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MP News: बेटियों की जमीन गिरवी रखकर लिया 2 करोड़ का लोन, भोपाल के बिल्डर दंपती पर EOW का शिकंजा

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश की आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने भोपाल के बिल्डर जीशान अली और उनकी पत्नी नाजनीन अली के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र के आरोप में FIR दर्ज की है। आरोप है कि जीशान अली ने वर्ष 2013 में अपनी तीन बेटियों के नाम दान (हिबा) की गई जमीन को वर्ष 2015 में अपनी संपत्ति बताकर पंजाब नेशनल बैंक में गिरवी रख दिया और 2 करोड़ रुपये का लोन ले लिया। बैंक का 2.07 करोड़ रुपये से अधिक बकाया अब तक नहीं चुकाया गया है। EOW ने 14 अक्टूबर 2026 को अपराध क्रमांक 106/2026 दर्ज कर जांच शुरू की है।
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2013 में बेटियों के नाम की थी जमीन
EOW की जांच के अनुसार, ग्राम बावड़ियाकलां, तहसील हुजूर स्थित 526.83 वर्गमीटर व्यावसायिक जमीन पहले शादाब गृह निर्माण सहकारी समिति की थी। 5 फरवरी 2008 को रजिस्ट्री के जरिए यह जीशान अली के नाम हुई थी। इसके बाद 10 जुलाई 2013 को उन्होंने हिबानामे के जरिए जमीन अपनी तीन बेटियों के नाम कर दी थी। इनमें से दो उस समय नाबालिग थीं।
जांच में सामने आया कि इसके बावजूद सितंबर 2015 में बैंक के सामने जमीन को जीशान अली की संपत्ति बताया गया। बैंक की लीगल सर्च रिपोर्ट में भी हिबानामे का उल्लेख नहीं था। इसके बाद 24 सितंबर 2015 को उनकी कंपनी रॉयल हेरिटेज बिल्डर्स के लिए 2 करोड़ रुपये की ओवरड्राफ्ट सीमा स्वीकृत हुई। जमीन को बैंक के पास गिरवी रखा गया।
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वसूली रोकने के लिए मुकदमे कराने का आरोप
EOW के मुताबिक, वर्ष 2017 में लोन खाता एनपीए हो गया। बैंक के वसूली नोटिस से पहले ही 4 अक्टूबर 2017 को बेटियों की ओर से सिविल मुकदमा दायर किया गया कि जमीन उनकी है और बैंक उसे अपने कब्जे में नहीं ले सकता। बाद में इस मामले में अपील भी की गई। बैंक ने अदालत में इसे कथित मिलीभगत से की गई प्रॉक्सी मुकदमेबाजी बताया था।
2.07 करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया
जांच में सामने आया कि ऋण वसूली न्यायाधिकरण (DRT), जबलपुर ने 8 मार्च 2019 को बैंक के पक्ष में फैसला सुनाते हुए वसूली प्रमाणपत्र जारी किया था। इसके बावजूद बैंक का 2,07,86,807.48 रुपये से अधिक बकाया है।
EOW ने जीशान अली और नाजनीन अली के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318 (4) (धोखाधड़ी) और 61 (2) (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी की मां निकहत शमीम की मृत्यु हो चुकी है। मामले में आगे की विवेचना जारी है।
Created On :   14 Oct 2026 9:47 PM IST













