Jabalpur News: 57 दिन बाद भी बरगी दाईं तट नहर में पूरा सुधार नहीं हो सका

57 दिन बाद भी बरगी दाईं तट नहर में पूरा सुधार नहीं हो सका
20 की जगह केवल 7 घन मीटर छोड़ा जा रहा पानी दावों के बाद भी रस्मअदायगी के तौर पर चालू हुई नहर

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। बरगी की दाईं तट नहर 57 दिन पहले सगड़ा-झपनी के पास टूटी गई थी। इस नहर में काम चलाऊ सुधार पाइप डालकर किया गया, पर नहर की पूरी तहर से मरम्मत नहीं की जा सकी है। नहर पूरी तरह से अपडेट न होने की स्थिति में इससे 20 से 22 घन मीटर प्रति सेकेण्ड पानी छोड़े जाने की बजाय, इससे अभी केवल 7 घन मीटर प्रति सेकेण्ड की रफ्तार से ही पानी जा रहा है।

नहर में लाख दावों के बाद भी पूरा सुधार नहीं हो सका है। लोगों का कहना है कि इस बार रबी सीजन में नहर के किनारे खेतों में सिंचाई को लेकर किसान परेशान हो चुके हैं। फिलहाल नर्मदा में बांध से पाॅवर जनरेशन के बाद ज्यादा पानी छोड़ा जा रहा है।

इस समय नर्मदा में गर्मियों के शुरुआती दिनों में 200 घन मीटर प्रति सेकेण्ड की रफ्तार से पानी छोड़ा जा रहा है। बांध से पानी मिलने पर ही नर्मदा का बहाव इस समय बेहतर है। सभी घाटों पर पानी उथला या कम नहीं हो सका है।

बीते साल के मुकाबले बांध में एक मीटर कम पानी

बरगी बांध अभी 48.43 फीसदी भरा हुआ है। बांध का जल स्तर सोमवार की शाम तक 416 मीटर रहा। बीते साल इसी दिन तक बांध का जल स्तर 417.05 मीटर रहा। इस तरह बीते साल के मुकाबले बांध में इस समय एक मीटर कम पानी है।

बांध का जल प्रबंधन देखने वाले राजा राम रोहित के अनुसार बांध में पानी की कमी नहीं है, लेकिन बीते साल के मुकाबले एक मीटर और प्रतिशत के हिसाब से 8 फीसदी कम पानी बांध में है। इसको जरूरतों के हिसाब से 15 जून तक मैनेज किया जाएगा। इसके बाद बांध में मानसून की बारिश का पानी आने लगता है।

बरगी बांध पर इसलिए रहती है सबकी नजर

गर्मियों के शुरुआती दिनों से मानसून सीजन में बरगी बांध पर पूरे प्रदेश की नजर रहती है। इसकी वजह यह है कि यह नर्मदा में बना पहला बांध है। इसके भरने पर आगे के बांधों को पानी मिलना आसान हो जाता है। इससे जो पानी छोड़ा जाता है, उससे नर्मदा का बहाव बेहतर होता है। जबलपुर में 85 फीसदी पेयजल सप्लाई नर्मदा से होती है और नर्मदा को गर्मियों में ज्यादातर पानी बांध से ही मिलता है।

Created On :   30 March 2026 6:14 PM IST

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