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Jabalpur News: डी मार्ट में इलेक्ट्रॉनिक आयटमों पर कीमत कुछ लिखते हैं, बताते कुछ हैं

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। डी-मार्ट में वस्तुओं पर ‘ऑफर’ प्राइस या अंतिम डिस्काउंटेड कीमत नहीं लिखी होने के कारण ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उन्हें खरीदारी के दौरान अनिश्चितता नजर आती है और असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। ग्राहकों ने शिकायत की है कि स्टोर के अंदर कई वस्तुओं पर ‘ऑफर प्राइस’ या अंतिम डिस्काउंटेड कीमत स्पष्ट रूप से नहीं लिखी गई है, जिससे वे भ्रमित हो रहे हैं। ऐसा लगता है जैसे यह भ्रमपूर्ण स्थिति जानबूझकर बनाई जाती है।
गौरतलब है कि वस्तुओं पर ऑफर रेट न होने से यह अनिश्चितता ग्राहकों को पसोपेश में डाल देती है। यह स्थिति तब और खराब हो जाती है, जब भारी भीड़ में सही कीमत चेक करने के लिए स्टाफ भी उपलब्ध नहीं होता। एक तरफ डी-मार्ट की ऑनलाइन सेवा का दावा करती है कि उनके पास पारदर्शी कीमतें हैं, वहीं फिजिकल स्टोर्स में कीमतें चेक करने की यह कमी, पारंपरिक खरीदारों के अनुभव को कमतर बना रही है।
साफ शब्दों में लिखा होना चाहिए ऑफर प्राइस
उपभोक्ता मामलों के विशेषज्ञों का कहना है कि रिटेल स्टोर्स में एमआरपी के साथ-साथ डिस्काउंटेड कीमत का स्पष्ट प्रदर्शन अनिवार्य होना चाहिए, ताकि ग्राहकों को खरीदारी में पारदर्शिता मिले और वे सही फैसला ले सकें।
डीबी स्टार ने विजय नगर स्थित डी मार्ट में चल रही खरीदारी का जायजा लिया। यहां पर इलेक्ट्रॉिनक वस्तुएं खरीदने के लिए लोग संबंधित प्राेडक्ट को देख रहे थे, लेकिन कर्मचारी यह बताने तैयार नहीं थे कि आखिर में संबंधित प्रोडक्ट का ऑफर रेट क्या है, क्योंकि जो प्राइस प्रोडक्ट पर लिखा हुआ था, वह बहुत अिधक था, जिससे उपभोक्ता कंफ्यूज हो रहे थे।
ऐसे में उपभोक्ता यही सोच रहे हैं कि कहीं उनके साथ धोखा तो नहीं हो रहा है।
खाद्य वस्तुओं पर प्राइस टैग इलेक्ट्रानिक वस्तुओं में एमआरपी| एक ही स्टोर में या कहें कि एक ही छत के नीचे घरेलू जरूरतों की तमाम वस्तुएं उपलब्ध करवाने का दावा करने वाले डी मार्ट में खाद्य वस्तुओं पर तो बाकायदा टैग लगा हाेता है, जिसमें बताया जाता है कि संबंधित वस्तु का एमआरपी इतना है और इसमें ऑफर इतना है और डिस्काउंट के बाद फायनल रेट कितना होगा, लेकिन डी मार्ट में ही बिक रही इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं पर सिर्फ एमआरपी लिखा है, ऑफर रेट दूर दूर तक नहीं लिखा जा रहा है। टैग तो पूरी तरह से गायब है। जब कई बार पूछो तब जाकर कर्मचारी बताते हैं कि यह कितने में मिलेगा, जिससे यह पता चलता है कि इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं में किस तरह खेल किया जा रहा है। जनता भ्रमित हो रही है।
केस 1| विजय नगर स्थित डी मार्ट में इंडक्शन ले रहे सुशील कुमार बार बार यहां तैनात कर्मचारियों से रेट पूछ रहे थे कि इसका ऑफर रेट कितना है। कितने में यह दिया जाएगा। बार बार पूछने पर भी कर्मचारी रेट नहीं बता रहे थे। जब एक वरिष्ठ कर्मचारी को बुलाया गया तो उसने डिब्बे पर लिखे रेट के बाद नया रेट बताया।
ऐसे में लोग परेशान हो रहे थे कि जब सभी प्रोडक्ट पर ऑफर रेट लिखा है तो इसमें क्यों नहीं। ध्यान देने वाली बात ये है कि इंडक्शन पर रेट 3200 लिखा था,पूछने पर 1800 बताया फिर 1500 में देने की बात कही।
केस 2| सुमित कुमार डी मार्ट में पंखा खरीद रहे थे। स्टॉल जहां पर पंखा रखा था, वहां पर डिब्बे में पंखे का प्राइस लिखा था, लेकिन ऑफर प्राइस क्या है, यह कितने में मिलेगा, इसमें कुछ नहीं लिखा हुआ था।
बाद में पूछताछ की गई तो कहा गया कि यह 1700 का मिलेगा या 1800 तक में मिल जाएगा। मतलब ये कि यहां यह स्पष्ट नहीं था कि आखिरकार पंखे का ऑफर प्राइस क्या है। यह पंखा का डी मार्ट प्राइस कितना है। ऑफर रेट न होने से ग्राहक भ्रमित होते हैं। जिससे यह समझ आता है कि मार्ट में ऑफर रेट को लेकर समस्याएं हैं।
दिव्यांगों के लिए बड़ी मुसीबत
दिव्यांगों के लिए विजय नगर स्थित डी मार्ट में टॉयलेट बनाए गए हैं, लेकिन अिधकांश समय यह टॉयलेट बंद होते हैं। कई बार तो इन टॉयलेट के सामने ट्रालियों में भरकर सामान रख दिया गया है, जिसके कारण दिव्यांग लोग इस टॉयलेट का प्रयोग ही नहीं कर पाते हैं।
डी मार्ट के जिम्मेदार ग्राहकों को होती असलियतों की तरफ ध्यान ही नहीं देते हैं। उनका पूरा ध्यान सिर्फ सामान बेचने की तरफ ही लगा हुआ होता है। दिव्यांग लोग टॉयलेट जाने के लिए परेशान होते रहते हैं।
Created On :   27 April 2026 3:27 PM IST











