Jabalpur News: सिस्टम की ‘सुस्ती’ ने बढ़ाई तीमारदारों की आफत, कतार में खड़े-खड़े टूट रहा सब्र

सिस्टम की ‘सुस्ती’ ने बढ़ाई तीमारदारों की आफत, कतार में खड़े-खड़े टूट रहा सब्र
मेडिकल कॉलेज में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना हुआ कठिन, घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर परिजन

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। जब कोई अपना इस दुनिया में आता है, तो खुशी होती है और जब कोई छोड़कर चला जाता है, तो पहाड़ सा दुख टूटता है लेकिन नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों के परिजनों के लिए यह खुशी और गम, दोनों ही अब एक अंतहीन प्रशासनिक प्रताड़ना में बदल गए हैं।

वजह है जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के पोर्टल में हुआ नया बदलाव, जिसने आम जनता को आर्थो ओपीडी के आगे तक लंबी और थका देने वाली कतारों में खड़ा कर दिया है। सिस्टम की ‘सुस्ती’ ने तीमारदारों की आफत बढ़ा दी है। यह परेशानी सिर्फ जबलपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे महाकौशल, विंध्य और बुंदेलखंड से आए गरीब और बेबस लोग गर्मी और उमस में अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।

कछुआ चाल के कारण लोगों को डर है कि कहीं उनका समय न निकल जाए। नए नियम से पहले रोजाना 250 प्रमाण पत्र तक मेडिकल कॉलेज में बन रहे थे, लेकिन अब लगातार 12 घंटे काम करने के बाद भी मुश्किल से 100 ही बन पा रहे हैं। कर्मचारियों ने अधिकारियों तक शिकायत तो पहुंचाई है लेकिन सिस्टम के इस अपग्रेड ने फिलहाल आम जनता का जीना मुहाल कर रखा है।

डिस्चार्ज के बाद भी भटकने को मजबूर माताएं-

जानकारी के अनुसार नियम था कि प्रसूता (माता) के डिस्चार्ज होने से पहले ही नवजात का जन्म प्रमाण पत्र थमा दिया जाए, ताकि उन्हें दोबारा न भटकना पड़े लेकिन अब यह राहत छिन चुकी है। नवजात बच्चों को गोद में लिए माताएं और उनके परिजन घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं। दूर-दराज से आए लोगों का कहना है कि इलाज का तनाव तो था ही, अब इस नए नियम ने मानसिक रूप से तोड़कर रख दिया है।

एक खिड़की, इंतजार और टूटता सब्र-

परिजनों की इस परेशानी की सबसे बड़ी वजह पोर्टल का नया नियम है। पहले जहां 6 कम्प्यूटरों पर फटाफट काम होता था, वहीं अब एक ओटीपी से सिर्फ एक कम्प्यूटर और एक ही टैब खुलता है।

इसी इकलौती आईडी से जन्म का रजिस्ट्रेशन भी होना है, मृत्यु का भी और सर्चिंग भी। नतीजा यह है कि अब 6 की बजाय सिर्फ एक कम्प्यूटर पर काम हो रहा है। जो परिजन सुबह 8 बजे उम्मीद लेकर लाइन में लगते हैं, उनका नंबर शाम तक आ रहा है।

Created On :   4 Jun 2026 3:58 PM IST

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