comScore

बल्लेबाज को बोल्ड करने के बाद इस मशहूर गेंदबाज ने दी मैदान पर गालियां, लगा था भारी जुर्माना, दर्शकों ने की हूटिंग 

बल्लेबाज को बोल्ड करने के बाद इस मशहूर गेंदबाज ने दी मैदान पर गालियां, लगा था भारी जुर्माना, दर्शकों ने की हूटिंग 

हाईलाइट

  • 6 मार्च 1994 को आस्ट्रेलिया और दक्षिण-अफ्रीका के बीच सीरीज का पहला टेस्ट मैच खेला जा रहा था।
  • इस मैच में दक्षिण अफ्रीका के कप्तान केपलर वेसेल्स ने टॉस जीता और बैटिंग चुनी।
  • शेन वॉर्न ने घटना के बारे में अपनी किताब ‘Shane Warne: My Own Story’ में लिखा

डिजिटल डेस्क (भोपाल)।  क्रिकेट के मैदान पर खिलाड़ियों के बीच तू-तू, मैं-मैं हमेशा चर्चा में रही है। लेकिन एक ऐसा क्रिकेटर भी है, जो अक्सर विवादों की वजह से सुर्खियों में रहा है। जी हां, इस क्रिकेटर का नाम है शेन वार्न। आस्ट्रेलिया के गेंदबाज ने कई बार मैदान पर बड़े-बड़े हंगामे किए हैं। ऐसा ही एक विवाद हुआ था आज ही के दिन 6 मार्च 1994 को जब जोहानसबर्ग के ग्राउंड पर आस्ट्रेलिया और दक्षिण-अफ्रीका के बीच सीरीज का पहला टेस्ट मैच खेला जा रहा था। 4 मार्च से शुरू हुआ यह टेस्ट मैच 8 मार्च तक चला था। 

इस मैच में दक्षिण अफ्रीका के कप्तान केपलर वेसेल्स ने टॉस जीता और बैटिंग चुनी। साउथ अफ्रीका की पहली पारी 251 रन पर सिमट गई थी। इसके बाद आस्ट्रेलिया की पहली पारी भी 248 रन पर आलआउट हो गई और मैच काफी रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका था। इसके बाद मैच के तीसरे दिन जब साउथ अफ्रीका की दूसरी पारी मैदान में उतरी तो 44वें ओवर में वार्न ने ऐसा कुछ किया कि वह इतिहास में दर्ज हो गया। शेन वॉर्न ने घटना के बारे में अपनी किताब ‘Shane Warne: My Own Story’ में लिखा कि कप्तान एलन बॉर्डर ने गेंद देखते हुए कहा, ‘हमें तुम्हारी जरूरत है वॉर्नी, कम ऑन, विकेट दिलाओ। मैं उस समय मैदान में मौजूद 40 हजार लोगों को दिखाना चाहता था कि मैं सब ठीक कर दूंगा।’ मैच में 43 ओवर फेंके जा चुके थे और वार्न ने एक भी ओवर नहीं किया था। ऐसे में वॉर्न के ओवर की तीसरी गेंद पर एंड्रयू हडसन बोल्ड हो गए, इस पर वॉर्न ने चिल्लाते हुए गाली दी और दोबारा गाली देते हुए हडसन से मैदान से बाहर जाने को कहा। 

गाली सुनकर हडसन गुस्सा हो गए और वॉर्न से भिड़ गए। ऑस्ट्रेलिया के विकेटकीपर इयान हिली ने वॉर्न को रोकने की कोशिश की। वहीं, दर्शक भी वॉर्न के बर्ताव को देखकर नाराज हो गए, उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर के खिलाफ खूब हूटिंग की। ऑस्ट्रेलियन टीम के खिलाड़ी भी वॉर्न के इस अंदाज पर हैरान थे, लेकिन जो हुआ उसे बदला तो नहीं जा सकता था। मैच रेफरी डॉनल्ड केर ने वॉर्न पर 220 पाउंड का जुर्माना लगाया, बाद में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने भी वॉर्न पर जुर्माना लगाया। हालांकि, वॉर्न ने एंड्रयू हडसन से माफी मांगी और यह मामला खत्म हो गया। 

दरअसल, दूसरी पारी में साउथ अफ्रीका के बल्लेबाजों ने धमाकेदार शुरुआत की और दूसरी पारी 450 रन पर घोषित कर दी थी। पहला विकेट 76 रन पर गिरा था और दूसरा विकेट एंड्रयू हडसन का 123 रन पर गिरा, उन्होंने 60 रन की पारी खेली। इसके बाद खेलने उतरी आस्ट्रेलिया की टीम 256 रन पर आलआउट हो गई थी और दक्षिण अफ्रीका ने यह मैच 197 रन जीत लिया था। 

कमेंट करें
V0KZN
NEXT STORY

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।