Jabalpur News: सड़क के गड्ढों से हाथ-पैर टूट जाएं तो...टेंशन न लो, बैसाखी देंगे

सड़क के गड्ढों से हाथ-पैर टूट जाएं तो...टेंशन न लो, बैसाखी देंगे
  • महिला पार्षद पर एमआईसी सदस्य की टिप्पणी से नगर निगम सदन की बैठक में हुआ जमकर हंगामा
  • डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए जल्द ही 50 नई गाड़ियां शामिल की जाएंगी।

Jabalpur News: नगर निगम सदन की बैठक में शुक्रवार को उस समय हंगामा हो गया, जब कांग्रेस पार्षद मुकीमा अंसारी ने कहा कि फ्लाईओवर के नीचे की सड़कों पर गड्ढे हैं, जब गड्ढों में गिरकर हाथ-पैर टूट जाएंगे तो फ्लाईओवर पर कैसे जा पाएंगे। इस पर एमआईसी सदस्य दामोदर सोनी ने टिप्पणी कर दी कि टेंशन नहीं लो बैसाखी दे देंगे। इसके विरोध में कांग्रेस और भाजपा पार्षद आमने-सामने आ गए।

इसको लेकर इतना हंगामा मचा कि निगमाध्यक्ष रिकुंज विज को बैठक को स्थगित करना पड़ा। एमआईसी सदस्य द्वारा खेद व्यक्त करने के बाद दोबारा बैठक शुरू हो सकी। पार्षद कमलेश अग्रवाल ने कहा कि फ्लाईओवर की सफाई के लिए अलग से टीम तैनात की जाए।

कैसे होगी शहर के 30 वार्डों में सफाई- पार्षद अयोध्या तिवारी ने कहा कि बर्फानी सिक्योरिटी का 30 वार्डों का सफाई ठेके का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। मामले की अगली सुनवाई 16 सितंबर होगी, तब तक प्रभावित क्षेत्रों में सफाई कैसे होगी।

15 माह में किया 1000 करोड़ का भुगतान

महापौर जगत बहादुर सिंह ने कहा कि 15 माह में 1000 करोड़ रुपए से ज्यादा भुगतान किया गया है। 1500 करोड़ के विकास कार्य कराए गए हैं। 538 करोड़ से सड़क और नाली बनाई गई है। सवा साल में पीडब्ल्यूडी के काम के लिए 118 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। 312 करोड़ रुपए से हर घर नर्मदा जल योजना शुरू कर दी गई है। डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए जल्द ही 50 नई गाड़ियां शामिल की जाएंगी। जलप्लावन से मुक्ति के लिए 222 करोड़ की योजना शुरू की जा रही है।

टेंडर निरस्त करने पर बवाल

दीक्षितपुरा में प्रस्तावित सभा भवन का टेंडर निरस्त करने को लेकर जमकर बवाल हुआ। पार्षद अदिति अतुल बाजपेयी ने कहा कि उनके पार्षद मद से सभा भवन निर्माण के लिए टेंडर जारी हुआ था, अचानक टेंडर को निरस्त कर दिया गया। इसको लेकर विपक्ष और नगर सत्ता के बीच तीखी नोक-झोंक हुई। पार्षद संतोष दुबे पंडा ने शहर में तालाबों की दुर्दशा का मामला उठाया।

नहीं जमा हो रहा टैक्स

नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा ने कहा कि शहर में विकास कार्य ठप हो गए हैं। पार्षद मद के काम नहीं हो रहे हैं। डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन की व्यवस्था चौपट हो गई है। निगम में टैक्स जमा नहीं हो रहा है। करदाताओं का पुराना टैक्स जुड़कर आ रहा है। लीज फ्री होल्ड के प्रकरण बेवजह लटकाए जा रहे हैं।

Created On :   30 Aug 2025 6:02 PM IST

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