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विजय हजारे ट्रॉफी : कर्नाटक चौथी बार फाइनल में पहुंचा

October 23rd, 2019 19:30 IST
 विजय हजारे ट्रॉफी : कर्नाटक चौथी बार फाइनल में पहुंचा

हाईलाइट

  • विजय हजारे ट्रॉफी : कर्नाटक चौथी बार फाइनल में पहुंचा

बेंगलुरू, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। देवदत्त पड्डीकल (92) और लोकेश राहुल (नाबाद 88) की बेहतरीन अर्धशतकीय पारियों के सहारे कर्नाटक ने बुधवार को यहां एम.चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए पहले सेमीफाइनल मुकाबले में छत्तीसगढ़ को नौ विकेट से करारी शिकस्त देकर चौथी बार विजय हजारे ट्रॉफी के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।

फाइनल में कर्नाटक का सामना शुक्रवार को तमिलनाडु होगा। तमिलनाडु ने अपने सेमीफाइनल मुकाबले में गुजरात को पांच विकेट से हराकर छठी बार विजय हजारे ट्रॉफी के फाइनल में प्रवेश किया।

कर्नाटक ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। छत्तीसगढ़ ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 49.4 ओवर में 223 रन का स्कोर बनाया। टीम की ओर से अमनदीप खरे ने 102 गेंदों पर चार चौकों की मदद से सर्वाधिक 78 रनों का योगदान दिया।

उनके अलावा सुमित रुइकर ने 40, कप्तान हरप्रीत सिंह ने 25 और आशुतोष सिंह ने 20 रन बनाए।

कर्नाटक के लिए वी. कौशिक ने सर्वाधिक चार खिलाड़ियों को आउट किया। इसके अलावा अभिमन्यु मिथुन, कृष्णप्पा गौतम और प्रवीन दुबे ने दो-दो विकेट चटकाए।

छत्तीसगढ़ से मिले 224 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कर्नाटक को राहुल और पड्डीकल ने पहले विकेट के लिए 30.5 ओवरों में 155 रनों की साझेदारी कर ठोस शुरूआत दी।

पड्डीकल ने 98 गेंदों की पारी में सात चौके और तीन छक्के लगाए। उनके आउट होने के बाद राहुल और मयंक अग्रवाल (नाबाद 47) ने दूसरे विकेट के लिए 74 रनों की साझेदारी करके 10 ओवर शेष रहते कर्नाटक को नौ विकेट से शानदार जीत दिलाकर उसे फाइनल में पहुंचा दिया।

राहुल ने 111 गेंदों पर छह चौके और एक छक्का जबकि मयंक ने 33 गेंदों पर तीन चौके और चार छक्के लगाए।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।