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MP News: बैंक, वेयर हाउस संचालक, कम्पनी और हितग्राहियों ने मिलीभगत कर किया 5 करोड़ 49 लाख का गबन

डिजिटल डेस्क, भोपाल। पंजाब नेशनल बैंक की अशोकनगर ब्रांच के तत्कालीन ब्रांच मैनेजर नितिन जायसवाल, वेयर हाउस संचालक राजेंद्र कुमार-श्रेयांश कुमार, एनसीएमएल कंपनी के कर्मचारी राजकुमार मीणा- सचिंद्र जैन सहित हितग्राहियों के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने मंगलवार को गबन का केस दर्ज किया है। ईओडब्ल्यू की ग्वालियर इकाई की जांच में जांच में पाया गया कि जायसवाल, राजकुमार मीणा व सचिन्द्र जैन व राजेन्द्र कुमार एवं श्रेयांश कुमार से मिलकर अपात्र हितग्राहियों बुंदेल सिंह गुर्जर, सुरेश सिंह यादव, बृजेश गुर्जर (फोत), सत्यपाल सिंह, विमलेश राजपूत, गजेन्द्र सिंह राजपूत को वर्ष 2016 से 2019 तक कुल 549.88 लाख का लोन दिया गया। इस लोन राशि को आरोपीगण चुकाए बिना ही वेयर हाउस में रखा माल रिलीज कर दिया। इससे बैंक को 549.88 लाख की हानि हुई।
दरअसल, बैंक अधिकारी ने हितग्राहियों को लोन मंजूर करने से पहले उनकी सिबिल का सत्यापन नहीं किया। जिस खाद्यान पर लोन लिया गया है उसके बारे में संबंधित वेयर हाउस का स्टॉक अौर स्टॉक रजिस्टर चेक नहीं किया। बैंक अधिकारी ने लाेन आवेदन व वेयर हाउस में रखे माल (खाद्यान) की रसीदें प्राप्त होने पर खाद्यान के सत्यापन के लिए नियमानुसार कोलेट्रल मैनेजर को कोई पत्र जारी नहीं किया गया। ना ही इस संबंध में ब्रांच मैनेजर द्वारा कोई रिकॉर्ड मैंटेन करके रखा। लोन लेने वालों ने बाद में इसे चुकाया भी नहीं। वेयर हाउस में रखे खाद्यान रिलीज के लिए भी कोई आवेदन नहीं दिया। फिर भी बैंक अधिकारियों ने खाद्यान के रिलीजि ऑर्डर जारी कर दिए। जांच में आपराधिक साक्ष्य मिलने पर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
फैक्ट्री के लिए लोन लेकर किया दुरुपयोग
एक अन्य मामले में ईओडब्ल्यू की रीवा इकाई की जांच के बाद मंगलवार को कल्पना गुप्ता प्रोपराइटर, कल्पना उद्योग और उनके पति संदीप गुप्ता के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया। आरोिपयों ने कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर पंजाब नेशनल बैंक व्यंकट रोड रीवा ब्रांच से लेन लिया, जिसकी रीवा इकाई ने जांच की। जांच में पाया गया कि सप्लायरों से सांठ-गांठ कर झूठी प्रोजेक्ट रिपोर्ट के आधार पर 31 लाख 50,000 लोन लिया था। पीएमएफएमई योजना (प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना) के तहत शासन से मिलने वाली सबसिडी लेने के उद्देश्य से सप्लायरों से साठ-गांठ कर आपराधिक षड़यंत्र रचते हुए झूठी प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाकर आइस्क्रीम फैक्ट्री के लिए 31 लाख 50,000 लोन लेकर दुरुपयोग किया गया। आरोपियों ने आइस्क्रीम फैक्ट्री ही नहीं लगाई। ईओडब्ल्यू ने कल्पना गुप्ता रीवा, संदीप गुप्ता पिता मथुरा प्रसाद गुप्ता, रुपेश कुमार सिंह प्रोपराइटर रुद्रांश इलेक्ट्रिक एण्ड मशीनरी, संतोष कुमार वर्मा-अंकिता सिंह प्रो. ओरबिन्दो टेक इंफ्रा के खिलाफ केस दर्ज किया गया।
Created On :   16 July 2026 12:56 AM IST















