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विंजेंदर सिंह का ममता सरकार से आग्रह- बढ़ा दीजिए स्वपना बर्मन की इनामी राशि

September 04th, 2018 09:55 IST
विंजेंदर सिंह का ममता सरकार से आग्रह- बढ़ा दीजिए स्वपना बर्मन की इनामी राशि

हाईलाइट

  • विजेंदर सिंह ने ममता बनर्जी से किया स्वपना की इनामी राशि बढ़ाने का निवेदन।
  • ममता सरकार ने एशियन गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट स्वपना को दिया है 10 लाख का इनाम।
  • स्वपना बर्मन ने हेप्टाथलॉन में भारत को पहली बार दिलाया था गोल्ड।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज विजेंदर सिंह ने पश्चिम बंगाल सीएम ममता बनर्जी से एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली स्वपना बर्मन की इनामी राशि बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने सोमवार शाम एक ट्वीट कर बंगाल सरकार से निवेदन किया, 'प्रिय ममता दीदी कृपया राज्य सरकार की ओर से स्वपना बर्मन को दी जाने वाली इनामी राशि को बढ़ा दीजिए।'


गौरतलब है कि स्वपना बर्मन ने इंडोनेशिया में हुए एशियन गेम्स में हेप्टाथलॉन में भारत को गोल्ड दिलाया था। वे ऐसा करने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी थीं। उनसे पहले हेप्टाथलॉन में भारत को कभी गोल्ड हासिल नहीं हुआ था। उनकी इस उपलब्धि पर पश्चिम बंगाल सरकार ने उन्हें 10 लाख रुपए इनामी राशि प्रदान करने की घोषणा की थी।

दरअसल, अन्य राज्यों में एशियन गेम्स के पदक विजेताओं को 50 लाख से लेकर 3-3 करोड़ तक इनामी राशि बांटी गई है। ऐसे में स्वपना को महज 10 लाख रुपए इनामी राशि देने पर विजेंदर ने बंगाल सरकार से यह अनुरोध किया।

बता दें कि स्वपना बर्मन का जन्म पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में हुआ। उनके पिता एक ऑटोरिक्शा ड्राइवर हैं, वहीं मां चायपत्ती का व्यवसाय कर घर का पालण पोषण करती हैं। 17 साल की उम्र से ही स्वपना अपने घर का खर्चा अपनी इनामी राशि से चला रही हैं। कच्चे मकान में रहने वाली स्वपना अपनी पुरस्कार राशि के जरिए अपने परिवार की देखभाल और खर्चा उठाती हैं। हालांकि वर्तमान में राहुल द्रविड़ एथलीट मेन्टरशिप प्रोग्राम के तहत गोस्पोर्ट्स फाउंडेशन स्वपना को उनकी तैयारियों के लिए सहायता राशी प्रदान कर रहा है।

यूं स्वपना ने जीता था गोल्ड

स्वपना ने हेप्टाथलॉन के लास्ट इवेंट में 808 अंक हासिल कर गोल्ड अपने नाम किया था। इस खेल के सात अलग अलग इवेंट में कुल 6026 अंकों के साथ टॉप पर रहीं थी। बता दें कि हेप्टाथलॉन खेल में सात अलग-अलग इवेंट होते हैं। इसमें 100मी रेस, हाई जंप, शॉटपुट, 200मी रेस, लॉन्ग जंप, जेवलीन थ्रो और 800मी रेस शामिल होती है। इन्हीं के आधार पर पाइंट्स मिलते हैं और रैंकिंग होती है।

स्वपना, हेप्टाथलॉन के पहले इवेंट, 100मी रेस में 981 पाइंट्स के साथ पांचवें स्थान पर रहीं। वहीं 200मी रेस उन्होंने 790 पाइंट्स के साथ सातवें स्थान पर रहते हुए पूरी की। इसके बाद उन्होंने अपने खेल के स्तर को उठाते हुए शॉटपुट इवेंट में 707 अंकों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। जबकि हाई जंप (1003 अंक) और जेवलीन थ्रो (872 अंक) में स्वपना ने पहली पोजिशन हासिल की। इसके बाद उन्हें हेप्टाथलॉन के लास्ट इवेंट में अच्छे प्रदर्शन की जरूरत थी। लास्ट इवेंट यानि 800मी रेस में वह चौथे स्थान पर रहीं और कुल अंक के आधार पर स्वपना ने टॉप पर रहकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया था।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।