जेलर सस्पेंड : धनबाद जेल से गैंग ऑपरेट करता था गैंगस्टर अमन सिंह, छूट देने के आरोप में जेलर सस्पेंड

May 14th, 2022

डिजिटल डेस्क, धनबाद। गैंगस्टर अमन सिंह जेल में बंद रहकर भी कारोबारियों और चिकित्सकों को धमकी से हर महीने 30 लाख रुपये से भी ज्यादा की वसूली करता है। उसके गुर्गे धनबाद कोयलांचल में फैले हुए हैं, जो उस तक कारोबारियों एवं अन्य के बारे में सूचनाएं पहुंचाते हैं। फिर अमन के हुक्म और इशारे पर टारगेट तय कर उन्हें धमकाया जाता है। इसका खुलासा गैंगस्टर अमन सिंह के बड़े भाई और गिरोह के अहम सदस्य अजय सिंह ने पुलिस के समक्ष किया है। अजय सिंह को पिछले दिनों यूपी के अंबेडकर नगर जिले के राजे सुल्तानपुर से गिरफ्तार किया गया था।

अमन सिंह की धमकी के कारण ही धनबाद के मशहूर चिकित्सक डॉ समीर को शहर छोड़ना पड़ा। इस मामले ने जब तूल पकड़ा और धनबाद के चिकित्सक आंदोलन पर उतरे तो पुलिस ने गिरोह पर शिकंजा कसना शुरू किया। पिछले शनिवार को अमन सिंह को धनबाद जेल से दुमका जेल शिफ्ट कर दिया गया। जांच में यह बात सामने आयी कि अमन जेल के भीतर रहकर मोबाइल से ही दहशत का साम्राज्य चला रहा था। अब इस मामले में गुरुवार को धनबाद के जेलर अश्विनी तिवारी को सस्पेंड कर दिया गया है।

धनबाद एसएसपी संजीव कुमार ने जेल आईजी को पत्र लिख कर बताया था कि जेल से अमन सिंह कारोबारियों को धमकी दे रहा है। इसमें जेल के अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है। जिले के गोविंदपुर थाना में सात मई को अमन सिंह, उसके दोनों भाई, पिता और ससुर सहित नौ लोगों के खिलाफ हुई प्राथमिकी में जिक्र किया गया है कि अमन सिंह जेल के अंदर मोबाइल का प्रयोग कर वर्चुअल नंबरों से लोगों को रंगदारी के लिए धमकियां दे रहा है।

बता दें कि अमन सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। वह पेशेवर शूटर है। आरोप है कि उसी ने धनबाद के तत्कालीन विधायक संजीव सिंह से सुपारी लेकर डिप्टी मेयर नीरज सिंह को गोलियों से भून डाला था। नीरज सिंह हत्याकांड में गिरफ्तारी के बाद से ही वह जेल में है, लेकिन इस वारदात के बाद दहशतगर्दी की दुनिया में उसका नाम बड़ा हो गया और इसी का फायदा उठाते हुए उसने धनबाद के कारोबारियों, चिकित्सकों और बड़े लोगों को टारगेट करने लगा। उनसे वसूली जाने वाली रंगदारी की रकम अमन सिंह के परिवार के लोगों और उसके करीबियों के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जाती थी।

अमन के बड़े भाई अजय सिंह ने पुलिस के सामने यह भी स्वीकार किया है कि अजय ने ही डॉ समीर से जेल के भीतर से बार-बार व्हाट्सएप कॉल कर रंगदारी मांगी थी। बहरहाल, अजय सिंह को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।

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