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अजब-गजब: 1200 साल पुराना रहस्यमयी जिंजी किला, इसके रोचक तथ्यों के बारे में जानकर होगी हैरानी

अजब-गजब: 1200 साल पुराना रहस्यमयी जिंजी किला, इसके रोचक तथ्यों के बारे में जानकर होगी हैरानी

डिजिटल डेस्क। भारत में ऐसे कई किले हैं जो सदियों से इतिहास की कहानियां बयां कर रहे हैं। उन्हीं में से एक है जिंजी किला, जिसे जिंजी दुर्ग या सेंजी दुर्ग के नाम से भी जाना जाता है। पुडुचेरी में स्थित यह किला दक्षिण भारत के उत्कृष्टतम किलों में से एक है। इस किले का निर्माण नौंवी शताब्दी में संभवत: चोल राजवंशों द्वारा कराया गया था। इस किले की खूबसूरती ये है कि यह सात पहाड़ियों पर निर्मित कराया गया है, जिनमें कृष्णगिरि, चंद्रागिरि और राजगिरि की पहाड़ियां प्रमुख हैं। यह किला इस प्रकार निर्मित है कि छत्रपति शिवाजी ने इसे भारत का सबसे 'अभेद्य दुर्ग' कहा था। वहीं अंग्रेजों ने इसे 'पूरब का ट्रॉय' कहा था। 

ऊंची दीवारों से घिरा हुआ यह किला रणनीतिक रूप से इस प्रकार बनाया गया था कि दुश्मन इस पर आक्रमण करने से पहले कई बार जरूरत सोचते थे। चूंकि यह किला पहाड़ियों पर स्थित है, इसलिए आज भी यहां के राज दरबार तक दो घंटे की चढ़ाई के बाद ही पहुंचा जा सकता है।  यह किला लगभग 11 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैला है, जिसकी दीवारों की लंबाई लगभग 13 किलोमीटर है। इस किले का मुख्य आकर्षण राजगिरि है, जहां एक पिरामिडनुमा शीर्ष से सजी बहुमंजिला कल्याण महल है। इसके अलावा राजगिरि पहाड़ी के निचले हिस्से में महल, अन्नागार और एक हाथी टैंक भी है। 

इस किले पर कई शासकों ने राज किया है। यह किला छत्रपति शिवाजी महाराज से लेकर मुगलों, कर्नाटक के नवाबों, फ्रांसीसियों और अंग्रजों के अधीन रहा है। 17वीं शताब्दी में शिवाजी महाराज के नेतृत्व में मराठों द्वारा इस किले को किसी भी हमलावर सेना से बचाने के लिए पुननिर्मित किया गया था। फिलहाल यह किला तमिलनाडु पर्यटन क्षेत्र का एक सर्वाधिक रोचक स्थल है, जहां हर साल हजारों की संख्या में लोग घूमने के लिए आते हैं। चूंकि इस समय भारत समेत दुनियाभर में कोरोना महामारी फैली हुई है, इसलिए इस पर्यटन स्थल को फिलहाल बंद कर दिया गया है। 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।