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Jabalpur News: जिला शिक्षा केन्द्र द्वारा सूची जारी की गई, कुछ स्कूलों को कम छात्र संख्या के कारण दूसरी स्कूलों में मर्ज किया गया
डिजिटल डेस्क,जबलपुर। जिला शिक्षा केन्द्र द्वारा हाल ही में वह सूची जारी की गई है जिसके तहत कुछ स्कूलों को कम छात्र संख्या के कारण दूसरी स्कूलों में मर्ज किया गया है। ऐसी स्कूलों की संख्या 11 है हालाकि इनमें कुछ तो ऐसे स्कूल हैं जाे कि एक ही परिसर में हैं। वहीं कुछ ऐसे स्कूलों को मर्ज किया गया है जिनमें छात्रों और शिक्षकों की औसत संख्या में बहुत अंतर था। शासकीय माध्यमिक कन्या शाला शंकर शाह नगर में कुल 87 छात्राएं दर्ज हैं और शिक्षकों की संख्या 6 है।
वहीं शासकीय एकीकृत वरिष्ठ बुनियादी माध्यमिक शाला पनागर में 234 बच्चे हैं और शिक्षकों की संख्या 6 हैं। आखिर यह कैसा गणित है। नियमानुसार 30 बच्चों पर 1 शिक्षक होता है। ऐसे में कन्या शाला शंकरशाह नगर में 3 शिक्षकों से काम चल सकता था जबकि बुनियादी पनागर में कम से कम 8 शिक्षक तो होने ही चाहिए थे।
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा वर्ष 2018 में दिए गए निर्देशों के तहत जिले में शासकीय शालाओं की एक परिसर एक शाला अवधारणा योजना में शामिल किया गया था। इसे लागू करते हुए कुछ स्कूलों को दूसरे स्कूलों में मर्ज किया गया है। ऐसी शालाओं की जारी की गई सूची में कई ऐसे आंकड़े हैं जिनसे चौंकाना लाजिमी है। शासकीय प्राथमिक शाला ग्वारीघाट में 65 बच्चे हैं और शिक्षक केवल 1 है।
शासकीय प्राथमिक शाला मड़ैया टोला में 13 बच्चे हैं और शिक्षक 2 हैं। इन स्कूलों को जिन दूसरी स्कूलों में मर्ज किया गया है उनमें से 3 की दूरी तो 0 किलोमीटर है क्योंकि वे एक ही परिसर में हैं। वहीं 2 की दूरी 200 मीटर है। केवल एक स्कूल ऐसा है जिसके बच्चों को करीब 1.1 किलाेमीटर की दूरी तय करनी होगी। पनागर के वरिष्ठ बुनियादी माध्यमिक शाला के बच्चों को शासकीय एकीकृत हाईस्कूल सिंगोद जाना होगा।
10 से कम बच्चों वाली 11 स्कूलें भी मर्ज होंगी
इसी प्रकार जिले की उन स्कूलों को भी दूसरी स्कूलों में मर्ज किया जा रहा है जिनमें बच्चों के नामांकन की संख्या 10 से कम है। इनमें सबसे कम 3 बच्चे कन्या शाला सुकरी में हैं। वहीं किसी में 5 तो किसी में 8 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। ऐसे स्कूलों के नाम शासकीय प्राथमिक शाला भमका,शासकीय प्राथमिक शाला कनिष्ठ पाटन,शासकीय प्राथमिक शाला देवरी टोला,शासकीय प्राथमिक शाला मुस्कुरा,शासकीय प्राथमिक शाला भकलिया ,शासकीय प्राथमिक शाला न्यू भोंगा बरगी नगर,शासकीय प्राथमिक शाला टिकरिया,शासकीय प्राथमिक शाला, शासकीय प्राथमिक शाला मगरकटा, शासकीय प्राथमिक शाला रोंसरा आदि के नाम शामिल हैं।
शून्य नामांकन वाली 2 स्कूलें भी शामिल
बताया जाता है कि स्कूलों की सूची में 2 स्कूल ऐसे भी हैं जहां बच्चों की संख्या जीरो है। इनमें शासकीय प्राथमिक शाला छपरी पाटन और शासकीय कन्य उर्दु स्कूल पेशकारी बेलबाग शामिल हैं। वहीं 4 स्कूल ऐसे हैं जिन्हें पृथक किया जाना है। इनमें मझौली का 1, कुंडम के 2 और पनागर का 1 स्कूल शामिल है। बताया जाता है कि इस प्रस्ताव को तैयार कर जिला शिक्षा केन्द्र द्वारा कलेक्टर को भेजा गया था वहां से इसे स्वीकृत कर दिया गया है।
कुछ स्कूलों को बचाने के आरोप
बताया जाता है कि कुछ स्कूलों में बच्चों की संख्या 10 से कम है लेकिन उन्हें एप्रोच के कारण बचाया गया है। इनमें कुंडम के कुछ स्कूल भी शामिल हैं। मझौली और पनागर के भी कुछ स्कूल शामिल हैं इस मामले में शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिन स्कूलों के नाम पहले तय किए गए थे उन्हें मर्ज किया गया है आगे भी यह प्रक्रिया जारी रहेगी।
Created On :   26 Sept 2026 8:28 PM IST












