comScore

दमोह उपचुनाव: कांग्रेस के अजय टंडन ने भाजपा के उम्मीदवार को करीब 17 हजार वोटों से हाराया, लोधी ने हार का ठीकरा मलैया पर फोड़ा

दमोह उपचुनाव: कांग्रेस के अजय टंडन ने भाजपा के उम्मीदवार को करीब 17 हजार वोटों से हाराया, लोधी ने हार का ठीकरा मलैया पर फोड़ा

डिजिटल डेस्क, दमोह। मध्य प्रदेश की दमोह विधानसभा सीट पर हुए अपचुनाव में कांग्रेस के अजय टंडन ने बीजेपी के उम्मीदवार राहुल सिंह लोधी को हरा दिया। 17 हजार 89 वोटों के बड़े मार्जिन से टंडन ने राहुल सिंह को हराया है। राहुल सिंह कांग्रेस से इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल हुए थे। इसी वजह से यहां उपचुनाव कराए गए थे। दमोह में 17 अप्रैल को मतदान हुआ था। इस बार मतदान का प्रतिशत लगभग 60 रहा था, जो पिछले विधानसभा के मुकाबले लगभग 15 प्रतिशत कम था।

यहां मतगणना कुल 26 चक्र में हुई। कांग्रेस के उम्मीदवार अजय टंडन मतगणना के पहले ही चक्र से बढ़त बनाए हुए थे। हालांकि शुरुआत में ग्रामीण इलाकों की ईवीएम खुली तो बढ़त का अंतर ज्यादा नहीं नहीं था। हर चक्र में औसतन पांच सौ से हजार वोट की टंडन को बढ़त मिली। मगर शहरी इलाकों में कांग्रेस उम्मीदवार की बढ़त तेजी से बढ़ी। उसके बाद फिर ग्रामीण इलाकों की मतगणना में एक दो चक्र में राहुल लोधी ने टंडन पर बढ़त बनाई, मगर यह ज्यादा देर नहीं रही।

क्या कहा राहुल सिंह लोधी ने?
हार के बाद भाजपा प्रत्याशी राहुल सिंह ने पत्रकारों से कहा कि मलैया परिवार ही पूर्ण रूप से चुनाव हराने का जिम्मेदार है। सिद्धार्थ मलैया के पास पूरे शहर की जिम्मेदारी थी, हम पूरा शहर ही हार गए। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों पर कार्रवाई होना चाहिए जो बोलते हैं कि पार्टी हमारी मां है। उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा से कार्रवाई और निष्कासन की मांग की है। उन्होंने खुले रूप से आरोप लगाया कि मलैया परिवार की पूरी रणनीति सफल हुई और भाजपा की हार हुई।

क्या कहा कमलनाथ ने?
दमोह उपचुनाव के नतीजों को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने कहा कि यह थोपा हुआ चुनाव था। मतदाताओं ने साफ संदेश दे दिया है कि धनबल से चुनाव नहीं जीते जाते हैं। हमारा मुकाबला धनबल, प्रशासन, चुनाव आयोग से था। भाजपा ने कई मंत्रियों को लगाया था। हमारे लोगों को प्रलोभन दिया गया क्योंकि अब उनके पास इसके अलावा कुछ नहीं बचा है। पुलिस और प्रशासन वहां क्या कर रहा था, यह सबको पता है। उन्होंने कहा कि अब मतदाता समझने लगा है। उसने सचाई का साथ दिया है।

कमेंट करें
Ugm3F
NEXT STORY

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।