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रांची टेस्ट के दौरान आस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की आंखों में थकान थी : पुजारा

June 18th, 2020 22:30 IST
 रांची टेस्ट के दौरान आस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की आंखों में थकान थी : पुजारा

हाईलाइट

  • रांची टेस्ट के दौरान आस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की आंखों में थकान थी : पुजारा

नई दिल्ली, 18 जून (आईएएनएस)। टेस्ट क्रिकेट में भारत के भरोसेमंद बल्लेबाजों में से एक चेतेश्वर पुजारा ने 2017 में रांची में आस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैच को एक बार फिर से याद किया है। पुजारा ने उस मैच में रिकॉर्ड 525 गेंदों पर 202 रन की पारी खेली थी।

पुजारा द्वारा खेली गई यह पारी गेंदों का सामना करने के मामले में टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा सबसे ज्यादा गेंद में खेली गई पारी थी।

पुजारा ने सोनी टेन पिट स्टॉप पर आस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के बारे में कहा, मुझे अभी भी उन्हें श्रेय देना होगा।

उस मैच में आस्टेलिया के स्टीव ओ कैफे ने 77 और नाथन लियोन ने 46 ओवर फेंके थे। वहीं, तेज गेंदबाज पैट कमिंस ने 39 और जोश हेजलवुड ने 44 ओवरों की गेंदबाजी की थी।

आस्टेलिया ने पहली पारी में 451 रन बनाए थे और भारत ने पुजारा के दोहरे शतक की मदद से नौ विकेट पर 603 रन बनाकर अपनी पारी घोषित कर दी थी।

पुजारा ने उस पारी में 11 घंटों तक बल्लेबाजी की थी और उन्होंने विकेटकीपर बल्लेबाज रिद्धिमान साहा के साथ 199 रन जोड़े थे। साहा ने भी शतक लगाया था।

पुजारा ने कहा, वे पूरे समय दौड़ते ही रहे और हमें आउट करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देते रहे। लेकिन साहा के साथ हुई साझेदारी महत्वपूर्ण थी।

उन्होंने कहा, उनके बिना मुझे नहीं लगता है कि हम इतने बड़े स्कोर बना पाते। लेकिन साथ ही उस समय पिच पर गेंदबाजों के लिए कुछ भी नहीं था। बल्लेबाज को छकाने के लिए आस्टेलियाई गेंदबाजों को अतिरिक्त गति की जरूरत थी।

पुजारा ने कहा, इसलिए यह उनके लिए बहुत मुश्किल था। एक बल्लेबाज के रूप मुझे इस तरह की चुनौती पसंद है। अंत में जब हमने 500 से अधिक रन बना दिए तो उनकी आखों में थकान देखी जा सकती थी।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

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डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।