दैनिक भास्कर हिंदी: #INDvsAUS: ये भारतीय शेर कंगारुओं पर पड़े भारी

September 18th, 2017

डिजिटल डेस्क, चेन्नई। इंडिया और ऑस्ट्रेलिया के बीच रविवार को चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में पहला वनडे खेला गया। पहले ही मैच में ऑस्ट्रेलिया को 26 रन से हराकर टीम इंडिया ने जीत से अपनी शुरुआत की है। पहले वनडे में टीम इंडिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया, लेकिन कप्तान कोहली का ये फैसला गलत सा साबित होने लगा, क्योंकि कंगारुओं के सामने टीम इंडिया का टॉप ऑर्डर टिक ही नहीं पा रहा था। पहले रहाणे, कोहली, मनीष पांडे और रोहित शर्मा के होने के बाद टीम इंडिया की हालत खराब हो गई थी और फैंस में भी निराशा छा गई थी। सिर्फ 11 रन पर 3 झटके लगने के बाद लग ही नहीं रहा था कि टीम कोई बड़ा स्कोर खड़़ा पाएगी, लेकिन धोनी की 79 और पांड्या की 83 रनों की पारी के बदौलत टीम 281 रनों का स्कोर खड़ा कर पाई। जिसके बाद काफी देर तक बारिश की वजह से गेम रुका रहा और डकवर्थ लुईस नियम के तहत ऑस्ट्रेलिया को 21 ओवरों में 164 रन बनाने का टारगेट मिला। इंडियन बॉलर्स के सामने कंगारुओं के सामने टिक नहीं पाए और 26 रन से ये मुकाबला इंडिया ने जीत लिया। 83 रन बनाने के साथ-साथ 2 विकेट भी झटकने वाले हार्दिक पांड्या को मैन ऑफ द मैच चुना गया। आइए जानते हैं पहले वनडे में टीम इंडिया के कौन-कौन हीरो रहे...

1. महेंद्र सिंह धोनी:

टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि 'अनहोनी को होनी' करने की ताकत उनमें अभी भी है। दुनिया में कितने ही अच्छे खिलाड़ी क्यों न आ जाए, लेकिन धोनी जैसा फिनिशर फिलहाल कहीं नहीं है। शुरुआत में ही 4 झटके लगने के बाद धोनी ने गिरते विकेटों पर लगाम लगाई और कंगारुओं को परेशान किया। शुरुआत में धोनी स्लो खेले और विकेटों को थामकर रखा और जब मौका मिला तो धोनी कंगारू गेंदबाजों को परेशान करने से बाज नहीं आए। इस मैच में धोनी ने 88 बॉल पर 79 रनों की शानदार पारी खेली। धोनी ही थे, जो गेम को आखिरी ओवर तक ले गए। नहीं तो शुरुआत में ही 4 झटके लगने के बाद टीम का आखिरी ओवर तक खेलना ही डाउटफुल हो गया था और न ही कोई उम्मीद बची थी कि टीम कोई बड़ा स्कोर खड़ा कर पाएगी। लेकिन धोनी की पारी की बदौलत टीम सम्मानजनक स्कोर खड़ा  कर पाई। इस मैच में धोनी ने अपने इंटरनेशन करियर की 100वीं हाफ सेंचुरी लगाई। ऐसा करने वाले भारत के चौथे और दुनिया के 15वें बैट्समैन है। उनसे पहले ये कारनामा सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ के नाम है। 

2. हार्दिक पांड्या:

हार्दिक पांड्या जब बल्लेबाजी करने आए तो टीम के ऊपर काफी प्रेशर था। टीम इंडिया की हालत संभलकर खेलने वाली थी, क्योंकि जरा सी चूक टीम को हार की कगार पर खड़ा कर सकती थी, लेकिन पांड्या को इन सब बातों से कोई फर्क नहीं पड़ता। पांड्या हमेशा वैसा ही खेलते हैं, जैसा उन्हें खेलना पसंद है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले वनडे में पांड्या ने 66 बॉलों में 83 रनों की पारी खेली। इस दौरान उन्होंने लगातार 3 छक्के भी लगाए। पांड्या ने चौथी बार ये कारनामा किया है, जब उन्होंने लगातार 3 छक्के लगाए हों। इससे पहले भी चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में टीम की हालत बहुत खराब थी, लेकिन पांड्या ने उस दौरान भी शानदार 76 रनों की पारी खेली और अगर वो रन आउट नहीं होते तो उस मैच को भी काफी करीब तक लेकर आ सकते थे। खैर, ये तो पुरानी बात है, लेकिन इस मैच में एक तरफ से धोनी संभलकर तो पांड्या बेफिक्र होकर खेल रहे थे और उनकी इस बेफिक्री का ही नतीजा था, कि टीम इंडिया 281 रन बनाने में कामयाब हो सकी। 

3. यजुवेंद्र चहल:

टीम इंडिया के छोटे से दिखने वाले यजुवेंद्र चहल ने अपनी गेंदबाजी करके कंगारुओं को पवैलियन भेज दिया। टीम इंडिया जब गेंदबाजी करने आई तो शुरुआत में ही जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या ने सफलता दिलाई और बाद में चहल ने अपना कमाल दिखाया। एक समय में जब ग्लेन मैक्सवेल अपने फॉर्म में आ रहे थे, तब चहल ही थे, जो मैक्सवेल की बैटिंग पर रोक लगा पाए। मैक्सवेल का विकेट भारत के लिए बहुत फायदेमंद रहा क्योंकि अगर मैक्सवेल आखिरी ओवर तक टिक जाते तो टीम इंडिया के लिए ये मैच जीतना मुश्किल हो जाता। इसके बाद चहल कमिंस और वेड को भी चलता किया।