जनसुनवाई: पुत्र की टीसी व मार्कशीट न मिलने से परेशान हो चुके पिता ने लगाई गुहार

पुत्र की टीसी व मार्कशीट न मिलने से परेशान हो चुके पिता ने लगाई गुहार
कलेक्ट्रेट में आए 135 आवेदन, लोगों ने भी सुनाई पीड़ा, पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी पीड़ितों ने बताईं अपनी शिकायतें

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। कलेक्ट्रेट में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के समक्ष दर्जनों लोगों ने अपनी-अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए आवेदन किया है। इस दौरान एक पिता ने अपने पुत्र की टीसी पाने के लिए गुहार लगाई। कलेक्टर श्री सिंह के समक्ष पहुंचे मनोज दीक्षित ने आवेदन देकर बताया कि वह लंबे समय से गंभीर बीमारी से ग्रसित है। उसका पुत्र अर्श दीक्षित सिहोरा स्थित एक निजी स्कूल से आठवीं, नवमीं व दसवीं पास कर चुका है। उसकी फीस बकाया है।

बीमारी के चलते उसकी आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है, जिससे वह स्कूल की फीस चुकाने में असमर्थ है। वह बच्चे की आगे की पढ़ाई िकसी सरकारी स्कूल में कराना चाह रहा है। मगर इसके लिए उसे मार्कशीट व टीसी की आवश्यकता है, जो स्कूल द्वारा जारी नहीं की जा रही है। एक अन्य शिकायत में धनवंतरि नगर निवासी मुन्नालाल दाहिया ने लिखित शिकायत में बताया कि वह अपने पुत्र से प्रताड़ित है।

उसके पुत्र ने उसकी संपत्ति पर कब्जा कर लिया है और आए दिन विवाद के साथ ही मारपीट भी करता है। जिससे वह काफी प्रताड़ित हो रहा है। आवेदन के माध्यम से पीड़ित पिता ने अपने पुत्र से संपत्ति वापस दिलाने की मांग की है।

वहीं एक अन्य शिकायत में खजरी खिरिया निवासी अतुल सोनी ने आवेदन देकर आयुष्मान कार्ड बनाने की मांग की है। श्री सोनी ने जनसुनवाई में अधिकारियों के समक्ष आवेदन देकर बताया कि वह गंभीर बीमारी से ग्रसित है और लंबे समय से उसका इलाज चल रहा है। इलाज के लिए उसे आयुष्मान कार्ड की आवश्यकता है, मगर लगातार प्रयासों के बाद भी कार्ड जारी नहीं हो रहा है।

कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में 135 आवेदन प्राप्त हुए। जिसमें आयुष्मान कार्ड, कब्जा हटाने, मारपीट, गरीबी रेखा में नाम जोड़ने, अतिक्रमण, राजस्व प्रकरण, नामांतरण, सीमांकन, आपसी विवाद तथा भूमि डायवर्सन से संबंधित आवेदन शामिल है। जनसुनवाई के दौरान अपर कलेक्टर श्रीमती नीता राठौर, रविशंकर राय, शैलेंद्र सिंह, अखिलेश सिंह सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

Created On :   30 Sept 2026 5:19 PM IST

Tags

Next Story