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Amravati News: नकली सोयाबीन बीज का बड़ा घोटाला: 47 एफआईआर, 1,605 किसानों ने दर्ज कराईं शिकायतें

Amravati News अमरावती जिले में सोयाबीन के बीजों के अंकुरित नहीं होने से हजारों किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कृषि विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के निर्देश के बाद जिलेभर में अब तक 22 बीज कंपनियों के खिलाफ 1,605 किसानों की शिकायतों के आधार पर 47 एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।
ताजा कार्रवाई में वलगांव, रहिमापुर और शिरखेड पुलिस थानों में पांच बीज कंपनियों के खिलाफ नए मामले दर्ज किए गए हैं। कृषि विभाग की जांच में बीजों की गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद संबंधित कंपनियों पर धोखाधड़ी और बीज कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है।
वलगांव पुलिस थाने में बीज निरीक्षक प्रमोद खर्चान की शिकायत पर रवि सीड्स एंड रिसर्च (इंदौर) के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। वहीं शिरखेड पुलिस थाने में कृषि अधिकारी दिनेश रघुनाथ चौधरी की शिकायत पर ईगल सीड्स एंड बायोटेक (इंदौर) के विरुद्ध अपराध दर्ज हुआ। रहिमापुर पुलिस थाने में बीज निरीक्षक शोएब शेख अयुब चौहान की शिकायत पर वीगौर बायोटेक (इंदौर), रवि सीड्स एंड रिसर्च (रतलाम) तथा इनोवेग एग्रो (झाबुआ, मध्यप्रदेश) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
दोबारा बुआई से बढ़ी किसानों की मुश्किलें : खराब बीजों के कारण सोयाबीन का अंकुरण नहीं होने से किसानों को दोबारा बुआई करनी पड़ रही है। इससे बीज, खाद, मजदूरी और सिंचाई पर अतिरिक्त खर्च का बोझ बढ़ गया है। सबसे अधिक शिकायतें बूस्टर कंपनी के बीजों को लेकर सामने आई हैं, जबकि कई अन्य कंपनियां भी जांच के दायरे में हैं।
22 कंपनियां जांच के घेरे में : अब तक दर्ज 47 एफआईआर में अमरावती शहर और ग्रामीण क्षेत्र के गाडगेनगर, वलगांव, भातकुली, चांदूर बाजार, चांदूर रेलवे, धामणगांव रेलवे, नांदगांव खंडेश्वर, तिवसा, मोर्शी, अंजनगांव सुर्जी, अचलपुर, सरमसपुरा, आसेगांव पूर्णा, मंगरूल दस्तगीर, शिरखेड, कुरहा, रहिमापुर, माहुली जहांगीर और चिखलदरा सहित कई क्षेत्रों के मामले शामिल हैं।
जांच के दायरे में बूस्टर, रवि सीड्स, इनोवेग, पार्थ, श्री सीड्स, अंकुर, उत्तम, ग्रीन रिवोल्यूशन, वीगर, एसकेवी सीड्स, ईगल, ग्रीन गोल्ड, ग्रान गोल्ड, ओसवाल समेत कुल 22 बीज कंपनियां शामिल हैं। कृषि विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी कंपनियों के खिलाफ आगे भी कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
Created On :   21 July 2026 12:00 PM IST















