Jabalpur News: नए बख्तरबंद का अब तवांग में आखिरी टेस्ट

नए बख्तरबंद का अब तवांग में आखिरी टेस्ट
  • 5,000 किमी की दौड़ में पहले ही पार हो चुकीं लेह लद्दाख की पहाड़ियां
  • वाहन निर्माणी के नए व्हीकल का ट्रायल: इसे एलपीटीए व स्टेलियन का नया वर्जन माना जा रहा, इसमें सुरक्षा के कई हाईटेक इंतजाम

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। तकरीबन 26 साल के बाद इंडियन आर्मी को एक नया व्हीकल मिलने वाला है। लाइट मोटर व्हीकल बतौर इस वाहन को विदेशी कंपनी के प्लेटफाॅर्म पर तैयार किया गया है। खास बात यह है कि 5,000 किमी के ट्रायल में बख्तरबंद वाहन ने हर एक चुनौती को बखूबी पार किया। लेह-लद्दाख की पहाड़ियां और पोखरण की गर्मी झेलने के बाद इन दिनों वाहन की अब अरुणाचल प्रदेश के तवांग क्षेत्र में टेस्टिंग शुरू हो गई है।

वाहन निर्माणी से इसके लिए एक दर्जन कर्मचारियों को वाहन के साथ रवाना किया गया है। वीएफजे के प्राेडक्शन में इससे पहले तक एमएमवी सेगमेंट में जोंगा आर्मी के बेड़े में शामिल रहा है। वर्ष 1999 के बाद इसका प्रोडक्शन रोक दिया गया। इसके बाद से ही भारतीय सेना को किसी छोटे वाहन की सप्लाई नहीं की जा सकी।

बहरहाल, व्हीकल फैक्ट्री में तैयार किए गए वाहन में सुरक्षा और सुविधा दोनों का बखूबी ख्याल रखा गया है। इस वाहन को एलपीटीए और स्टेलियन का अपग्रेडेड वर्जन भी माना जा रहा है।

अभी प्रोटोटाइप में तीन वाहन तैयार

वीएफजे ने अभी शुरुआती तौर पर कुल तीन प्रोटोटाइप तैयार किए हैं। इनमें से दो वाहनों को विभिन्न परिस्थितियों में टेस्ट किया जा रहा है। सूत्र कहते हैं कि आर्मी में काफी समय से लाइट आर्म्ड व्हीकल की जरूरत महसूस की जाती रही है। यही वजह है कि भारतीय सेना की ओर से इसकी डिमांड की गई। सभी पैरामीटर्स पर क्लियरेंस मिलने के साथ ही इन वाहनों का बड़े पैमाने पर प्राेडक्शन शुरू हो सकेगा।

दो तरह के कंडीशनल टेस्ट, दोनों में एक्सीलेंट

1. हॉट टॉप कैटेगरी के इस व्हीकल को सबसे पहले पोखरण में ट्रायल के लिए भेजा गया। जानकारों का कहना है कि भीषण गर्मी के दौरान इंजन की परफाॅर्मेंस चेक की गई। अलग-अलग क्षेत्रों में दौड़ने के बाद टेम्परेचर चेक किए गए। इसके अलावा रेतीले हिस्सों में वाहन की स्पीड और कंट्रोलिंग को टेस्ट किया गया। व्हीकल को यहां टेस्ट में एल-1 सर्टिफिकेशन मिला है।

2. दूसरे परीक्षण के लिए वाहन को लेह-लद्दाख में कई तरह की चुनौतियाें में आजमाया गया। उबड़-खाबड़ और खड़ी चढ़ाई में इंजन और टायरों की पकड़ आंकी गई। सूत्रों का कहना है कि हाल ही के दिनों में वाहन को माइनस टेम्परेचर पर चेक किया गया। बर्फ से ढंके वाहन में इंजन की स्टार्टिंग के पैरामीटर टेस्ट किए गए। नतीजे यहां भी एल-1 रहे। जानकार कहते हैं कि यह सर्वोच्च प्रदर्शन पर दिया जाता है।

Created On :   30 March 2026 5:55 PM IST

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