comScore

भारतीय शूटर मनु भाकर का दिल्ली एयरपोर्ट पर अपमान, निशानेबाजी बंदूक से जुड़े कागजात होने के बावजूद अधिकारियों ने फ्लाइट में चढ़ने से रोका

भारतीय शूटर मनु भाकर का दिल्ली एयरपोर्ट पर अपमान, निशानेबाजी बंदूक से जुड़े कागजात होने के बावजूद अधिकारियों ने फ्लाइट में चढ़ने से रोका

हाईलाइट

  • केंद्रीय खेल मंत्री के हस्तक्षेप के बाद उड़ान भरने की मंजूरी दी
  • मनु ने शुक्रवार को कई बार में ट्वीट किए
  • ISSSF विश्व कप के लिए शीर्ष निशानेबाजों में से एक मनु

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत की स्टार महिला निशानेबाज मनु भाकर को दिल्ली एयरपोर्ट पर अपमान का सामना करना पड़ा। एयर इंडिया ने उन्हें फ्लाइट में चढ़ने से रोक दिया और उनसे 10,200 रुपए मांगे। दरअसल, मनु भाकर शुक्रवार को दिल्ली से भोपाल ट्रेनिंग के लिए जा रही थीं, लेकिन एयर इंडिया अधिकारियों ने उन्हें फ्लाइट में बैठने से रोक दिया।

ओलंपिक कोटा विजेता पिस्टल शूटर मनु भाकर ने शुक्रवार शाम को आरोप लगाया कि इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पर एयर इंडिया के अधिकारियों द्वारा उन्हें परेशान किया गया। हरियाणा की 19 वर्षीय शूटर मनू भाकर के मुताबिक वह शुक्रवार को दिल्ली से भोपाल शूटिंग अकादमी जा रही थीं और उनके पास दो पिस्टल और गोलियां थीं। निशानेबाजी बंदूक से जुड़े कागजात होने के बावजूद एयर इंडिया के अधिकारियों ने उनके साथ बदसलूकी की और उनसे 10,200 रुपये की मांग की। उन्होंने एयर इंडिया के अधिकारी मनोज गुप्ता और अन्य स्टाफ पर अपमान करने का आरोप लगाया।

केंद्रीय खेल मंत्री के हस्तक्षेप के बाद उड़ान भरने की मंजूरी दी
मनु को इस कारण विमान में चढ़ने की अनुमति नहीं दी गई, लेकिन एयर इंडिया के शीर्ष अधिकारियों तथा खेल मंत्री किरण रिजिजू के अलावा नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप पुरी के हस्तक्षेप के बाद आखिरकार मनु को भोपाल के लिए अपने साजो-सामान के साथ उड़ान भरने की अनुमति मिल गई।

मनु ने शुक्रवार को कई बार में ट्वीट किए
इंदिरा गांधी हवाई अड्डे पर रोके जाने के बाद, 19 वर्षीय मनु ने खेल मंत्री किरन रिजिजू और नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी के सामने अपनी समस्या रखते हए ट्वीट किया था। मनु ने ट्वीट में पीएम मोदी, अमित शाह, हरदीप सिंह पुरी, डीजीसीए टैग किया। रिजिजू के हस्तक्षेप के बाद, वह अंतत: एआई 437 उड़ान में सवार हो गई। मनु ने शुक्रवार को कई बार में ट्वीट किया। इसकी शुरुआत रात 8.17 बजे हुई और उनका आखिरी ट्वीट 8.57 बजे आया, जब उन्हें उड़ान भरने के लिए मंजूरी दे दी गई। 

मनू ने खेल मंत्री को धन्यवाद दिया
उन्होंने अपने आखिरी ट्वीट में खेल मंत्री को धन्यवाद दिया और लिखा थैंक्यू सर। आप सभी के जोरदार समर्थन के बाद भोपाल रवाना हो रही हूं। धन्यवाद भारत। रिजिजू ने ट्वीट कर जवाब दिया और लिखा आप भारत की गौरव हैं।

ISSSF विश्व कप के लिए शीर्ष निशानेबाजों में से एक मनु
मनु आईएसएसएफ विश्व कप के लिए चुने गए शीर्ष निशानेबाजों में से एक हैं, जिसे नई दिल्ली में डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में 18 से 29 मार्च तक आयोजित किया जाना है। 2018 यूथ ओलंपिक चैंपियन मनु ने नई दिल्ली में 8 से 14 फरवरी तक आयोजित राष्ट्रीय चयन ट्रायल के दूसरे दौर में 10 मीटर एयर पिस्टल और 25 मीटर स्पोर्ट्स पिस्टल स्पर्धा में हिस्सा लिया था।

कमेंट करें
iEyRr
NEXT STORY

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।