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jabalpur news: ट्रेनों में यात्रियों की टिकट जांच रहा था फर्जी टीटीई और पहुंच गई असली टीम

जबलपुर। ट्रेनों में यात्रियों की टिकट जांच के साथ ही अवैध रूप से पैसे वसूलने की िशकायतें मिलने के बाद जबलपुर रेल मंडल में टीम का गठन किया गया, जो लंबी दूरी की ट्रेनों में निगरानी रख रही थी। इस दौरान स्लीपर कोच में यात्रियों की टिकट जांच करने के दौरान एक फर्जी टीटीई को पकड़ा गया और उसके खिलाफ कार्रवाई की गई।
जानकारी के अनुसार ट्रेनों के आरक्षित कोचों में फर्जी टीटीई बनकर यात्रियों से अवैध वसूली की शिकायत के बाद सीनियर डीसीएम डाॅ. मधुर वर्मा ने एक निगरानी टीम गठित की। सतर्कता विभाग, टिकट चेकिंग स्टाफ एवं आरपीएफ द्वारा संयुक्त रूप से अभियान चलाया गया, जिसमें जबलपुर के साथ ही सतना से इटारसी रेलखंड तक लगातार कई दिनों तक जांच हुई। मंगलवार एवं बुधवार की दरमियानी रात लगभग ढाई बजे ट्रेन संख्या 15018 काशी एक्सप्रेस में टीम ने स्लीपर कोच एस-1 में यात्रियों के टिकटों की जांच करते हुए एक व्यक्ति को देखा। टीम ने उसे पकड़कर पूछताछ की तो उसने अपना नाम अरुण कुमार यादव निवासी सोहागपुर बताया। ट्रेन जब तक इटारसी स्टेशन पहुंच गई थी जिस पर आरोपी को वहीं जीआरपी के सुपुर्द कर कार्रवाई की गई।
फील्ड डायरेक्टर के नाम का भी डुप्लीकेट कार्ड
जांच में फर्जी टीटीई के पास से दो फर्जी सील, 35 सौ रुपए नकद, डब्ल्यूसीआरएमएस यूनियन और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर का भी डुप्लीकेट कार्ड मिला। वहीं वह पिस्टल जैसा दिखने वाला लाइटर भी रखे हुए था। प्राथमिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि आरोपी अरुण कुमार यादव फर्जी सीलों का उपयोग कर व रेलवे कर्मचारी बताकर यात्रियों को गुमराह करता था तथा उनसे वसूली करता था। उससे पूछताछ जारी है।
यात्री कैसे करें पहचान...?
इस मामले के सामने आने के बाद रेलवे सतर्क हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि यात्री पूछताछ व पहचान करके केवल अधिकृत रेलवे कर्मचारियों से ही सेवाएं प्राप्त करें। यदि कोई व्यक्ति संदिग्ध गतिविधि करते हुए अथवा स्वयं को रेलवे कर्मचारी बताकर अनुचित लाभ लेने का प्रयास करता दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपी अथवा रेल मदद हेल्पलाइन पर दी जा सकती है। अब यहां सवाल ये उठता है कि यात्री आखिर कैसे पहचान करेंगे कि सामने वाले का आई कार्ड फर्जी है..? लोगों का कहना है कि यात्रियों के हित में ट्रेन की बोगियों में रेलवे की टीमों को सतत जांच करनी चाहिए, तभी इस तरह के फर्जीवाड़े रुक सकते हैं।पी-2
Created On :   22 July 2026 11:11 PM IST












