comScore

अब तक के सबसे उन्नत ओलंपिक खेलों के लिए तैयार है जापान!

October 22nd, 2019 15:30 IST
 अब तक के सबसे उन्नत ओलंपिक खेलों के लिए तैयार है जापान!

हाईलाइट

  • अब तक के सबसे उन्नत ओलंपिक खेलों के लिए तैयार है जापान!

नई दिल्ली, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। जापान दूसरी बार ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए तैयार है। जापान का दावा है कि टोक्यो में अगले साल तकनीकी रूप से अब तक के सबसे उन्नत ओलंपिक खेलों का आयोजन होगा। जापान ने इससे पहले 1964 में ओलंपिक की मेजबानी की थी और तब भी उसने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के लिहाज से कई अनुपम प्रयोग किए थे।

अब 55 साल बाद जापान एक बार फिर अपनी प्रौद्योगिकी सम्बंधी ताकत को दुनिया को दिखाने के लिए तैयार है। 1964 में जब जापान ने पहली बार ओलंपिक की मेजबानी थी, तब वह 1945 में अपनी धरती पर हुए परमाणु हमलों के प्रभाव से उबर रहा था। वह इस प्रभाव से हालांकि अब तक नहीं उबर सका है लेकिन अब वह उस घटना को भूलकर प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में दुनिया में न्यूमरो यूनो बन चुका है।

टोक्यो-2020 के लिए जापान ने कई ऐसी तैयारियां की हैं, जिनसे ओलंपिक खेलों की सूरत पूरी तरह बदल जाएगी। टोक्यो-2020 को खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए अधिक से अधिक सुविधाजनक और आकर्षक बनाने के लिए जापान ने आठ साल पहले ही तैयारी शुरू कर दी थी और अब उसकी अधिकांश तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इनमें कुछ ऐसी चीजें, जिनकी परिकल्पना सिर्फ जापान ही कर सकता है।

जापान ने सबको हैरान करते हुए मुख्य ओलंपिक मशाल को जलाने के लिए फ्लाइंग कार के इस्तेमाल की घोषणा की थी। इसके अलावा उसने ओलंपिक के दौरान टूरिस्ट गाइड के रूप में रोबोट्स के इस्तेमाल के अलावा खिलाड़ियों और दर्शकों को अत्यधिक गर्मी और भूकम्प के खतरे से बचाने के लिए पूरी तरह भूकम्प और ऊष्मा रोधी स्टेडियम बनाने का काम पूरा कर लिया है।

वेबसाइट द सन के मुताबिक जापान ने अपनी इस परिकल्पना को फ्यूचर आइलैंड टोक्यो 2020 नाम दिया है। जापान ने सालों तक अपनी इस परिकल्पना को छुपाए रखा लेकिन अब धीरे-धीरे चीजें सामने आने लगी हैं। इनमें सबसे चौंकाने वाली परिकल्पना फ्लाइंग कार की हो सकती है, जिसकी मदद से उद्घाटन के अवसर पर मुख्य मशाल को प्रज्जवित किया जा सकता है।

इसके लिए जापान सरकार ने अपने यहां की वाहन बनाने वाली दिग्गज कम्पनी टोयोटा के साथ करार किया है और इसे लेकर जारी काम अंतिम चरण में है। इस कार में सवार होकर एथलीट ओलंपिक मशाल जलाएगा। टोयोटा ने इस तरह की कार डिजाइन कर ली है। 2017 में वह इस कार का नमूना दुनिया के सामने पेश कर चुका है।

जापान दुनिया के सबसे सक्रिय सेसमिक जोन में आता है। वहां भूकम्प आम बात है। 2011 में आए विनाशकारी भूकम्प के कारण जापान में रेडियोधर्मी कणों के फैलने का खतरा पैदा हो गया था। इन सब बातों से सीख लेते हुए जापान ने ऐसे स्टेडियम तैयार किए हैं, जो भयंकर से भयंकर भूकम्प को भी झेल सकते हैं। जापान ने टोक्यो एक्वेटिक एरेना, एरियाके एरेना और न्यू नेशनल स्टेडियम को पूरी तरह भूकम्प रोधी बनाया है।

टायर और रबर बनाने वाली दुनिया की अग्रणी कम्पनियों में से एक ब्रिजस्टोन कारपोरेशन ने स्टेडियमों के रूफ्स के नीचे लगाने के लिए कटिंग एज सेसमिक आइसोलेशन बीयरिंग्स का निर्माण किया है। इनकी मदद से स्टेडियम जबरदस्त भूकम्प की स्थिति में भी सुरक्षित रहेंगे। इस तकनीक का इस्तेमाल दुनिया की कई ऊंची इमारतों में हो रहा है।

न्यू नेशनल स्टेडियम, जिसमें उद्घाटन एवं समापन समारोह के अलावा एथलेट्क्सि इवेंट्स होने हैं, में बहुत बड़े पैमाने पर लकड़ी का इस्तेमाल हुआ है। इस स्टेडियम का उद्घाटन 21 दिसम्बर को किया जाना है। इसमें थ्री-टीयर स्टैंड्स हैं और इसकी क्षमता 60 हजार है।

ऐसे में जबकि गर्मियों में जापान में अधिकतम तापमान 31 डिग्री तक पहुंच जाता है, न्यू नेशनल स्टेडियम की लकड़ी की छतें इसके नीचे बैठने वालों को गर्मी का अहसास तक नहीं होने देंगी। स्टैंड्स के आसपास 185 बड़े आकार के कूलर्स लगाए जाएंगे, जो मैदान में खेल रहे खिलाड़ियों और दर्शकों की ओर ठंढी हवा फेकेंगे।

इसके अलावा लोगों के आवागमन के लिए हाइड्रोजन और बैटरी से चलने वाली गोल्फ कार्ट तथा मिनी बस की आकार की बसें तैयार की गई हैं, जो इस ओलंपिक को पूरी तरह हरित ओलंपिक बनाएंगी। इनमें वे रोबोटिक बसें भी शामिल हैं, जिन्हें खासतौर पर खिलाड़ियों के लिए तैयार किया गया है।

वेबसाइट-टोक्यो2020 डॉट ओआरजी के मुताबिक टोक्यो ओलंपिक के दौरान सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र महिला रोबोटिक टूर गाइड्स होंगी, जो पांच भाषाओं में लोगों की बात समझ सकेंगी और उनकी जरूरत के हिसाब से सलाह दे सकेंगी। इन रोबोटिक टूर गाइड्स को एरिसा नाम दिया गया है। एरिसा छह फुट की एक महिला रोबोट टूर गाइड होगी। एरिसा देखने में बिल्कुल इंसानों की तरह होगी।

यही नहीं, जापान ने दिव्यांग लोगों का ख्याल रखते हुए उन्हें पानी तथा खाने-पीने की चीजें मुहैया कराने के लिए रोबोट्स का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। ये रोबोट्स खाने-पीने की चीजें मुहैया कराने के अलावा लोगों को करीबी टॉयलेट और आस-पास के जगहों की जानकारी देंगी।

कमेंट करें
FfYtA
NEXT STORY

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।