जबलपुर न्यूज: तहसीलदार से जानकारी छिपाकर नामांतरण आदेश जारी कराने पर रीडर निलंबित

तहसीलदार से जानकारी छिपाकर नामांतरण आदेश जारी कराने पर रीडर निलंबित
मझौली तहसील का मामला: पूर्व में खारिज हो चुका था प्रकरण, अपील भी हो चुकी थी निरस्त

डिजिटल डेस्क जबलपुर।

मझौली तहसील कार्यालय में पदस्थ रीडर सिद्धार्थ राय को कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कलेक्ट्रेट रहेगा। उन पर आरोप है कि पूर्व में नामांतरण का जो प्रकरण निरस्त हो कर दिया था और उसकी अपील भी खारिज कर दी गई, उसकी प्रकरण को दूसरे तहसीलदार के समक्ष प्रस्तुत कर वस्तुस्थिति से अवगत कराए बिना ही नामांतरण आदेश जारी करा लिया गया।

इस मामलें में बताया गया कि आवेदक अंकित जैन और संचित सोनी ग्राम द्वारा खसरा नंबर 159, रकबा 0.16 है। जिसके नामांतरण के लिए तहसीलदार मझौली के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया गया। उक्त प्रकरण को न्यायालय तहसीलदार मझौली द्वारा खारिज कर दिया गया था। इस के बाद उक्त भूमि से संबंधी नामांतरण प्रकरण की अपील न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी सिहोरा के समक्ष प्रस्तुत की गई, जिसे एसडीएम सिहोरा द्वारा 18 जून 2026 को खारिज कर तहसीलदार के आदेश को यथावत रखा गया है।

नए तहसीलदार से तथ्य छिपाकर कराया आदेश:

बताया गया है कि इसके बाद मझाैली तहसील कार्यालय में नए तहसीलदार की पदस्थापना के बाद उक्त भूमि का नामांतरण प्रकरण नए सिरे से प्रस्तुत किया गया। इस दौरान रीडर सिद्धार्थ राय द्वारा वरिष्ठ न्यायालय में अपील के प्रकरण व पूर्व खारिज किए गए प्रकरण की जानकारी न्यायालय को नहीं दी गई, नियमानुसार रीडर को यह जानकारी प्रस्तुत करना चाहिए था। इस तरह न्यायालय को गुमराह करके उक्त प्रकरण में अंतिम आदेश कराया गया। जिसकी जानकारी मिलते ही तहसीलदार मझौली द्वारा इस नए आदेश को भी निरस्त कर दिया गया।

कारण बताओं नोटिस का जबाव भी नहीं:

बताया गया है कि इस अनियमितता के चलते तहसीलदार द्वारा 19 अगस्त 2026 को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है, जिसके संबंध में उक्त रीडर द्वारा कोई जबाव प्रस्तुत नहीं किया गया। जिसके चलते एसडीएम सिहोरा द्वारा उक्त रीडर के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने की अनुशंसा की गई।


Created On :   22 Sept 2026 6:48 PM IST

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