Jabalpur News: सरकारी नियमों से अभिभावक बेबस, बच्चों का नहीं हो रहा एडमिशन

सरकारी नियमों से अभिभावक बेबस, बच्चों का नहीं हो रहा एडमिशन
प्राइवेट स्कूलों के बच्चों को सांदीपनि में नहीं मिलेगा प्रवेश, भोपाल से आए आदेश, स्कूलों ने नोटिस बोर्ड पर किया चस्पा

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। भोपाल से आया एक आदेश इन दिनों बच्चों और अभिभावकों के लिए मुसीबत बन गया है। इसके तहत सांदीपनि स्कूलों में प्राइवेट स्कूलों के बच्चों को प्रवेश के लिए मनाही है। ऐसा होने से आए दिन अभिभावकों और शिक्षकों के बीच तकरार हो रही है। शिक्षक दबी जुबान से बोल रहे हैं कि आदेश गलत है लेकिन वे चाहकर भी कुछ नहीं कर सकते, क्योंकि सरकारी फरमान न मानने से उनके सामने कई समस्याएं खड़ी हो जाएंगी।

बताया जाता है कि शहर में पहले 10 सांदीपनि स्कूल थे जिन्हें बाद में 15 कर दिया गया। पहले इनका नाम पीएम श्री स्कूल था और बाद में नाम बदलकर सांदीपनि स्कूल कर दिया गया। इन स्कूलों में प्रवेश की प्रक्रिया लॉटरी के माध्यम से होती है। अब एक आदेश दिया गया है जिसके कारण विवाद हो रहा है। इस आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि केवल सरकारी स्कूलों के बच्चों को ही सांदीपनि में प्रवेश दिया जाए।

इसका सीधा मतलब है कि यदि प्राइवेट स्कूल में पढ़ा कोई बच्चा सांदीपनि स्कूल में प्रवेश चाहेगा तो उसे साफ मना कर दिया जाएगा। इस सम्बंध में जिला शिक्षा अधिकारी को भेजे आदेश में प्रमोद सिंह संचालक लोक शिक्षण मप्र ने कहा है कि नवीन भवन में संचालित सांदीपनि विद्यालयों में निकटस्थ शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक विद्यालयों से प्रवेश कराए गए थे।

पूर्व में जारी मॉडलवार नामांकन सीमा को निर्मित भवन के कक्षों की क्षमता के आधार पर पुनरीक्षित किया गया है। विद्यालयवार रिक्तियों की संख्या के आधार पर शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक विद्यालयों से प्रवेश सुनिश्चित कराया जाए एवं एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर नामांकन की प्रविष्टि सुनिश्चित करें।

रिक्त सीटों पर शासकीय विद्यालय के विद्यार्थियों को ही प्रवेश दिया जाएगा। किसी मामले में बेहद आवश्यक है तो भी इसकी सूचना जिला स्तर के साथ भोपाल को दी जाए, उसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाए।

प्रबंधन भी परेशान बच्चों का क्या दोष

इस मामले में स्कूलों का प्रबंधन भी परेशान हो चुका है। रोजाना अभिभावक बच्चों के साथ स्कूल पहुंच रहे हैं और प्रवेश की मांग कर रहे हैं लेकिन कोई कुछ नहीं कर पा रहा है। आसपास स्कूल न होना या फिर किन्हीं अन्य वजहों से अभिभावक पहले बच्चों को 5वीं या 8वीं कक्षा तक प्राइवेट में पढ़ाई करवा देते हैं और बाद में सरकारी स्कूल में बच्चों को पढ़ाते हैं। ऐसे अभिभावकों को अब परेशानी उठानी पड़ रही है।

पूर्व पार्षद ने जताया विरोध

इस मामले को लेकर अधारताल सांदीपनि स्कूल में पूर्व पार्षद शाबान मंसूरी ने विरोध जताया। उन्होंने बताया कि इरम फातिमा, परवीन, उमेरा और धारणा यादव जैसी बच्चियां स्कूल में प्रवेश के लिए पालकों के साथ पहुंची थीं लेकिन प्रबंधन ने मना कर दिया। बच्चे मायूस हो गए। मंसूरी ने कहा कि शासन का यह बेतुका आदेश है और इसे वापस लेना चाहिए।

शासन से आदेश हैं कि केवल सरकारी स्कूलों के बच्चों को ही सांदीपनि स्कूलों में प्रवेश दिया जाए तो यह आदेश हमें मानना ही होगा। जो भी अभिभावक आ रहे हैं उन्हें जानकारी दी जा रही है। स्कूल के बोर्ड पर भी सरकारी आदेश चिपका दिया गया है।

प्रकाश पालीवाल, प्राचार्य सांदीपनि अधारताल

Created On :   7 April 2026 5:53 PM IST

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