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एशिया कप : भारत-पाकिस्तान के बीच हाई वोल्टेज मुकाबला, जानिए कौन किस पर भारी

September 19th, 2018 16:04 IST
एशिया कप : भारत-पाकिस्तान के बीच हाई वोल्टेज मुकाबला, जानिए कौन किस पर भारी

हाईलाइट

  • बुधवार को होने वाले भारत और पाकिस्तान के बीच मैच पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हैं।
  • इन दो देशों के बीच एशिया कप इतिहास में अब तक 12 मैच हुए हैं।
  • इसमें से टीम इंडिया ने 6, जबकि पाकिस्तान ने 5 बार जीत हासिल की है।

डिजिटल डेस्क, दुबई। दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों को भारत और पाकिस्तान के बीच एशिया कप में जिस हाई-वोल्टेज मुकाबले का लंबे समय से इंतजार था, उसे पूरा होने में अब सिर्फ कुछ घंटे रह गए हैं। बुधवार को होने वाले इस मैच पर न केवल क्रिकेट प्रेमियों बल्कि पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं। यह मुकाबला मैदान-ए-जंग से बाहर निकलकर लोगों के दिलों में भी भावनाओं का तूफान ला देता है। इन दो देशों के बीच लंबे समय से कोई सीरीज नहीं खेली गई है। ऐसे में इन टूर्नामेंट के सहारे ही यह दोनों टीमें आपस में भिड़ पाती हैं। अंतिम बार यह दोनों टीमें पिछले साल चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भिड़ी थीं। करीब एक साल बाद दोनों टीमें एक बार फिर भिड़ने जा रही हैं। ऐसे में दर्शकों को दोनों टीमों के बीच एक कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है।

इन दो देशों के बीच एशिया कप इतिहास में अब तक 12 मैच हुए हैं। इसमें से टीम इंडिया ने 6, जबकि पाकिस्तान ने 5 बार जीत हासिल की है। वहीं एक मैच रद्द कर दिया गया था। भारत की ओर से विराट कोहली (459 रन, औसत-45.90), जबकि पाकिस्तान की ओर से मो. हफीज (437 रन, औसत-54.62) सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। यह दोनों बल्लेबाज इस साल टीम में नहीं हैं। जबकि गेंदबाजी में भुवनेश्वर कुमार ने पाकिस्तान के खिलाफ सबसे ज्यादा विकेट लिए हैं।

इंडिया बनाम पाकिस्तान, Head to head:
1984 एशिया कप: भारत ने पाकिस्तान को 54 रनों से हराया था।
1988 एशिया कप: भारत ने पाकिस्तान को 4 विकेट से हराया था।
1995 एशिया कप: पाकिस्तान ने भारत को 97 रनों से हराया था।
1997 एशिया कप: बारिश के कारण मैच रद्द कर दिया गया था।
2000 एशिया कप: पाकिस्तान ने भारत को 44 रनों से हराया था।
2004 एशिया कप: पाकिस्तान ने भारत को 59 रनों से हराया था।
2008 एशिया कप: भारत ने ग्रुप स्टेज में पाकिस्तान को 6 विकेट से हराया था।
2008 एशिया कप: पाकिस्तान ने सेमीफाइनल में भारत को करारी शिकस्त दी थी।
2010 एशिया कप: भारत ने पाकिस्तान को 3 विकेट से हराया था।
2012 एशिया कप: भारत ने पाकिस्तान को 6 विकेट से हराया था।
2014 एशिया कप: पाकिस्तान ने भारत को 1 विकेट से हराया था।
2016 एशिया कप: भारत ने पाकिस्तान को 5 विकेट से हराया था।

पाकिस्तान के वजीर-ए-आजम भी जा सकते हैं मैच देखने
एक रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान भी एशिया कप का यह हाई वोल्टेज मुकाबला देखने जा सकते हैं। इमरान पीएम नियुक्त होने के बाद अपने पहले विदेशी दौरे पर सऊदी अरब और UAE के लिए रवाना हुए हैं। इमरान को वर्ल्ड के महान ऑलराउंडर्स में से एक माना जाता है। वह 1982 से 1992 तक पाकिस्तानी टीम के कप्तान भी रहे थे। वह पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के मुख्य संरक्षक भी हैं।

आइए जानते हैं कि किस टीम का पलड़ा भारी है -

टीम इंडिया ने UAE में हुए दोनों एशिया कप टू्र्नामेंट जीते हैं
UAE में खेले गए दो एशिया कप टूर्नामेंट में से भारत ने दोनों में ही जीत हासिल की थी। 1984 और 1995 में दुबई में खेले गए एशिया कप टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने जीत हासिल की थी। 2018 में एक बार फिर से यह टूर्नामेंट दुबई में खेला जा रहा है और आंकड़ों के अनुसार एक बार फिर प्रशंसक टीम इंडिया के जीतने की उम्मीद कर सकते हैं।

चैंपियंस ट्रॉफी का बदला लेना चाहेगी भारतीय टीम
दोनों टीमें पिछले साल चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भी भिड़ी थीं। इस मैच में पाकिस्तान ने भारत को 180 रन से करारी शिकस्त दी थी। पाकिस्तान के 338 रन के जवाब में भारत की पूरी टीम 158 रन पर ऑलआउट हो गई थी। रोहित शर्मा के नेतृत्व में भारतीय टीम का लक्ष्य पाकिस्तान को हराकर इस हार का बदला लेने का होगा।

लगातार दूसरा मैच खेलेगा भारत, पाकिस्तान उठा सकता है फाएदा
भारतीय टीम पहले मंगलवार को हांगकांग से भिड़ी है। इसके बाद यह टीम बुधवार को पाकिस्तान से मुकाबला करेगी। ऐसे में खिलाड़ियों को हांगकांग के खिलाफ मैच के बाद आराम करने का ज्यादा मौका नहीं मिल पाएगा। इसका फाएदा पाकिस्तान को मिल सकता है।

भारतीय बैटिंग vs पाकिस्तानी बॉलिंग
हमेशा की तरह यह मैच भी भारतीय बैटिंग बनाम पाकिस्तानी बॉलिंग होने वाला है। भारतीय बैटिंग की कमान एम एस धोनी, रोहित शर्मा और शिखर धवन के हाथों में होगी। वहीं पाकिस्तानी बॉलिंग की कमान रफ्तार के सौदागर मो. आमिर और हसन अली के हाथों में होगी, जबकि पाकिस्तान के बाएं हाथ के स्पिनर शादाब खान भी अहम भूमिका निभा सकते हैं।

भारत और पाकिस्तान के बीच 5 सबसे रोमांचक मैच
एशिया कप इतिहास में भारत और पाकिस्तान के बीच वैसे तो हर मैच रोमांचक होता है। हालांकि 2008 (ग्रुप स्टेज और सेमीफाइनल), 2010, 2012 और 2014 में खेले गए मैच इन दो देशों की प्रतिस्पर्धा में चार चांद लगा देते हैं।

2008 के ग्रुप स्टेज में पाकिस्तान ने शोएब मलिक की 125 रन की पारी की बदौलत भारत को 299 रन का लक्ष्य दिया था। इसके जवाब में भारत ने सहवाग के 95 गेंदों में 119 रन की बदौलत पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी थी। वहीं इसका बदला लेते हुए इसी संस्करण के सेमीफाइनल में पाकिस्तान ने भारत को हराकर बाहर कर दिया था। भारत ने तब पाकिस्तान के सामने धोनी और रोहित शर्मा की शानदार पारियों की बदौलत 308 रन का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया था। इसके जवाब में यूनुस खान की 117 गेंदों में 123 रन की शानदार पारी की बदौलत पाकिस्तान ने जीत हासिल की थी।

2010 एशिया कप के एक मैच में पाकिस्तान ने भारत के सामने 267 रन का लक्ष्य रखा था। इसके जवाब में भारत ने गौतम गंभीर और धोनी के हाफ सेंचुरी की बदौलत एक गेंद रहते मैच जीत लिया था। भारत को तब जीत के लिए 7 गेंदों मे 7 रन चाहिए थे। इस दौरान शोएब अख्तर ने हरभजन को कुछ कह दिया था। इसका जवाब देते हुए हरभजन ने गेंद को छक्के में बदलकर जीत दिलाई थी।

2012 में भारत-पाकिस्तान के बीच खेला गया मैच कौन भूल सकता है। इस मैच में विराट कोहली ने 148 गेंदों में 183 रन की विस्फोटक पारी खेली थी। पाकिस्तान ने भारत को 329 रन को लक्ष्य दिया था, जिसे भारत ने कोहली की पारी के बदौलत बोनस अंकों से जीता था।

2014 में खेले गए मैच में बूम-बूम अफरीदी ने विस्फोटक पारी खेल भारत के हाथ से जीत छीन ली थी। भारत के 245 रन के जवाब में पाकिस्तान के छह विकेट गिर चुके थे और अंतिम 10 गेंदों में 11 रन चाहिए थे। पाकिस्तान ने अगले पांच गेंदों में अपने 3 विकेट और गंवा दिए। इसके बाद अफरीदी ने अश्विन की लगातार दो गेंदों पर छक्के लगाकर पाकिस्तान को जीत दिलाई थी।

बता दें कि इन दो देशों के बीच अभी तक कुल 129 वनडे मैच हुए हैं। इसमें से भारत ने 52 और पाकिस्तान ने 73 मुकाबले जीते हैं। वहीं भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले 18 सालों में 51 वनडे मैच खेले गए हैं। इसमें भारत ने 25 और पाकिस्तान ने 26 मैचों में जीत दर्ज की है। भारत के पास पाकिस्तान को एशिया कप मुकाबले में हराकर इस रिकॉर्ड की बराबरी करने का बेहतरीन मौका है।

दोनों टीमें इस प्रकार हैं:
भारत : रोहित शर्मा (कप्तान), शिखर धवन (उपकप्तान), लोकेश राहुल, अंबाती रायडू, मनीष पांडे, केदार जाधव, महेंद्र सिंह धोनी, दिनेश कार्तिक, हार्दिक पांड्या, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल, अक्षर पटेल, भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह, शार्दूल ठाकुर और खलील अहमद। 
पाकिस्तान : सरफराज अहमद (कप्तान), आसिफ अली, बाबर आजम, फहीम अशरफ, फखर जमन, हारिश सोहेल, हसन अली, इमाम उल हक, जुनैद खान, मोहम्मद आमिर, मोहम्मद नवाज, शादाब खान, शाहीन अफरीदी, शान मसूद, शोएब मलिक, उस्मान खान। 

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santosh kumar sarbotam September 19th, 2018 10:02 IST

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।