रेस को सीधे घेर कर इसे पब्लिक कैंपन में बदलने के मूड में है। मध्यप्रदेश एक दिन विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने से पहले आज महिला आधिकारिक मंच से इस मुद्दे को उठा रही है।

Created On :   20 April 2026 2:42 PM IST

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