Chandrapur News: ताड़ोबा में चीतलों का सफल स्थानांतरण पहले चरण में छोड़े 30 चीतल

ताड़ोबा में चीतलों का सफल स्थानांतरण पहले चरण में छोड़े 30 चीतल
80 चीतलों के स्थानांतरण की अनुमति

Chandrapur News ताड़ोबा-अंधारी व्याघ्र प्रकल्प (टीएटीआर) में शिकार प्रजातियों की संख्या संतुलित करने के लिए चीतलों (स्पॉटेड डियर) के आंतरिक स्थानांतरण अभियान की शुरुआत की गई है। पहले चरण में कोलारा रेंज के जामनी घास क्षेत्र से कोर क्षेत्र स्थित कोलसा रेंज के कोलसा घास क्षेत्र में 30 चीतलों को स्थानांतरित किया गया। पूरे अभियान में किसी भी चीतल की मृत्यु या घायल होने की घटना नहीं हुई।

राज्य सरकार ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कुल 80 चीतलों के स्थानांतरण की अनुमति दी है। पहले चरण में 30 जून को 16 चीतलों (9 मादा एवं 7 नर) तथा 1 जुलाई को 14 चीतलों (11 मादा एवं 3 नर) को सुरक्षित रूप से नए आवास में छोड़ा गया। चीतलों को पकड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त "बोमा तकनीक' का उपयोग किया गया।

विशेष रूप से तैयार किए गए ट्रांसलोकेशन वाहनों के माध्यम से उन्हें सुरक्षित तरीके से नए क्षेत्र तक पहुंचाया गया, जिससे यात्रा के दौरान वन्यजीवों को किसी प्रकार का तनाव या नुकसान न हो। यह अभियान ताड़ोबा के फील्ड डायरेक्टर डॉ. प्रभु नाथ शुक्ला के मार्गदर्शन तथा उपनिदेशक (कोर) आनंद रेड्डी के नेतृत्व में सहायक वन संरक्षक विवेक नातू, अनिरुद्ध धागे, वन परिक्षेत्र अधिकारी विशाल वैद्य, रुंदन कटकर एवं वनकर्मियों की टीम ने सफलतापूर्वक पूरा किया।


Created On :   3 July 2026 1:40 PM IST

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