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एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज जीतने के बाद डिस्क्वॉलिफाइ हुए खिलाड़ी को सरकार ने दिया 10 लाख का इनाम

September 07th, 2018 09:53 IST

हाईलाइट

  • खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने गुरुवार को एथलीट गोविंदन लक्ष्मणन को पुरस्कार दिया।
  • लक्ष्मणन ने एशियन गेम्स के 10,000 मीटर दौड़ में तीसरे स्थान हासिल किया था।
  • हालांकि इसके बाद रीव्यू में उन्हें डिस्क्वॉलिफाइ कर दिया गया था, क्योंकि उन्होंने रेस में अंतिम स्ट्रैप को क्रॉस कर दिया था।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने गुरुवार को भारतीय एथलीट गोविंदन लक्ष्मणन को 10 लाख रुपए का पुरस्कार दिया। लक्ष्मणन ने एशियन गेम्स की 10,000 मीटर दौड़ में तीसरा स्थान हासिल किया था। हालांकि इसके बाद रीव्यू में उन्हें डिस्क्वॉलिफाइ कर दिया गया था, क्योंकि उन्होंने रेस में अंतिम स्ट्रैप को क्रॉस कर दिया था। इसकी वजह से उन्हें ब्रॉन्ज से भी हाथ धोना पड़ा था।

खेल मंत्रालय ने लक्ष्मणन को उतनी ही राशि दी है, जितनी उन्होंने ब्रॉन्ज खिलाड़ियों को दी है। खेल मंत्रालय ने एक बयान में कहा, खिलाड़ियों को हमेशा प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। वह देश के लिए मेडल लाने के लिए जी जान लगा देते हैं। मंत्रालय उन्हें उनके बेस्ट प्रयासों के लिए भी सम्मानित करती रहती है। गोविंदन लक्ष्मणन को उनकी कड़ी मेहनत और पदक के प्रयास के लिए खेल मंत्री राज्यवर्धन राठौर ने उन्हें 10 लाख रुपये का इनाम दिया।


खेल मंत्रालय ने इसके साथ ही लक्ष्मणन के जज्बे की सराहना भी की। खेल मंत्री ने भी ट्वीट कर लक्ष्मणन की तारीफ की। उन्होंने लिखा, 'लक्ष्मणन ने एशियन गेम्स में गजब की प्रतिभा दिखाई। उन्होंने मेडल-विनिंग परफॉर्मेंस दिया। हालांकि एक छोटी सी तकनीकी गलती से उन्हें डिस्क्वॉलिफाइ होना पड़ा। इसके बावजूद, वह हमारे लिए चैंपियन हैं और हम हमेशा अपने चैंपियन के साथ खड़े हैं। उनसे मिलना और उन्हें सम्मानित करना मेरे लिए गर्व की बात है।'

बता दें कि लक्ष्मणन जकार्ता में संपन्न हुए एशियन गेम्स में 10,000 मीटर रेस इवेंट में तीसरे स्थान पर रहे थे। हालांकि लक्ष्मणन के डिसक्वालिफाइ होने के बाद चीन के चौथे स्थान पर रहे चांगहोंग झाओ ब्रॉन्ज मेडल दिया गया था। अगर लक्ष्मणन डिस्क्वॉलिफाइ नहीं होते, तो वह 10,000मी रेस में ब्रॉन्ज जीतने वाले 20 साल में पहले खिलाड़ी होते। इससे पहले 1998 बैंकॉक एशियन गेम्स में गुलाब चंद ने यह कारनामा किया था। गौरतलब है कि भारत ने इस बार सबसे ज्यादा पदक एथलेटिक्स में ही हासिल किए। भारत ने एथलेटिक्स में 7 गोल्ड, 10 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज समेत कुल 19 मेडल्स अपने नाम किए। वहीं सभी इवेंट को मिला दिया जाए तो भारत ने 15 गोल्ड, 24 सिल्वर और 30 ब्रॉन्ज सहित कुल 69 पदक अपने नाम किए। इसी के साथ भारत मेडल्स टैली में 8वें स्थान पर रहा। वहीं चीन, जापान और दक्षिण कोरिया अंक तालिका में टॉप-3 पर रहे। चीन 132 गोल्ड, 92 सिल्वर और 65 ब्रॉन्ज कुल 289 पदक के साथ पहले स्थान पर रहा। 

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