जम्मू-कश्मीर के घरों में 2022 तक नल से पहुंचेगा जल, स्कूलों में महज 2 माह में (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)

जम्मू-कश्मीर के घरों में 2022 तक नल से पहुंचेगा जल, स्कूलों में महज 2 माह में (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)

IANS News
Update: 2020-10-24 11:01 GMT
जम्मू-कश्मीर के घरों में 2022 तक नल से पहुंचेगा जल, स्कूलों में महज 2 माह में (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)
हाईलाइट
  • जम्मू-कश्मीर के घरों में 2022 तक नल से पहुंचेगा जल
  • स्कूलों में महज 2 माह में (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)

नई दिल्ली, 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर के सभी 18.17 लाख घरों में दिसंबर 2022 तक नल के पानी की सुविधा मिल सकेगी। इसके साथ ही नए बने केंद्र शासित प्रदेश में अधिकारी सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में भी दो महीने के अंदर यह सेवा सुनिश्चित करेंगे।

प्रदेश के 8.38 लाख (46 प्रतिशत) परिवारों को पहले ही नल के पानी के कनेक्शन उपलब्ध कराए जा चुके हैं और बाकी 54 प्रतिशत घरों को 2022-24 तक राष्ट्रीय लक्ष्य से पहले ही दिसंबर 2022 तक सरकार की योजना के अनुसार कवर किया जाएगा।

जल मंत्रालय द्वारा अपने जल जीवन मिशन (जेजेएम) कदम के तहत चलाई जा रही परियोजना की समीक्षा बैठक के दौरान जम्मू-कश्मीर की ओर से शनिवार को केंद्र सरकार को सौंपे गए मध्यावधि मूल्यांकन में इसकी जानकारी मिली है।

जल शक्ति मंत्रालय के एक नोट से पता चला है कि इस वित्तीय वर्ष के लिए जेजेएम के तहत प्रदेश को केंद्र के हिस्से के रूप में 681.77 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। जम्मू एवं कश्मीर फिजिकल और वित्तीय प्रदर्शन के आधार पर अतिरिक्त आवंटन के लिए पात्र है।

इस नोट में कहा गया है कि 100 प्रतिशत नल जल कनेक्शन देकर जम्मू एवं कश्मीर के हर ग्रामीण घर तक नल जल पहुंचाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को पूरा करना एक प्रमुख उदाहरण साबित होगा।

आईएएनएस को उपलब्ध हुई नोट की प्रति में लिखा है कि बच्चे हर देश का भविष्य होते हैं और उनके समग्र विकास के लिए सुरक्षित पानी और बेहतर स्वच्छता प्रदान करना आवश्यक है।

जलशक्ति मंत्रालय ने देशभर के सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में पीने योग्य पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशन में 2 अक्टूबर 2020 को 100-दिवसीय अभियान शुरू किया था।

नोट में कहा गया है, केंद्र शासित प्रदेश जम्मू एवं कश्मीर ने अभियान अवधि के भीतर इन सभी संस्थानों में स्वच्छ पानी मुहैया कराते हुए प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को पूरा करने की योजना बनाई है, ताकि जब स्कूल फिर से खुलेंगे तो बच्चों को पीने, हाथ धोने और शौचालय में उपयोग करने के लिए पीने योग्य पाइप्ड पानी तक मिल सके।

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जेजेएम के कार्यान्वयन की प्रगति का आकलन करने के लिए राष्ट्रीय जल जीवन मिशन टीम, जलशक्ति मंत्रालय की ओर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की एक मध्य-वर्ष समीक्षा की जा रही है।

जम्मू एवं कश्मीर ने शनिवार को केंद्र शासित प्रदेश में जेजेएम के कार्यान्वयन पर अपनी प्रगति (प्रोग्रेस) रिपोर्ट प्रस्तुत की।

प्रदेश प्रशासन ने 4,038 गांवों के संबंध में ग्राम कार्य योजना (वीएपी) को अंतिम रूप दिया है। वीएपी में स्रोत को मजबूत करने, जल आपूर्ति, ग्रे जल प्रबंधन और संचालन और रखरखाव जैसे घटक शामिल हैं।

जेजेएम परियोजना से जुड़े एक अधिकारी ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर आईएएनएस को बताया कि मंत्रालय ने ग्राम जल और स्वच्छता समितियों के गठन पर जोर दिया है, ताकि स्थानीय ग्राम समुदाय या ग्राम पंचायतों और इसकी उप-समिति के साथ-साथ अन्य समूहों को भी शामिल किया जा सके।

अधिकारी के अनुसार, जम्मू एवं कश्मीर को ग्राम पंचायत पदाधिकारियों के साथ-साथ अन्य हितधारकों की क्षमता निर्माण के लिए प्रशिक्षण आयोजित करने और गांवों में कौशल विकास प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा गया, जो ग्रामीण स्तर पर प्रशिक्षित मानव संसाधन का एक पूल बनाने के लिए जल आपूर्ति प्रणालियों को अमल में लाने में काफी मददगार है।

एकेके/एसजीके

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