दैनिक भास्कर हिंदी: राजकीय सम्मान के साथ अजीत वाडेकर का अंतिम संस्कार, सचिन ने बताई अपूर्णीय क्षति

August 17th, 2018

हाईलाइट

  • मुंबई के शिवाजी पार्क शवदाह गृह में अजीत वाडेकर का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
  • क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने भी अजीत वाडेकर को श्रद्धांजलि अर्पित की।
  • वाडेकर के निधन को सचिन ने अपूर्णीय क्षति बताया।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। मुंबई के शिवाजी पार्क शवदाह गृह में शुक्रवार को भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान अजीत वाडेकर का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने भी अजीत वाडेकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। वाडेकर के निधन को सचिन ने अपूर्णीय क्षति बताया। 77 वर्षीय वाडेकर लंबे समय से बीमार चल रहे थे, उनका 15 अगस्त को निधन हो गया था। वाडेकर भारत के सबसे सफल कप्तानों और उम्दा लेफ्ट हैंडर बल्लेबाजों में शुमार थे। उन्होंने भारत के लिए 37 टेस्ट मैच और 2 वनडे मैच खेले हैं।

क्या कहा सचिन तेंदुलकर ने?
उनके निवास पर पहुंचे सचिन तेंदुलकर ने कहा, अजीत वाडेकर जानते थे कि कैसे खिलाड़ियों से उनका बेस्ट पर्फार्मेंस लेना है। वे हर किसी के पसंदीदा थे। मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे एक महान क्रिकेटर और बेहतरीन इंसान दोनों को देखने का मौका मिला। ये अपूर्णीय क्षति है। सचिन तेंदुलकर के अलावा विनोद कांबली, समीर दिघे, पूर्व हॉकी कप्तान एमएम सोमैया और मुंबई क्रिकेट संघ के मौजूदा तथा पूर्व अधिकारियों ने भी अजीत वाडेककर को श्रद्धांजलि दी। वाडेकर के पार्थिव शरीर को खुले ट्रेक में दादर स्थित शिवाजी पार्क जिमखाना ले जाया गया।

 

 


पीएम मोदी और विराट कोहली ने जताया था दुख
अजीत वाडेकर के निधन के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी दुख जताया था। पीएम ने ट्वीट में लिखा था, अजीत वाडेकर को भारतीय क्रिकेट में दिए गए उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए हमेशा याद किया जाएगा। एक महान बल्लेबाज और शानदार कप्तान, उन्होंने हमारी टीम का नेतृत्व किया और क्रिकेट इतिहास को कई यादगार पल दिए। उन्हें एक प्रभावशाली क्रिकेट प्रशासक के रूप में भी याद किया जाएगा। उनके निधन से दुखी हूं। वहीं भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने भी शोक व्यक्त किया था। विराट ने कहा था भारतवर्ष और करोड़ों भारतीय आपको हमेशा याद रखेंगे।

1 अप्रैल 1941 को मुंबई में हुआ था जन्म
अजीत वाडेकर का जन्‍म 1 अप्रैल 1941 को मुंबई में हुआ था। उनके परिवार में पत्नी रेखा के अलावा दो बेटे और एक बेटी हैं। उनका अंतररराष्ट्रीय करियर 8 साल का रहा। 1958 में उन्होंने अपने प्रथम श्रेणी क्रिकेट (फर्स्ट क्लास क्रिकेट ) की शुरुआत की थी, जबकि अंतर्राष्‍ट्रीय करियर की शुरुआत 1966 में की थी। 1966 से 1974 तक आजीत वाडेकर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला। भारत ने वाडेकर की कप्तानी में ही 1971 में इंग्लैंड और वेस्ट इंडीज की टीमों को टेस्ट में हराया था। भारत ने 24 अगस्त 1971 को इंग्लैंड को 4 विकेट से हराया था। यह इंग्लैंड की धरती पर भारत की पहली टेस्ट जीत थी।