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इस बार घर पर बनाकर खाएं ब्रेड इडली

इस बार घर पर बनाकर खाएं ब्रेड इडली

डिजिटल डेस्क, मुम्बई। दाल और चावल से बनी इडली को आपने बहुत खाई होगी, लेकिन क्या आपने कभी ब्रेड से बनी इडली खाई है? अगर नहीं तो हम आपको बता रहे हैं ब्रेड इडली की शानदार रेसिपी के बारे में। यह खाने में बहुत ही स्वादिष्ट होती है और इसे बनाने का तरीका भी आसान है। 

बनाने के लिए आपको चाहिए-
वाइट ब्रेड  - 4 स्लाइस
आलू - 2 
लाल मिर्च पाउडर - 3/4 टीस्पून
आमचूर - 1/4 टीस्पून
अदरक का पेस्ट - 1 टीस्पून 
हरी मिर्च - 2 
गर्म मसाला - 1/4 टीस्पून
जीरा पाउडर - 1/4 टीस्पून
हरा धनिया - 1 टेबलस्पून
नमक - 2 टीस्पून
रिफाइंड ऑयल - 1 टेबलस्पून
राई - 1 टीस्पून
करी पत्ता - 3 से 4
दही - 200 ग्राम

बनाने की वि​धि:
सबसे पहले आलू उबाल कर ठंडे होने के लिए रख दें। उसके बाद आलू छील लें, उन पर आमचूर, लाल मिर्च, हरी मिर्च, अदरक का पेस्ट, नमक, गर्म मसाला, जीरा पाउडर, कटा हरा धनिया डालकर अच्छी तरह मैश कर लें। दहीं को मलमल के कपड़े से छानकर उसका सारा पानी निचोड़ लें, साथ ही चुटकी भर नमक और लाल मिर्च डाल दें। अगर दहीं ज्यादा गाढ़ा लगे तो थोड़ा-सा पानी डालकर पतला कर लें। ब्रेड स्लाइस को कटोरी की मदद से राउंड शेप में काट लें। अब गैस पर तवे को गर्म होने के लिए रख दें। गर्म होने के बाद तवे पर थोड़ा-सा तेल लगाएं। तवे पर थोड़े से राई के दाने झोंक दें। अब कटे हुए ब्रेड स्लाइस के एक तरफ मैश आलू लगा दें। आलू वाली साइड की तरफ से ब्रेड लाइस को तवे पर डाल दें। 2 से 3 मिनट तक स्लाइस के पकने पर उपर वाली साइड पर दहीं लगा दें और साइड को पलट दें। ब्रेड को 7 से 8 मिनट तक धीमी आंच पर पकने दें। एक फ्राइंग पैन में थोड़ा-सा तेल लेकर राई और करी पत्ते का तड़का तैयार कर लें। आप चाहें तो प्याज टमाटर का तड़का भी लगा सकते हैं। तैयार तड़के में ब्रेड स्लाइस डालकर हल्के हाथों से हिलाएं। आपकी ब्रेड इडली तैयार है। इसे अपनी मनपसंद सॉस के साथ गर्म-गर्म सर्व करें।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।