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Jabalpur News: लोकतांत्रिक प्रथाओं को मजबूत करने में युवाओं की अहम भूमिका- जस्टिस करोल

- डीएनएलयू में संविधान के 75 वर्ष पूरे होने पर व्याख्यान का हुआ आयोजन
- जस्टिस करोल ने पिछले 75 वर्षों में भारतीय संविधान के विकास पर प्रकाश डाला।
Jabalpur News: सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति संजय करोल ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रथाओं को मजबूत बनाने में युवाओं की अहम भूमिका रहती है। जिम्मेदार नागरिक की भागीदारी, सार्थक सार्वजनिक संवाद और सक्रिया संस्थागत सहभागिता के जरिए लोकतंत्र को मजबूती प्रदान की जा सकती है। वे शुक्रवार को धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में आयोजित व्याख्यान में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
व्याख्यान का विषय "संविधान के 75 वर्ष: जागरूकता से कार्य तक आधुनिक भारत में संवैधानिक उत्तरदायित्व के उत्प्रेरक के रूप में युवा" था। इस दौरान मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा, जस्टिस विवेक अग्रवाल, कुलपति प्रो. (डॉ.) मनोज कुमार सिन्हा और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता सिद्धार्थ राधेलाल गुप्ता मंचासीन थे।
जस्टिस करोल ने पिछले 75 वर्षों में भारतीय संविधान के विकास पर प्रकाश डाला। उन्होंने लोकतंत्र, मौलिक अधिकारों और मानवीय गरिमा की रक्षा में संविधान की शाश्वत प्रासंगिकता पर बल दिया। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा ने कहा कि युवा अपनी विधिक सहायता, जनहित वकालत और नागरिक शिक्षा के माध्यम से संवैधानिक जागरूकता और जमीनी स्तर की कार्रवाई के बीच की खाई को पाटने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
अधिवक्ता सिद्धार्थ गुप्ता ने परिवर्तन के वाहक के रूप में युवाओं की गतिशील भूमिका पर प्रकाश डाला। कुलसचिव डॉ. प्रवीण त्रिपाठी ने कार्यक्रम का संचालन और विधि के सहायक प्रोफेसर शशांक पाठक ने आभार प्रदर्शित किया। इस दौरान डॉ. श्रुति नंदवाना की अध्यक्षता में कॉर्पोरेट लॉ एवं प्रशासन केंद्र (सीसीएलजी) द्वारा एक ब्लॉग का भी उद्घाटन किया गया।
Created On :   30 Aug 2025 5:46 PM IST