दैनिक भास्कर हिंदी: Ind vs Aus:...और हार के साथ ही टूट गया विराट तिल्सम, मैच में बने ये खास रिकॉर्ड 

December 19th, 2020

डिजिटल डेस्क (भोपाल)।   हार तो हार होती है। हर हार सालती है पर एडिलेड ओवल मैदान पर आस्ट्रेलिया के हाथों भारत की हार कई मायनों में काफी तकलीफदेह है। इस मैच के बाद कप्तान विराट कोहली भारी मन से अपने पहले बच्चे के जन्म के लिए स्वदेश रवाना होंगे। इस मैच से पहले कोहली भारत के लिए लकी चार्म थे। साल 2015 से एडिलेड टेस्ट से पहले तक कोहली ने जितनी बार टेस्ट मैच में टॉस जीता, भारत वह मैच हारा नहीं, लेकिन 25 मैचों के बाद ऐसा पहली बार हुआ कि कोहली ने टॉस जीता और भारत मैच हार गया।

भारत की यह हार काफी तकलीफदेह है क्योंकि टॉस जीतने के बाद भारत ने पहली पारी में कोहली के 74 रनों की बदौलत 244 रन बनाए और अपने गेंदबाजों की मदद से आस्ट्रेलिया को 191 रनों पर आउट कर 53 रनों क लीड ले ली। ऐसा लगा कि भारत दूसरी पारी में अच्छा टोटल खड़ा कर आस्ट्रेलिया पर दबाव कायम करेगा, लेकिन हुआ इसके उलट और तीसरे दिन शनिवार को पहले ही सत्र में भारतीय पारी 36 रनों पर सिमट गई।

यह टेस्ट मैचों में भारत का न्यूनतम योग है। साथ ही यह टेस्ट इतिहास का चौथा न्यूनतम पारी का योग है। इस मैच में बल्लेबाजों के साथ-साथ गेंदबजों की भी कलई खुल गई क्योंकि दूसरी पारी में भारतीय गेंदबाज वह कारनामा नहीं कर सके जो आस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने किया और आस्ट्रेलिया ने 8 विकेट से जीत हासिल कर ली। मोहम्मद शमी को बल्लेबाजी के दौरान हाथ में चोट लगी और वह रिटायर्ड हर्ट आउट हुए। अब शमी की चोट का आंकलन होगा। कप्तान कोहली का कहना है कि शमी को चोट गम्भीर मालूम पड़ती है क्योंकि वह अपना हाथ ठीक से नहीं उठा पा रहे हैं। 

अब अगर शमी की चोट गम्भीर रही तो उनका दूसरे टेस्ट में खेलना मुश्किल हो सकता है। यह भारत के लिए एक और झटका होगा क्योंकि कोहली तो जा ही रहे हैं, शमी का जाना और मुश्किल खड़ी करेगा। भारतीय टीम प्रबंधन शाम तक स्पष्ट करेगा कि शमी की क्या स्थिति है। कप्तान ने कहा कि अभी वह शमी की चोट के बारे में ज्यादा कुछ नहीं कह सकते। उन्होंने इतना जरूर कहा कि शमी के हाथ का स्कैन होना है, और इसके बाद ही सही स्थिति का पता चल सकेगा। अब कोहली अपने परिवार में आने वाले नए मेहमान की खुशी मन में लिए स्वदेश लौटेंगे, लेकिन एडिलेड की यह हार सालों तक सिर्फ कोहली ही नहीं बल्कि उनके साथियों के साथ-साथ भारत के हर क्रिकेट प्रेमी के मन में हरी रहेगी।

बने ये कुछ खास रिकार्ड... 

- यह टेस्ट की एक पारी में भारत का सबसे कम स्कोर है। इससे पहले उसने 20 जून 1974 में लॉर्डस पर इंग्लैंड के खिलाफ 42 रन बनाए थे।

- आस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड ने टेस्ट में अपने 200 विकेट पूरे कर लिए हैं। हेजलवुड ने पांच विकेट लेकर अहम योगदान दिया।

- दूसरी पारी में भारत का कोई भी बल्लेबाज दहाई के आंकड़े में नहीं पहुंच सका। टेस्ट में यह 96 साल बाद हुआ है कि एक पारी में टीम का कोई भी बल्लेबाज दहाई के आंकड़े को नहीं छू सके। इससे पहले 14 जून 1924 में इंग्लैंड के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका का कोई भी बल्लेबाज पहली पारी में दहाई के आंकड़े तक नहीं पहुंचा था। दक्षिण अफ्रीकी टीम पहली पारी में 30 रन ही बना पाई थी।  

- इस तरह आस्ट्रेलिया ने डे-नाइट टेस्ट में अपनी बादशाहत बरकरार रखी है। उसने आठ मैच खेले हैं और सभी में जीत हासिल की है। 

-डे-नाइट टेस्ट में यह दूसरी बार हुआ है कि कोई टीम पहली पारी में पिछड़ने के बाद मैच जीतने में सफल रही हो। इससे पहले श्रीलंका ने वेस्टइंडीज को 2018 में ब्रिजटाउन में 50 रनों से पीछे रहने के बाद भी हरा दिया था।

- इस मैच से पहले भारत के लिए कोहली लकी चार्म रहे थे। कोहली ने 2015 के बाद से एडिलेड टेस्ट से पहले तक जितनी बार भी टेस्ट में टॉस जीता, भारत मैच हारा नही था।

- आस्ट्रेलिया अब तक डे-नाइट टेस्ट नहीं हारा है। एडिलेड में यह उसका पांचवां मुकाबला था और उसने यहां जीत का रिकार्ड बरकरार रखा है।

- भारत का टेस्ट में पांचवां सबसे कम स्कोर 67 है और यह भी उसने आस्ट्रेलिया के खिलाफ बनाया था। भारत ने छह फरवरी 1948 में मेलबर्न में यह स्कोर बनाया था।

-  टेस्ट में भारत के लिए सबसे तेजी से 1000 रन बनाने वाले तीसरे बल्लेबाज बने मयंक। मयंक का यह 12वां टेस्ट है। उनसे आगे विनोद कांबली और चेतेश्वर पुजारा हैं। कांबली ने 14 पारियों में ही एक हजार रन पूरे कर लिए थे। पुजारा ने 18 पारियों में 1000 रन बनाए थे।

 

मानसिक तौर पर तैयार नहीं दिखे बल्लेबाज : कोहली

मैच में हार के बाद कोहली ने कहा, इन भावनाओं को शब्दों में बयान करना मुश्किल है। हमारे पास 60 रनों की बढ़त थी, लेकिन फिर हमारी पारी ढह गई। दो दिन जब आप कड़ी मेहनत करते हो और अपने आप को मजबूत स्थिति में पहुंचाते हो इसके बाद एक घंटा आपको वहां पहुंचा देता है जहां से जीतना मुमकिन नहीं है। उन्होंने कहा, मुझे लगता कि आज हमें थोड़ी और इच्छाशक्ति दिखानी चाहिए थी। उन्होंने पहली पारी में भी इन्हीं एरिया में गेंदबाजी की थी, लेकिन हमारी मानसिकता रन बनाने की थी। ईमानदारी से कहूं तो कुछ अच्छी गेंदें थीं, लेकिन गेंद ने कुछ खास नहीं किया। मुझे लगता है कि यह मानसिकता के कारण हुआ, यह साफ दिख रहा था। ऐसा लग रहा था कि रन बनाना काफी मुश्किल हो रहा है। मुझे लगता है कि यह हार इच्छाशाक्ति की कमी और गेंदबाजों द्वारा अच्छी गेंदबाजी के मिश्रण का परिणाम है।