Jabalpur News: एजेंसी में कह रहे हॉकर घर में सिलेंडर देगा मगर हॉकर भी सिलेंडर देने से कर रहे मना

एजेंसी में कह रहे हॉकर घर में सिलेंडर देगा मगर हॉकर भी सिलेंडर देने से कर रहे मना
घरेलू सिलेंडरों की मारामारी, जब तक एजेंसी से पर्ची नहीं कटेगी तब तक मिलना मुश्किल

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। युद्ध के चलते बढ़ी एलपीजी की दिक्कतें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। पहले 35 दिनों में बुकिंग का फरमान जारी हुआ। इसके बाद बुकिंग के दस दिन बाद ही सिलेंडर मिलेगा यह कहा गया। इतना ही नहीं बुकिंग के दस दिनों बाद एजेंसी से पर्ची कटने पर गैस मिलेगी यह भी नियम बनाए गए।

अब एजेंसियों में इस आशय का बोर्ड टांग दिया गया है कि गोदाम या एजेंसी से किसी को गैस नहीं मिलेगी हॉकर घर आकर सिलेंडर देगा, मगर हकीकत कुछ और ही है एजेंसी में तो सिलेंडर मिल नहीं रहे हैं, हॉकर से मांगो तो यह कहकर टरका दिया जा रहा है कि अभी नंबर नहीं आया है।

अब तो बुकिंग के बाद एजेंसी से पर्ची कटवाने के बाद ही सिलेंडर दिया जा रहा है। इस तरह से रोज-रोज बदल रहे नियमों और स्थानीय गैस एजेंसी और हॉकरों की मनमानी से लोगों को सिलेंडर मिलना मुश्किल हो रहा है। जनता सुबह से लेकर शाम तक तपती धूप में एक सिलेंडर पाने के लिए भटक रही है।

सीएनजी के लिए भी लग रही लाइन

घरेलू सिलेंडरों के साथ ही अब सीएनजी के लिए भी पंपों में भीड़ लगने लगी है। रविवार की सुबह सीएनजी भरवाने पहुंचे ऑटो चालकों को सुबह से ही पंप में लाइन लगानी पड़ गई, वहीं एकाध पंप में दाम को लेकर भी अंतर देखा गया, जिससे कम दाम वाले पंप में सीएनजी के लिए भीड़ लग गई। यह भीड़ सुबह से दोपहर तक देखी गई। हालांकि सीएनजी की कमी नहीं बताई जा रही है।

जांच के नाम पर खानापूर्ति

सिलेंडर की डिमांड और जनता की परेशानी के बीच प्रशासनिक सिस्टम पूरी तरह से चरमरा गया है। खाद्य विभाग व राजस्व विभाग की एक टीम बनाई गई है जो सभी एजेंसियों में लगातार निगरानी रखेगी और कालाबाजारी पर रोक लगाएगी, मगर इस टीम की जांच भी खानापूर्ति साबित हो रही है। लोगों का कहना है कि एजेंसियों में बैठे कर्मचारियों द्वारा जनता को सिलेंडर देने के बजाय भटकाया जा रहा है। बुकिंग के बाद भी पर्ची नहीं काटी जा रही है। एजेंसी से सिलेंडर भी नहीं दिए जा रहे हैं। इसकी शिकायत करने के बाद भी खाद्य व राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर जांच करने नहीं पहुंच रहे हैं, जिससे सिलेंडरों की कालाबाजारी भी हो रही है।

हाेटल-रेस्टाॅरेंट में पर्याप्त आपूर्ति नहीं

कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति को लेकर अभी भी हालात नहीं सुधर रहे हैं। एक ओर जहां होटल-रेस्टाॅरेंटों को पुरानी डिमांड के हिसाब से काफी कम मात्रा में सिलेंडर दिए जाने की बात कही जा रही है, वहीं होटल-रेस्टाॅरेंट संचालकों का कहना है कि यह आपूर्ति पर्याप्त नहीं है, क्योंकि होटलों में अधिकांश व्यंजन हाई फ्लेम में ही बनाए जाते हैं ऐसे में गैस भी अधिक लगती है। जितनी आपूर्ति की जा रही है उससे एक समय का भोजन बनना भी संभव नहीं हो पा रहा है।

अब होम डिलीवरी पर दिया जा रहा जोर

एजेंसी व गोदामों में लग रही भीड़ को देखते हुए अब होम डिलीवरी करने पर जोर दिया जा रहा है। प्रारंभिक तौर पर फिलहाल तीन गैस एजेंसी स्वाधीनता संग्राम सेनानी अधारताल, कर्नल गैस एजेंसी गोरखपुर और नील गैस एजेंसी ग्वारीघाट को तय किया गया है कि ये अपने उपभोक्ताओं को एजेंसी व गोदाम से सिलेंडर न देकर हॉकरों के माध्यम से लोगों के घरों तक पहुंचाएं। अगर यह फाॅर्मूला सही रहा और पेंडेंसी कम होती है तो इसे धीरे-धीरे सभी एजेंसियों में लागू कर दिया जाएगा।

राघवेंद्र सिंह, कलेक्टर

Created On :   30 March 2026 4:01 PM IST

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