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भारत ने चीन से खेला ऐतिहासिक ड्रॉ, दोनों टीमें गोल करने में नकामयाब रहीं

October 14th, 2018 10:50 IST
भारत ने चीन से खेला ऐतिहासिक ड्रॉ, दोनों टीमें गोल करने में नकामयाब रहीं

हाईलाइट

  • भारतीय गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू ने चीन को उसी के घर में ड्रॉ पर रोकने में अहम भूमिका निभाई
  • दोनों टीमों के बीच 21 साल बाद कोई मुकाबला खेला गया

यडिजिटल डेस्क, सुजोऊ (चीन)। भारतीय फुटबाल टीम और चीन के बीच शनिवार को खेला गया एेतिहासिक दोस्ताना मुकाबला ड्रॉ रहा। दोनों टीमों के बीच जोरदार टक्कर देखने को मिली, दोनों ही टीमें गोल करने में नाकामयाब रहीं। भारतीय गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू ने चीन को उसी के घर में ड्रॉ पर रोकने में अहम भूमिका निभाई। संधू ने कई मौकों पर शानदार बचाव किए। संधू को टीम के डिफेंस लाइन का बखूबी साथ मिला। इन दोनों की जुगलबंदी के कारण आखिरी समय तक लगातार अटैक करने वाली चीनी टीम गोल करने में असफल रही।

दोनों टीमों के बीच 21 साल बाद कोई मुकाबला हुआ। अब तक यह दोनों टीमें 18 बार एक-दूसरे का आमना-सामना कर चुकी हैं। जिसमें चीन ने 12 मुकाबलों में जीत हासिल की है जबकि छह मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। चीन की सरजमी पर भारत की सीनियर टीम ने पहली बार कोई फुटबाल मैच खेला है। 1997 में कोच्चि में हुए नेहरू कप के मुकाबले में 'रेड ड्रैगन्स' ने भारत को 2-1 से हराया था। वर्ल्ड रैंकिंग में चीन 73वें स्थान है। वहीं, भारत 97वें पायदान पर है।

सूझोऊ ओलम्पिक स्पोर्ट्स सेंटर स्टेडियम में खेला गया यह मैच भारत के लिए अगले वर्ष जनवरी में होने वाले एशियन कप की तैयारियों के लिहाज से भी बेहद अहम था। इस मुकाबले में चीन ने शुरूआत से ही 'हाईप्रेस' खेल दिखाकर मेहमान टीम के डिफेंस पर दबाव बनाने की भरपूर कोशिश की। चीन को तीसरे मिनट में ही कॉर्नर मिला और भारत की कप्तानी कर रहे डिफेंडर संदेश झिंगन ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए मेजबान टीम को कोई गोल करने मौका नहीं दिया। मैच के 7वें मिनट चीन ने अपनी बाईं छोर से अटैक किया। मेजबान टीम ने बॉक्स के अंदर हेडर के जरिए गोल करने का प्रयास किया, लेकिन इस बार भी झिंगन गेंद को मैदान से बाहर करने में कामयाब रहे। 

लगातार आक्रामक फुटबाल खेल रही चीन को 13वें मिनट में काउंटर अटैक का सामना करना पड़ा। युवा मिडफील्डर अनिरुद्ध थापा ने चीन के बॉक्स में अपनी दाईं ओर मौजूद प्रीतम कोटाल को पास दिया। कोटाल ने गोल की ओर शॉट लगाया जिस पर चीन के गोलकीपर यान जुनलिंग ने शानदार बचाव किया। यहां भारत के पास बढ़त बनाने का बेहतरीन मौका था। मैच के 24वें मिनट में चीन ने अपने बाएं फ्लेंक से गोल करने का प्रयास किया, जिस पर संधू ने बेहतरीन बचाव किया। अपना 100वां मैच खेल रहे 32 वर्षीय गाओ लिन ने बॉक्स के अंदर से गोल की ओर शॉट मारा लेकिन संधू ने अपने बाएं पैर का उपयोग करते हुए भारतीय टीम को मैच में बनाए रखा। 

इसके बाद, मेजबान टीम ने मैच पर अपनी पकड़ फिर से बना ली और लगातार अटैक किए। भारतीय डिफेंडर नारायण दास को चीन के फारवर्ड खिलाड़ियों की तेजी से बहुत परेशानी हुई लेकिन उन्होंने अपनी टीम को पहले हाफ में पिछड़ने नहीं दिया। मैच में बढ़त न बना पाने के कारण चीन के मुख्य कोच मासेर्लो लिप्पी ने टीम में बदलाव किए और दूसरे हाफ की भी दमदार शुरूआत की। 

गाओ लिन को 50वें मिनट में बॉक्स के बाहर से गोल करने का शानदार मौका मिला लेकिन वह गेंद को गोलपोस्ट पर मार बैठे। इसके बाद भारतीय टीम ने छह मिनट बाद अटैक किया। इस बार बॉक्स के अंदर फारवर्ड खिलाड़ी उदांता सिंह को गेंद मिली लेकिन वह भी अपनी टीम को बढ़त नहीं दिला पाए। मैच के अंतिम 10 मिनट में चीन ने गेंद पर नियंत्रण रखते हुए मेहमान टीम के डिफेंस को भेदने की कोशिश की। संधू ने अंतिम क्षणों में भी अपना संयम नहीं खोया और शानदार बचाव करते हुए चीन को जीत से दूर रखा। 

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