अजब-गजब: वैज्ञानिकों का दंग कर देने वाला खुलासा, सूर्य का अस्तित्व होगा खत्म, पृथ्वी पर छाएगा अंधेरा

January 1st, 2022

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पृथ्वी पर प्रकाश का सबसे बडा स्रोतसूर्य है। जिससे पूरे विश्व को रोशनी मिलती है। समस्त जीवन का अस्तित्व प्रकाश से ही है। क्या होगा जब सूर्य ही नहीं होगा? आपके मन में एक जिज्ञासा ओर होगी कि आखिर सूर्य को ऊर्जा कहां से मिलती है? आपके मन में उठ रहे सवालों का खुलासा वैज्ञानिकों ने किया है। हर कोई यह जानकर दंग रह जायेगा। प्रकाश की किरणे जब पृथ्वी पर आती है तो पौधे प्रकाश संश्लेषण की क्रिया करके अपना भोजन बनाते है। धरती पर रहने वाले सभी जीव-जंतु का जीवन प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रुप से पौधे पर निर्भर रहता है। दूनिया के जीवों का अस्तित्व प्रकाश पर निर्भर करता है। प्रकाश के आभाव में पृथ्वी पर अंधेरा छा जाएगा। पानी का वाष्पीकरण नहीं होगा। पेड-पौधे अपना भोजन नहीं बना पाएंगे। जिससे पर्यावरण का संतुलन बिगड़ जाएगा। इससे समस्त जीवों का जीवन संकट में पड़ जाएगा। 

इस दिन खत्म हो जाएगा सूर्य का जीवन

वैज्ञानिकों ने सूर्य के जीवन की अंतिम तारीख तेय की

बता दें कि हावार्ड कॉलेज ऑब्जवेंट्री, स्मिथसोनियन एस्ट्रोफिजिकल ऑब्जेवेंट्री और द सेंटर फॉर एस्ट्रोफिजिक्स के वैज्ञानिकों ने एक नया खुलासा किया है। पाओला टेस्टा वैज्ञानिक के अनुसार सूर्य के जीवनचक्र की गणना के लिए उसमें हो रहे न्यूक्लियर रिएक्शन को आधार माना है। उन्होंने बताया है कि अगले 5 बिलियन सालों में सूर्य का जीवन समाप्त हो जाएगा। यह वैज्ञानिकों की नई स्टडी में स्पष्ट हुआ है। वैज्ञानिकों ने रिएक्शन को आधार मानकर सूर्य के जीवनकाल की अंतिम तारीख तय की गई है।

Here comes the sun; I say it's all right

जानिए क्या है सूर्य के अस्तित्व का राज
वैज्ञानिक पाओला के अनुसार वर्ष 1930 से पहले सूर्य की ऊर्जा का केंद्र गुरुत्वाकर्षण बल को माना जाता था। इसके बाद जानकारों ने पता लगाया है कि सूर्य की शक्ति का केंद्र गुरुत्वाकर्षण बल नहीं बल्कि ऊर्जा का स्रोतन्यूक्लियर रिएक्शन है। जिस दिन न्यूक्लियर रिएक्शन की शक्ति खत्म हो जाएगी, सूर्य भी जलकर राख हो जाएगा। पूरी धरती पर अंधेरा ही अंधेरा होगा। पृथ्वी पर से जीवन का अंत हो जाएगा।

A science teacher explains: Even the sun flips | Parenting News,The Indian  Express

क्या ब्राह्मंड में सूर्य से बड़ा भी कोई तारा है
वैज्ञानिकों के अनुसार हमारे सोलर सिस्टम का केंद्र सूर्य ही है। जो धरती पर ऊर्जा का प्राकृतिक स्रोतहै। जानकारों का मानना है कि ब्रह्मांड में सूर्य से 100 गुना बड़े तारे मौजूद है। सूर्य हमारे जीवन का एक अच्छा स्रोतहै।